आजमगढ़ में चित्रकला प्रतियोगिता में 300 से अधिक बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, अंजली मौर्या बनीं शक्ति विजेता

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रिपोर्ट – पंकज श्रीवास्तव

आजमगढ़। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जिले में कला, संस्कृति और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अथर्व आर्ट फाउंडेशन की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। होटल ग्रैंड एसआर में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय मां दुर्गा रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने देवी के विभिन्न स्वरूपों, शक्ति और धार्मिक आस्था को अपनी कलाकृतियों में उकेरा।

कार्यक्रम का नेतृत्व अथर्व आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक अनुराग मौर्य ने किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने यह दिखाया कि नई पीढ़ी में कला के प्रति रुचि और अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त करने की क्षमता मौजूद है। इसके साथ ही, ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अनुभवी कलाकारों से प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।

अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ

चित्रकला प्रतियोगिता का शुभारंभ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, प्रसिद्ध मूर्तिकार शैलेंद्र सिंह सिद्धार्थ, नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष सरफराज आलम मंसूर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कमलेंद्र नाथ मिश्रा, सेंट जेवियर्स किंडरगार्टन स्कूल की प्रधानाध्यापिका यामिनी अरोड़ा तथा रेनबो हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पांडेय मौजूद रहे।

अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। वहीं, विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच मिला, जहां उनकी रचनात्मकता को पहचान और प्रोत्साहन दिया गया।

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य धार्मिक विषयों के प्रति विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति को अवसर देना भी रहा। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता के अनुसार देवी के विभिन्न स्वरूपों को चित्रों में प्रस्तुत किया।

तीन वर्गों में आयोजित हुई चित्रकला प्रतियोगिता

प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की शैक्षिक अवस्था और आयु के अनुरूप तीन वर्गों में विभाजित किया गया था। इससे अलग-अलग स्तर के प्रतिभागियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

वर्ग ‘अ’ में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। वर्ग ‘ब’ में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जबकि वर्ग ‘स’ स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित किया गया था।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में एसकेपी इंटर कॉलेज के रमेश चंद्र यादव और प्रसिद्ध कलाकार अचिंत्य शर्मा शामिल रहे। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की कलाकृतियों की गुणवत्ता, रचनात्मकता और विषय की प्रस्तुति के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

कलाकृतियों में विद्यार्थियों की मेहनत और कल्पनाशीलता को देखते हुए विजेताओं का चयन करना निर्णायक मंडल के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद निर्धारित वर्गों के अनुसार परिणाम घोषित किए गए।

इन विद्यार्थियों ने हासिल किए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान

प्रतियोगिता के परिणामों में तीनों वर्गों के प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वर्ग ‘अ’ में अथर्व मधेशिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि समीक्षा दूसरे और अथर्व सिंह तीसरे स्थान पर रहे।

वहीं, वर्ग ‘ब’ में शगुन सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया। योगिता यादव को द्वितीय तथा आर्या पाल को तृतीय स्थान मिला। इसी क्रम में स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के वर्ग ‘स’ में नंदिनी सैनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजली वर्मा दूसरे और संपदा सिंह तीसरे स्थान पर रहीं।

इन परिणामों के माध्यम से विभिन्न शैक्षिक स्तरों के विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान मिली। साथ ही, प्रतियोगिता ने बच्चों और युवाओं को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

अंजली मौर्या बनीं ‘शक्ति विजेता’, एक वर्ष तक मिलेगी निःशुल्क कला शिक्षा

इस आयोजन का विशेष आकर्षण ‘शक्ति विजेता’ श्रेणी रही। इस श्रेणी में अंजली मौर्या को विजेता चुना गया। उनकी उपलब्धि के साथ ही उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विशेष अवसर भी प्रदान किया गया।

अथर्व आर्ट फाउंडेशन की ओर से अंजली मौर्या को एक वर्ष तक निःशुल्क कला शिक्षा दी जाएगी। यह पहल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी कला को निखारने और आगे की संभावनाओं को तलाशने में मददगार साबित हो सकती है।

इसके अतिरिक्त, स्पेशल कैटेगरी में प्रिया को विजेता घोषित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। इस विशेष श्रेणी के माध्यम से प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों की उपलब्धियों को अलग से पहचान दी गई।

कला शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण पक्ष है। विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए यह पहल उपयोगी हो सकती है, जो अपनी कलात्मक प्रतिभा को विकसित करना चाहते हैं और नियमित मार्गदर्शन की तलाश में हैं।

प्रमाण-पत्र, स्मृति चिह्न और ईजल स्टैंड देकर किया सम्मानित

प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं, विजेताओं को मंच से प्रमाण-पत्र, स्मृति चिह्न और ईजल स्टैंड देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण अतिथियों और फाउंडेशन के संस्थापक अनुराग मौर्य ने किया।

सम्मान समारोह के दौरान विजेताओं की उपलब्धियों को सराहा गया। इसके साथ ही, सभी प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक क्षमता को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से विचार और भावनाएं व्यक्त करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के संस्थापक अनुराग मौर्य ने सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल के सदस्यों, प्रतिभागियों, अभिभावकों, सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

कुल मिलाकर, आजमगढ़ में आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता विद्यार्थियों की कला प्रतिभा को सामने लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनी। नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, रचनात्मक अभिव्यक्ति और कला शिक्षा को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया।

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