संत कबीर नगर में शिक्षक निर्वाचन 2026 की तैयारी तेज, 7 मतदान केंद्रों पर 1540 मतदाता करेंगे मतदान

d2097f77-bd8b-4368-acd4-90e4a5878950 (1)

रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी 

संत कबीर नगर: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में संत कबीर नगर के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुज मलिक की अध्यक्षता में निर्वाचन कार्मिकों का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और माइक्रो ऑब्जर्वर को मतदान प्रक्रिया से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।

प्रशासन का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा मतदान से संबंधित प्रत्येक कार्य सावधानीपूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का पहले से निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया।

संत कबीर नगर में बनाए गए सात मतदान केंद्र

मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन से संबंधित प्रमुख जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए संत कबीर नगर जिले में कुल सात मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 1540 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 23 अक्टूबर 2026 को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया जाएगा। इस दौरान निर्वाचन ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। इसलिए उन्हें मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन सामग्री के प्रबंधन और मतदाताओं की पहचान से जुड़े नियमों की जानकारी दी जा रही है।

इसके अलावा, प्रशासन का जोर इस बात पर भी है कि मतदान केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था रहे, जिससे मतदाताओं को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मतदान प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में नियमों का पालन करना और निर्धारित समय के अनुसार कार्य करना भी आवश्यक होगा।

जिलाधिकारी अनुज मलिक ने दिए जरूरी निर्देश

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुज मलिक ने प्रशिक्षण में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों की गंभीरता से जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने पोलिंग सेंटर का भ्रमण भी कर लें। इससे मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का आकलन किया जा सकेगा और यदि कहीं कोई कमी दिखाई देती है, तो समय रहते उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान की पूरी प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। चूंकि यह चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा, इसलिए मतदेय स्थलों पर मतदान की गोपनीयता बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी है।

बैलेट पेपर से होगा मतदान, गोपनीयता पर विशेष जोर

शिक्षक निर्वाचन में बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। ऐसे में मतदान अधिकारियों को मतपत्रों के वितरण, मतदाता की पहचान, मतपत्र लेखा और मतपेटिका से संबंधित प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाए। इसके साथ ही, मतदाता को मतदान के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और निर्वाचन सामग्री को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जाए।

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि मतदान केंद्रों पर सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हों। किसी भी स्थिति में नियमों की अनदेखी न की जाए और मतदान से संबंधित अभिलेखों को सावधानीपूर्वक तैयार किया जाए।

मतदान अधिकारियों को दी गई बिंदुवार जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार डॉ. प्रभात द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन और मतदान प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा मतदान अधिकारियों के दायित्वों को बिंदुवार समझाया।

इस दौरान पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों के कार्यों, मतदान प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों तथा पोलिंग पार्टियों की रवानगी से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही, निर्वाचन सामग्री की जांच, उसके सुरक्षित रखरखाव और मतदान सूची के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।

इसके अतिरिक्त, मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति, मतपेटिका तैयार करने, बैलेट बॉक्स खोलने और सील करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। मतदाता द्वारा मत न देने का निर्णय करने जैसी परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

प्रशिक्षण में महिला मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं और विशेष ध्यान देने योग्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही, मतपत्र लेखा तैयार करने, मतदाता की पहचान के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अभिलेखों की जांच करने और मतदान के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न परिस्थितियों से निपटने के तरीकों के बारे में बताया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मतदान के दिन तैनात अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से समझें और प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को नियमानुसार पूरा कर सकें।

प्रशिक्षण में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी के अलावा उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव और उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

इसके अलावा, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी विनय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त उद्योग जितेंद्र कुमार गौतम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव और खंड शिक्षा अधिकारी खलीलाबाद महेंद्र प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण में जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और माइक्रो ऑब्जर्वर ने सहभागिता की।

23 अक्टूबर को होगा मतदान

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए संत कबीर नगर जिले में तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण निर्वाचन कार्मिकों के प्रथम प्रशिक्षण के साथ पूरा हुआ। अब संबंधित अधिकारियों को मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने, आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और निर्वाचन सामग्री की तैयारी पर ध्यान देना होगा।

कुल सात मतदान केंद्रों पर 1540 मतदाताओं के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान निर्धारित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, व्यवस्थित और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराने पर जोर रहेगा। ऐसे में मतदान से पहले प्रशिक्षण और केंद्रों की तैयारियां चुनाव प्रबंधन का अहम हिस्सा हैं।

You may have missed