बस्ती में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार, 103 कार्ड बरामद

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रिपोर्ट – राकेश गिरी

बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालने और धोखाधड़ी करने वाले कथित अंतरराज्यीय सांसी गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कलवारी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 103 एटीएम कार्ड, 15,430 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, एक पीओएस (स्वाइप) मशीन, कूटरचित नंबर प्लेट और वारदात में इस्तेमाल की गई किआ कार बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, पीओएस मशीन की जांच में 4 से 15 अक्टूबर के बीच कुल 3,04,061 रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की इस कार्रवाई से एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ है। वहीं, मामले में अन्य संभावित घटनाओं और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच भी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के हिसार जिले के डाटा गांव निवासी बिट्टू कुमार (35), राहुल (22), पेटवाड़ निवासी आर्यन (25) और खुगढ़ गांव निवासी मनीष (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मनीष का वर्तमान पता दिल्ली के सुल्तानपुरी क्षेत्र का है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद सामग्री को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। बरामद 103 एटीएम कार्ड अलग-अलग बैंकों के बताए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड मिलने के बाद पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कार्डों का इस्तेमाल किन-किन लोगों के साथ धोखाधड़ी करने में किया गया।

मदद के बहाने बदल देते थे एटीएम कार्ड

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 11 अक्टूबर को कलवारी थाना क्षेत्र के कुसौरा बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम पर हुई घटना से हुई। यहां आफताब आलम रुपये निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान एटीएम के पास मौजूद दो आरोपियों ने उनकी मदद करने का बहाना बनाया और उन्हें बातचीत में उलझा लिया।

आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने आफताब आलम का एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने धोखे से उनका पिन भी जान लिया। बाद में आरोपियों ने दूसरे कार्ड के जरिए उन्हें भ्रमित किया और वहां से चले गए। इसके बाद पीड़ित के खाते से 30 हजार रुपये निकाल लिए गए।

घटना की शिकायत मिलने पर कलवारी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 246/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस और सर्विलांस टीम ने आरोपियों की पहचान करने तथा उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए कार्रवाई तेज की।

ग्रामीण इलाकों के एटीएम को बनाते थे निशाना

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात करने का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपी किआ कार से दूसरे राज्यों और जिलों में जाते थे। इसके बाद वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम को निशाना बनाते थे, जहां लोगों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने के बाद वारदात को अंजाम देते थे।

आरोप है कि गिरोह के सदस्य एटीएम से करीब 100 मीटर की दूरी पर अपनी गाड़ी खड़ी कर देते थे। इसके बाद दो सदस्य एटीएम के पास पहुंचते और रुपये निकालने आए लोगों को मदद की पेशकश करते थे। इसी दौरान वे लोगों का एटीएम कार्ड बदल लेते और उनका पिन हासिल करने की कोशिश करते थे।

कार्ड बदलने के बाद आरोपी कथित तौर पर दूसरे एटीएम से नकदी निकालते थे। इसके अलावा, उनके पास मौजूद भारतपे पीओएस मशीन के जरिए भी रकम ट्रांसफर की जाती थी। इस तरीके से वे लोगों को तत्काल धोखाधड़ी का पता चलने से पहले ही उनके खातों से रकम निकालने या स्थानांतरित करने का प्रयास करते थे।

पीओएस मशीन से 3.04 लाख रुपये ट्रांसफर

पुलिस के अनुसार, बरामद पीओएस मशीन की जांच में 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच कुल 3,04,061 रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। मशीन गुजरात की एक फर्म के नाम पर बताई गई है। हालांकि, इस मशीन से जुड़े सभी लेनदेन, उनके लाभार्थियों और संबंधित खातों की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बस्ती के अलावा लखनऊ, खलीलाबाद और वाराणसी समेत अन्य जिलों में भी वारदात करने की बात बताई है। इन स्थानों पर दर्ज शिकायतों और सामने आए मामलों से आरोपियों की भूमिका का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही सभी घटनाओं में उनकी संलिप्तता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी बिट्टू कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न थानों में चोरी, धोखाधड़ी और अन्य आरोपों से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मनीष और राहुल के खिलाफ लखनऊ के चिनहट थाने में दर्ज मामलों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, आर्यन के खिलाफ सहारनपुर जीआरपी में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब दूसरे राज्यों और जिलों में भी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही, बरामद एटीएम कार्डों के वास्तविक धारकों की पहचान करने और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन कार्डों का इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ।

संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी

इस कार्रवाई में कलवारी के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार, सर्विलांस प्रभारी शेषनाथ यादव, उपनिरीक्षक स्वामीनाथ सिंह और रामकुवर समेत थाना कलवारी तथा सर्विलांस टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

एटीएम इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी

इस घटना के बाद बैंक ग्राहकों के लिए एटीएम का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना जरूरी है। एटीएम में किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें और अपना पिन किसी के साथ साझा न करें। पिन डालते समय कीपैड को हाथ से ढकें तथा मशीन में कार्ड डालने से पहले उसकी स्थिति पर ध्यान दें।

यदि कोई व्यक्ति मदद के बहाने कार्ड वापस देता है, तो कार्ड पर अपना नाम और बैंक की जानकारी जांच लें। खाते से अनधिकृत रकम निकलने या संदिग्ध लेनदेन का संदेश मिलने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

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