अमेठी: पिता की पहली पुण्यतिथि पर हजारों जरूरतमंदों को बांटे कंबल, कराया भोजन

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा

अमेठी। समाजसेवा और जरूरतमंदों की सहायता करना किसी व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अमेठी जिले के रामगढ़ निवासी सुधीर सिंह और शरद सिंह ने अपने पिता, समाजसेवी स्वर्गीय समरथ सिंह की पहली पुण्यतिथि पर सेवा और दान का आयोजन किया। इस अवसर पर हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए और उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही, ब्राह्मणों को ऊनी शॉल और वस्त्र दान किए गए। कार्यक्रम में शामिल गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित भी किया गया।

इस आयोजन के माध्यम से स्वर्गीय समरथ सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके समाजसेवा के कार्यों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। जरूरतमंदों की सहायता के लिए आयोजित इस पहल की लोगों ने सराहना की।

पूर्व मंत्री डॉ. अमिता सिंह ने अर्पित की श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री रानी डॉ. अमिता सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने स्वर्गीय समरथ सिंह के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि समरथ सिंह शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और जरूरतमंदों की सहायता करना उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

पूर्व मंत्री ने कहा कि भले ही स्वर्गीय समरथ सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे। उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता के लिए कभी प्रचार-प्रसार का सहारा नहीं लिया। उनकी मदद से लाभान्वित होने वाले लोग ही उनके सेवा कार्यों के बारे में दूसरों को बताते थे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में ऐसे लोगों का योगदान महत्वपूर्ण होता है, जो बिना किसी दिखावे के दूसरों की मदद करते हैं। ऐसे व्यक्तित्व समाज को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ लोगों को जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित भी करते हैं।

हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर कराया भोजन

स्वर्गीय समरथ सिंह की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता दी गई। इस दौरान हजारों गरीब और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए गए। इसके साथ ही निराश्रित और बुजुर्ग लोगों को भी कंबल प्रदान किए गए, ताकि उन्हें ठंड के मौसम में राहत मिल सके।

इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। आयोजन का उद्देश्य पुण्यतिथि को केवल स्मरण का अवसर बनाने के बजाय इसे समाजसेवा से जोड़ना था। जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना और उन्हें भोजन कराना इसी भावना का हिस्सा रहा।

वहीं, धार्मिक परंपराओं के अनुसार पिंडदान के बाद दान-पुण्य के कार्य भी किए गए। ब्राह्मणों को ऊनी शॉल और वस्त्र दान किए गए। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

इस तरह श्रद्धांजलि, धार्मिक परंपरा और जनसेवा को एक साथ जोड़ते हुए परिवार ने अपने पिता की स्मृति को सम्मान देने का प्रयास किया।

पिता के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

गांव निवासी और भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिता की पहली पुण्यतिथि पर पिंडदान के बाद हजारों गरीबों को कंबल वितरित करना और भोजन कराना सराहनीय कार्य है। यह आयोजन न केवल स्वर्गीय समरथ सिंह के प्रति परिवार के गहरे सम्मान और प्रेम को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना को भी सामने लाता है।

उन्होंने कहा कि किसी दिवंगत व्यक्ति की स्मृति में जरूरतमंदों की सहायता करना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। इससे दूसरे लोगों को भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों और निराश्रित लोगों की मदद करने की प्रेरणा मिलती है।

आज के समय में सामाजिक सहयोग की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती है। ऐसे में परिवारों और सामाजिक संगठनों की ओर से किए जाने वाले सेवा कार्य जरूरतमंद लोगों को राहत देने के साथ-साथ समाज में आपसी सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में स्वर्गीय समरथ सिंह को श्रद्धांजलि देने और परिवार की इस पहल में सहभागिता करने के लिए कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें अशोक सिंह, रामगढ़ के प्रधान प्रतिनिधि, धीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, बद्री प्रसाद सिंह और गया प्रसाद सिंह महाजन सहित अन्य लोग शामिल रहे।

सभी ने स्वर्गीय समरथ सिंह के प्रति सम्मान व्यक्त किया और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आयोजित कार्यक्रम की सराहना की। इस अवसर पर परिवार की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

समग्र रूप से अमेठी के रामगढ़ में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक सेवा, पारिवारिक संस्कार और मानवीय संवेदना का उदाहरण बना। सुधीर सिंह और शरद सिंह ने अपने पिता की पहली पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों को कंबल बांटकर और भोजन कराकर उनकी स्मृतियों को सम्मान दिया। साथ ही, इस पहल के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि किसी व्यक्ति को सच्ची श्रद्धांजलि उसके अच्छे कार्यों को याद रखने और समाजहित में सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने से दी जा सकती है।

 

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