सोनभद्र में गरजे संजय सिंह, बोले- जमीन जबरन ली तो सड़क से सदन तक होगा संघर्ष!

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रिपोर्ट- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोनभद्र पहुंचकर विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण, चुनावी पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा। कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सप्रेस-वे के नाम पर स्थानीय लोगों की जमीन जबरन लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लोगों के अधिकारों की अनदेखी की गई, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

संजय सिंह के इस दौरे में स्थानीय समस्याओं के साथ आगामी चुनाव की तैयारियां भी प्रमुखता से चर्चा में रहीं। उन्होंने बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे उठाते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। साथ ही, विकास के नाम पर स्थानीय निवासियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

विंध्य एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण पर आंदोलन के संकेत

सोनभद्र में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान संजय सिंह ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के नाम पर लोगों की जमीन जबरन ली जा रही है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना को आगे बढ़ाते समय स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि प्रभावित परिवारों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जाता है, तो इससे लोगों में असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन को भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और प्रभावित लोगों की बात सुननी चाहिए।

संजय सिंह ने संकेत दिया कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन की रणनीति तैयार कर सकती है। उनके मुताबिक, यदि लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा, तो पार्टी पीछे नहीं हटेगी। इस बयान के बाद विंध्य एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण का मुद्दा स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

भूमि अधिग्रहण के अलावा संजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए भाजपा कार्यालय से सूचियां भेजी जाती हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए मतदाताओं से अपने नाम की जांच करने और मतदान के अधिकार के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

आप सांसद ने बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को जनता का समर्थन प्राप्त है, तो बैलेट पेपर से चुनाव होने पर भी उसे वोट मिलेंगे। उनके इस बयान के जरिए चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उनकी पार्टी की मांग सामने आई।

हालांकि, मतदाता सूची में कथित हस्तक्षेप से संबंधित आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित चुनावी अभिलेखों और निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उठाए सवाल

संजय सिंह ने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि मतदाताओं का भरोसा बना रहे।

उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी। इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गौरतलब है कि मतदाता सूची में संशोधन और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित किसी भी आरोप का आकलन संबंधित रिकॉर्ड, नियमों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर किया जाना चाहिए। इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

जंतर-मंतर पर कथित दुर्व्यवहार का मामला भी उठाया

सोनभद्र में अपने संबोधन के दौरान संजय सिंह ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समय कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने संबंधित घटनाक्रम पर कार्रवाई की मांग की।

आप सांसद ने कहा कि राज्यसभा सदस्य होने के बावजूद उन्हें तीन बार जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना जरूरी है। हालांकि, जंतर-मंतर पर कथित दुर्व्यवहार और अन्य आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर

संजय सिंह ने अपने दौरे के दौरान केवल भूमि अधिग्रहण और चुनावी मुद्दों तक ही बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि आम नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार, विकास योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे और किसी भी प्रभावित समुदाय की समस्याओं को अनसुना न किया जाए।

इसके अलावा, कार्यकर्ता सम्मेलन के माध्यम से पार्टी ने स्थानीय मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश की। भूमि अधिग्रहण, मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता को लेकर दिए गए बयानों से संकेत मिलता है कि आम आदमी पार्टी इन विषयों पर आगे भी अपनी गतिविधियां बढ़ा सकती है।

आगे क्या होगी आंदोलन की रणनीति?

सोनभद्र में संजय सिंह के दौरे के बाद अब निगाहें विंध्य एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद और पार्टी की अगली रणनीति पर रहेंगी। यदि आम आदमी पार्टी आंदोलन शुरू करती है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उसकी मांगें क्या होंगी और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल, संजय सिंह ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर संघर्ष का संकेत दिया है। वहीं, चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाबदेही की मांग की है।

कुल मिलाकर, सोनभद्र में उनका दौरा स्थानीय विकास, जमीन के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाने वाला रहा। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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