गोंडा में 12 वर्षीय बालक से दुराचार के मामले में आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया

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रिपोर्ट – आशीष कुमार 

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में तरबगंज थाना पुलिस ने 12 वर्षीय बालक के साथ दुराचार के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को धौरहार घाट रानीपुर तिराहे से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया। इस मामले में बालक के पिता की शिकायत पर 11 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू करते हुए आरोपी की तलाश की और मंगलवार, 13 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हरिओम चौबे पुत्र स्वर्गीय परमात्मा प्रसाद चौबे, निवासी ग्राम गिरधरपुर, थाना तरबगंज, जिला गोंडा के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

कोचिंग से घर लौटते समय की घटना का आरोप

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना तरबगंज क्षेत्र के ग्राम रेतादल सिंह पूरे रघुनाथ निवासी एक व्यक्ति ने 11 अक्टूबर 2026 को अपने करीब 12 वर्षीय पुत्र के साथ दुराचार किए जाने के संबंध में तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया कि बालक कोचिंग पढ़कर घर लौट रहा था। इसी दौरान हरिओम चौबे पर उसके साथ दुराचार करने का आरोप लगाया गया।

परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद जांच शुरू की गई और नामजद आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई की गई। चूंकि मामला एक नाबालिग बालक से संबंधित है, इसलिए जांच के दौरान संबंधित कानूनी प्रावधानों और बालक की निजता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

पुलिस ने मामले में उपलब्ध शिकायत और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगी।

भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा

पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना तरबगंज में मुकदमा संख्या 0317/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 का उल्लेख किया गया है।

पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया कानून है। इसके तहत नाबालिगों से जुड़े मामलों में शिकायत की जांच और कानूनी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। इस मामले में भी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होना या गिरफ्तारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ मामले की विवेचना और आरोपी की तलाश में क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मामले में वांछित अभियुक्त धौरहार घाट रानीपुर तिराहे पर मौजूद है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि करते हुए मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, कांस्टेबल यशवंत यादव और कांस्टेबल अंकित राय शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।

नाबालिग से जुड़े मामलों में गोपनीयता और सुरक्षा अहम

नाबालिगों से संबंधित अपराधों के मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ पीड़ित बच्चे की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग करते समय बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने से बचना चाहिए। इसलिए इस समाचार में बालक का नाम और उसकी पहचान से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल नहीं की गई है।

इसके अलावा, जांच से जुड़े तथ्यों को पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के रूप में प्रस्तुत करना जरूरी है, ताकि आरोपों और सिद्ध तथ्यों के बीच अंतर बना रहे। इस मामले में भी पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है, जबकि आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद होगा।

न्यायालय में पेशी के बाद आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया

तरबगंज थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है। अब मामले की आगे की प्रक्रिया संबंधित जांच और न्यायिक कार्यवाही के अनुसार आगे बढ़ेगी।

फिलहाल, गोंडा पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी के बाद यह मामला कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्य और न्यायालय में होने वाली कार्यवाही मामले के तथ्यों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।

गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बालक से दुराचार के आरोप के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त हरिओम चौबे को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मुकदमा 11 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुआ था और आरोपी की गिरफ्तारी 13 अक्टूबर को की गई।

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