औरैया में बेटी की हत्या का आरोप: पिता और मददगार गिरफ्तार, वन विभाग की जमीन में दफनाया था शव
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवती की हत्या कर उसके शव को वन विभाग की जमीन में दफनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता चंद्रप्रकाश और वारदात में कथित रूप से मदद करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और शव को दफनाने के लिए इस्तेमाल किया गया फावड़ा भी बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और सामाजिक बदनामी का डर सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
वन विभाग की जमीन में दफन मिला युवती का शव
यह पूरा मामला औरैया जिले के बेला थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को ग्राम प्रधान उसराहा ने फोन के माध्यम से सूचना दी कि दिलीपुर गांव के मोड़ के पास वन विभाग की जमीन में एक युवती का शव दफन है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया। नियमानुसार जमीन की खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी पूरी की। हालांकि, शव की पहचान नहीं हो पाने के कारण शुरुआत में पुलिस के सामने मामले की गुत्थी सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी।
सोशल मीडिया की मदद से हुई मृतका की पहचान
शव की पहचान करने और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों के साथ सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। पुलिस ने मृतका की तस्वीरें प्रसारित कीं, ताकि उसकी पहचान हो सके और परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी मिल सके।इसी क्रम में कन्नौज जिले के कपूरापुरा निवासी रजत ने पुलिस से संपर्क किया। तस्वीर देखकर उसने शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की। इसके बाद मामले में नया मोड़ आया और पुलिस को मृतका के परिवार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।मृतका के भाई की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। इसके साथ ही पुलिस ने परिवार से जुड़े लोगों और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या के पीछे परिवार के ही एक सदस्य की कथित भूमिका का संदेह हुआ।
पिता और मददगार को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने सर्विलांस टीम की सहायता से मामले की जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस मृतका के पिता चंद्रप्रकाश तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने चंद्रप्रकाश और वारदात में उसकी मदद करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दूसरा आरोपी चंद्रप्रकाश का भांजा बताया गया है। आरोप है कि उसने युवती की हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने में अपने मामा की सहायता की थी। हालांकि, घटना से संबंधित सभी तथ्यों और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और फावड़ा भी बरामद करने की जानकारी दी है। इन बरामद वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है, ताकि घटना से संबंधित परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके।
चाल-चलन को लेकर नाराजगी और बदनामी का डर बना हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के मुताबिक, आरोपी चंद्रप्रकाश दिल्ली में नौकरी करता था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बेटी के चाल-चलन को लेकर कथित नाराजगी और समाज में बदनामी होने के डर के कारण आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया।पुलिस का आरोप है कि चंद्रप्रकाश ने अपने भांजे की मदद से बेटी की हत्या की और बाद में उसके शव को वन विभाग की जमीन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों, घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।इस मामले ने परिवार के भीतर सुरक्षा, आपसी विश्वास और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी भी विवाद या असहमति की स्थिति में हिंसा का सहारा लेना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में शिकायत, संवाद और कानूनी सहायता जैसे रास्ते अपनाना आवश्यक है।
पुलिस की जांच जारी, आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर
औरैया पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच को आगे बढ़ाया है। पुलिस बरामद साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। साथ ही, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस घटना ने औरैया के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों का ध्यान खींचा है। वन विभाग की जमीन में युवती का शव मिलने से शुरू हुई जांच अब हत्या के आरोप में पिता और उसके कथित मददगार की गिरफ्तारी तक पहुंच चुकी है।
हालांकि, मामले में आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। पुलिस की जांच और न्यायिक कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

