वाराणसी में पशु आहार की आड़ में गांजा तस्करी का खुलासा, 32 किलो गांजे के साथ आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय
वाराणसी: वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांजे की एक खेप बरामद की है। सिगरा थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से करीब 32 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस का कहना है कि गांजे को ओडिशा से वाराणसी लाया गया था। तस्करी के दौरान पहचान से बचने के लिए इसे पशु आहार की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान पुलिस को पशु आहार के बीच छिपाए गए गांजे के 30 पैकेट मिले। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी जब्त कर लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, सिगरा थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ की खेप पहुंचने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में रखी पशु आहार की बोरियों की जांच की गई तो उनके बीच छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट बरामद हुए।
बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने गांजे और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है।
हालांकि, मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान, उसके खिलाफ दर्ज धाराओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पशु आहार की बोरियों के बीच छिपाई गई थी खेप
पुलिस के अनुसार, गांजे की तस्करी के लिए पशु आहार की बोरियों का इस्तेमाल किया गया था। गांजे को सामान्य सामान के बीच छिपाकर ले जाने का उद्देश्य जांच के दौरान संदेह से बचना हो सकता है। तलाशी में इसी तरीके से रखे गए 30 पैकेट बरामद किए गए।
इस बरामदगी से पुलिस को तस्करी में इस्तेमाल किए गए तरीके के बारे में जानकारी मिली है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप को वाराणसी तक लाने में किन लोगों की भूमिका रही।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजे की आपूर्ति के लिए किस मार्ग का इस्तेमाल किया गया था और शहर में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इन सवालों के जवाब आरोपी से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तलाशे जा रहे हैं।
ओडिशा से वाराणसी लाई गई थी गांजे की खेप
पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की खेप ओडिशा से वाराणसी लाई गई थी। इस मामले में करीब 32 किलोग्राम गांजे की बरामदगी की बात कही गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है।
हालांकि, इस खेप को ओडिशा में किस स्थान से प्राप्त किया गया था, इसे वाराणसी में कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं, इन बिंदुओं की जांच अभी महत्वपूर्ण है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर आपूर्ति से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस का ध्यान अब इसके स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने पर है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की खेप लेकर वाराणसी आया था या नहीं। साथ ही, परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन और यात्रा से संबंधित जानकारियों की भी जांच की जा सकती है।
मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में केवल खेप बरामद करना ही नहीं, बल्कि उसके स्रोत और वितरण से जुड़े लोगों की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा होता है। इसी क्रम में पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद गांजा केवल स्थानीय स्तर पर पहुंचाया जाना था या इसके पीछे दूसरे स्थानों तक फैला कोई आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल इस संबंध में किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
एसीपी चेतगंज ने दी कार्रवाई की जानकारी
इस मामले में वाराणसी कमिश्नरेट के एसीपी चेतगंज शुभम जैन ने पुलिस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, सिगरा थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान गांजे की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बरामद मादक पदार्थ, जब्त वाहन और आरोपी से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु आहार की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाए जा रहे करीब 32 किलोग्राम गांजे को बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, ओडिशा से लाई गई इस खेप की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस तस्करी के स्रोत, संभावित खरीदारों और आपूर्ति नेटवर्क की जांच में जुटी है।

