लखनऊ में पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर, UPI से 2,000 से अधिक भुगतान पर रोक
रिपोर्ट – अनुग्रह देवी
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पेट्रोल और डीजल खरीदने वाले वाहन चालकों के लिए भुगतान से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। लखनऊ पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 2,000 से अधिक का भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अनुसार, यह कदम डिजिटल भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में उठाया गया है। इस निर्णय को 15 अक्टूबर से लागू करने की बात कही गई है।
एसोसिएशन के इस फैसले का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो पेट्रोल पंपों पर बड़ी रकम का भुगतान फोनपे, गूगल पे, पेटीएम या अन्य UPI एप के माध्यम से करते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था के तहत 2,000 तक के UPI भुगतान स्वीकार करने की बात कही गई है। इससे अधिक की रकम का भुगतान करने के लिए ग्राहकों को पेट्रोल पंप पर उपलब्ध अन्य भुगतान विकल्पों की जानकारी लेनी होगी।
MDR के विरोध में पेट्रोल डीलर्स का फैसला
लखनऊ पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने UPI भुगतान पर MDR से जुड़े मुद्दे को लेकर यह निर्णय लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि डिजिटल भुगतान से संबंधित शुल्क का विरोध दर्ज कराने के लिए पेट्रोल पंप संचालक 2,000 से अधिक के UPI लेनदेन स्वीकार नहीं करेंगे।
दरअसल, पेट्रोल पंपों पर नकद के साथ-साथ डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में भुगतान व्यवस्था से जुड़े शुल्क और नियम कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में एसोसिएशन ने UPI से होने वाले बड़े भुगतान को सीमित करने का फैसला किया है।
हालांकि, इस निर्णय के पीछे MDR से जुड़ी सटीक शुल्क दर, संबंधित भुगतान व्यवस्था और प्रत्येक पेट्रोल पंप पर लागू होने वाली शर्तों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए ग्राहकों को भुगतान करते समय संबंधित पेट्रोल पंप से नियमों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
सभी सदस्यों ने जताई सहमति
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, बुधवार को आयोजित चर्चा के दौरान सदस्यों ने इस निर्णय पर सहमति जताई। इसके बाद एसोसिएशन की ओर से सभी संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों से 2,000 से अधिक का UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का अनुरोध किया गया।
लखनऊ पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह और महासचिव आलोक त्रिवेदी ने इस संबंध में सदस्यों से सहयोग करने की अपील की है। उनका उद्देश्य भुगतान पर MDR से जुड़े मुद्दे के विरोध को सामूहिक रूप से सामने लाना है।
इसके साथ ही, एसोसिएशन के इस फैसले से राजधानी के पेट्रोल पंपों पर भुगतान प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक स्थिति संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से लागू की जाने वाली व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों को कैसे करना होगा भुगतान?
इस फैसले के बाद वाहन चालकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पेट्रोल या डीजल भरवाने का बिल 2,000 से अधिक हो जाता है, तो भुगतान कैसे किया जाएगा। ऐसी स्थिति में ग्राहकों को पेट्रोल पंप पर उपलब्ध वैकल्पिक भुगतान माध्यमों के बारे में पहले ही जानकारी लेनी चाहिए।
उदाहरण के लिए, यदि किसी ग्राहक को 2,500 का पेट्रोल या डीजल भरवाना है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित पंप पर इतनी रकम का भुगतान किस माध्यम से स्वीकार किया जा रहा है। ग्राहक नकद या उपलब्ध अन्य भुगतान विकल्पों के बारे में कर्मचारी से पूछ सकते हैं।
हालांकि, यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सभी पेट्रोल पंपों पर कार्ड, नकद और अन्य डिजिटल माध्यमों की उपलब्धता एक जैसी होगी। इसलिए ईंधन भरवाने से पहले भुगतान की शर्तों की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
डिजिटल भुगतान करने वालों के लिए जरूरी सलाह
आज के समय में बहुत से लोग नकदी साथ रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं। विशेष रूप से शहरों में पेट्रोल पंपों पर UPI का उपयोग आम हो गया है। ऐसे में 2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित सीमा का असर नियमित ग्राहकों और अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने वाले वाहन चालकों पर पड़ सकता है।
इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल पंप पर पहुंचने से पहले भुगतान के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी कर लें। यदि भुगतान की रकम 2,000 से अधिक होने की संभावना है, तो वैकल्पिक व्यवस्था रखना सुविधाजनक होगा। इससे भुगतान के दौरान अनावश्यक असुविधा से बचा जा सकता है।
इसके अलावा, ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि एसोसिएशन का यह फैसला MDR के विरोध से संबंधित है। इसे UPI सेवा के पूरी तरह बंद होने या सभी प्रकार के डिजिटल भुगतान पर रोक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा यह फैसला?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी लखनऊ पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के निर्णय से संबंधित है। इसलिए इसे पूरे उत्तर प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू मानना उचित नहीं होगा। अन्य जिलों में पेट्रोल पंप संचालकों की व्यवस्था या संबंधित एसोसिएशन का निर्णय अलग हो सकता है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में 15 अक्टूबर से UPI भुगतान को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की प्रस्तावित व्यवस्था ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह और महासचिव आलोक त्रिवेदी ने सदस्यों से 2,000 से अधिक का UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का अनुरोध किया है। अब ग्राहकों के लिए बेहतर यही होगा कि वे ईंधन खरीदने से पहले भुगतान के नियमों की पुष्टि करें और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक माध्यम तैयार रखें।

