मिशन नारी शक्ति: कानपुर के जरीब चौकी चौराहे पर पुलिस ने महिलाओं को किया जागरूक, सफर में सतर्क रहने की दी सलाह
रिपोर्ट – हरिशंकर शर्मा
कानपुर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मिशन नारी शक्ति फेज-6 के अंतर्गत कानपुर के सीसामऊ थाना क्षेत्र स्थित व्यस्त जरीब चौकी चौराहे पर पुलिस टीम ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान महिलाओं, युवतियों और छात्राओं को सार्वजनिक परिवहन में सफर करते समय सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के बारे में जानकारी दी गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें उपलब्ध सहायता सेवाओं से परिचित कराना और किसी भी असहज परिस्थिति में बिना झिझक पुलिस तक अपनी शिकायत पहुंचाने के लिए प्रेरित करना था।
सार्वजनिक वाहनों में सफर करते समय सतर्क रहने की सलाह
मिशन नारी शक्ति अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने जरीब चौकी चौराहे से गुजरने वाली महिलाओं और युवतियों से सीधे संवाद किया। इसके साथ ही ऑटो, टैक्सी, बस तथा अन्य सार्वजनिक वाहनों से यात्रा कर रही महिला यात्रियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
पुलिस टीम ने महिलाओं को समझाया कि यात्रा के दौरान उन्हें अपने आसपास की परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। विशेष रूप से वाहन चालक के व्यवहार, उसकी गतिविधियों और वाहन चलाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। यदि किसी महिला यात्री को चालक के नशे में होने, अनुचित व्यवहार करने या गलत नीयत से वाहन चलाने का संदेह हो, तो उसे स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी परिस्थिति में महिला यात्री को अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत सहायता मांगनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर पुलिस को सूचना देने में देरी नहीं करनी चाहिए। पुलिसकर्मियों ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस तत्पर है और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
महिला दारोगाओं ने किया जागरूक, सुरक्षा के बताए उपाय
इस जागरूकता अभियान में महिला दारोगा ममता कुमारी और महिला दारोगा मोनिका राज ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं को यात्रा के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या असहज व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति अथवा पुलिस से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, महिलाओं को अपनी समस्या बताने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी समझाया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जागरूकता और समय पर उचित कदम उठाने से भी जोखिम को कम किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों, सहायता सेवाओं और आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी रखनी चाहिए।
112, 1090 और 181 हेल्पलाइन की दी जानकारी
अभियान के दौरान महिलाओं और छात्राओं को आपातकालीन सहायता के लिए उपलब्ध महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने इन नंबरों का इस्तेमाल कब और किस प्रकार किया जा सकता है, इस बारे में भी बताया।
महिलाओं को मुख्य रूप से निम्नलिखित नंबरों के बारे में जागरूक किया गया:
- 112 – आपातकालीन सहायता: किसी तत्काल आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है।
- 1090 – वीमेन पावर लाइन: महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न और शिकायतों के लिए सहायता सेवा।
- 181 – महिला हेल्पलाइन: महिलाओं को सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने वाली हेल्पलाइन।
पुलिस टीम ने बताया कि संकट की स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध सहायता सेवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, परिस्थिति के अनुसार सही हेल्पलाइन का चयन करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए, ताकि वे दी गई जानकारी को याद रख सकें और आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग कर सकें।
पुलिसकर्मियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
जरीब चौकी चौराहे पर आयोजित इस अभियान में दारोगा संतोष सिंह, दारोगा सर्वेश कुमार तिवारी, महिला दारोगा ममता कुमारी और महिला दारोगा मोनिका राज मौजूद रहीं। वहीं, कांस्टेबल बृजबाला और सुमन ने भी जागरूकता अभियान में सक्रिय सहभागिता की।
पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और छात्राओं को अपनी शिकायत खुलकर बताने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने समझाया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, अनुचित व्यवहार या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही वाहन चालकों को भी महिला यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखने की हिदायत दी गई। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार या लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित मामले में नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
जरीब चौकी चौराहा कानपुर के व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवागमन करते हैं। ऐसे स्थान पर जागरूकता अभियान चलाने का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और छात्राओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाना था।
इस पहल के माध्यम से पुलिस ने महिलाओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों और सार्वजनिक परिवहन में सतर्कता बरतने के महत्व से परिचित कराया। साथ ही, उन्हें यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया कि परेशानी के समय पुलिस से संपर्क करना एक उचित कदम है।
कुल मिलाकर, मिशन नारी शक्ति फेज-6 के तहत चलाया गया यह अभियान महिला सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी मिलती है और वे अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सजग बन सकती हैं। इसके साथ ही, वाहन चालकों और आम नागरिकों में महिला यात्रियों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार का संदेश भी पहुंचता है।

