सोनभद्र में 65 लाख की अवैध शराब बरामद, लाहौरी जीरा की पेटियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे तस्कर
रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत एक ट्रक से करीब 65 लाख रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। तस्करी के लिए अपनाए गए तरीके ने जांच टीम का ध्यान आकर्षित किया। आरोपी शराब की पेटियों को लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे, ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो।
पुलिस के अनुसार, शराब की कुल 625 पेटियों में 9,588 शीशी बरामद हुई हैं। इसके अतिरिक्त ट्रक, कोल्ड ड्रिंक की पेटियां, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया गया। सभी बरामद वस्तुओं की अनुमानित कीमत करीब 93 लाख रुपये बताई गई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
नवरात्र और दशहरा को लेकर चल रही थी वाहन जांच
पुलिस के मुताबिक, शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व के मद्देनजर जिले में संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में 14 और 15 अक्टूबर की मध्यरात्रि रॉबर्ट्सगंज थाना पुलिस, एसओजी तथा हिन्दुआरी, चुर्क और लोढ़ी चौकी की संयुक्त टीम सड़क पर जांच अभियान चला रही थी।
इसी दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चुर्क की ओर सड़क किनारे एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रक की तलाशी लेने का निर्णय लिया।
ट्रक में नसीब चन्द राजपूत और कृष्णपाल राजपूत सवार थे। पुलिस ने दोनों से वाहन में लदे सामान और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। इस दौरान उनके बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आने पर पुलिस ने ट्रक की विस्तृत तलाशी ली।
लाहौरी जीरा की पेटियों के नीचे छिपाई गई थी शराब
तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रक में लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की पेटियां दिखाई दीं। हालांकि, जब सामान की गहराई से जांच की गई तो उनके नीचे अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। इसके बाद पुलिस ने शराब की पेटियों को बाहर निकलवाकर उनकी गिनती और जांच की।
पुलिस के अनुसार, ट्रक से रॉयल स्टैग और रॉयल ग्रीन ब्रांड की कुल 625 पेटियां बरामद हुईं। इनमें शराब की 9,588 शीशी शामिल थीं। बरामद बोतलों पर ‘Only for Punjab Sale’ अंकित था। इससे शराब के निर्धारित बिक्री क्षेत्र और उसके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच का विषय सामने आया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी शराब के परिवहन और बिक्री से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी आधार पर शराब को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी 15 अक्टूबर की रात लगभग 1 बजकर 8 मिनट पर की गई।
हरियाणा से झारखंड ले जाई जा रही थी शराब
प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, शराब हरियाणा के पानीपत और पंचकूला से झारखंड की राजधानी रांची ले जाई जा रही थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि शराब की खेप कहां से लोड की गई थी और इसे रांची में किस व्यक्ति या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था।
इस मामले में शराब की पेटियों के साथ बड़ी संख्या में कोल्ड ड्रिंक की पेटियां मिलने से परिवहन के तरीके की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तरह से शराब की खेप पहले भी अलग-अलग राज्यों में पहुंचाई गई है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक का स्वामी कौन है और उसे इस खेप की जानकारी थी या नहीं।
ट्रक, मोबाइल फोन और कोल्ड ड्रिंक समेत सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध शराब के अतिरिक्त 1,275 यूनिट लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक, एक ट्रक, दो मोबाइल फोन और परिवहन से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। पुलिस के अनुसार, शराब की कीमत करीब 65 लाख रुपये है, जबकि शराब, ट्रक, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सामान सहित कुल बरामदगी का अनुमानित मूल्य लगभग 93 लाख रुपये है।
इस कार्रवाई में पुलिस और एसओजी के साथ हिन्दुआरी, चुर्क तथा लोढ़ी चौकी की टीम शामिल रही। संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध वाहनों की जांच करना था।
आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद रॉबर्ट्सगंज थाने में आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अब शराब की आपूर्ति के स्रोत, परिवहन में शामिल व्यक्तियों, ट्रक के स्वामित्व और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप को झारखंड पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाना था।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
सोनभद्र की इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। हरियाणा से झारखंड तक शराब पहुंचाने की कथित योजना और दूसरे राज्यों में इसके वितरण से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता शराब की आपूर्ति श्रृंखला और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इससे पहले कितनी बार इस तरह शराब का परिवहन किया गया था।

