बस्ती में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं का कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन, महिला सम्मान के मुद्दे पर उठाई आवाज, पढ़िए क्या

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रिपोर्ट -राकेश गिरी

बस्ती, उत्तर प्रदेश। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे को लेकर बस्ती स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय का घेराव किया। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर महिलाओं के प्रति अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और इस मामले में जवाबदेही की मांग की।

भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए कांग्रेस जिला कार्यालय तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई और महिलाओं के सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर जताया विरोध

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा महिला कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन जेएनयू प्रकरण के विरोध और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था। जिला कार्यसमिति सदस्य चंदा श्रीवास्तव, पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य सुमन सिंह, जिला उपाध्यक्ष शालिनी मिश्र और शिवानी सिंह के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला।

इसके बाद प्रदर्शनकारी कांग्रेस जिला कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने एकजुट होकर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने नारी सम्मान, न्याय और राजनीतिक दलों की जवाबदेही को लेकर अपनी बात रखी।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘कांग्रेस मुर्दाबाद’, ‘राहुल गांधी होश में आओ’ और ‘महिला विरोधी कांग्रेस हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

हालांकि, यह प्रदर्शन भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों और राजनीतिक विरोध के संदर्भ में आयोजित किया गया था। संबंधित प्रकरण में कांग्रेस का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

सुमन सिंह बोलीं—नारी सम्मान के लिए उठाते रहेंगे आवाज

प्रदर्शन के दौरान पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य सुमन सिंह ने कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अपमान से जुड़ा रहा है और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सुमन सिंह ने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि नारी सम्मान, न्याय और जवाबदेही के लिए उठाई गई आवाज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए वे आगे भी एकजुट होकर अपनी बात रखती रहेंगी।

उन्होंने राहुल गांधी की चुप्पी और इस प्रकरण में कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में राजनीतिक नेतृत्व को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाना केवल किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक दायित्व है। इसलिए राजनीतिक दलों को अपने सार्वजनिक बयानों और व्यवहार में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

राकेश श्रीवास्तव ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

प्रदर्शन में सदर ब्लॉक प्रमुख राकेश श्रीवास्तव भी शामिल रहे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों और महिला आरक्षण से जुड़े उसके रुख पर सवाल उठाए।

राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के नेता कभी महिलाओं के आरक्षण का विरोध करते हैं, तो कभी देश की नारी शक्ति के सम्मान से जुड़े विवाद सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि देश की मातृशक्ति महिलाओं के अपमान को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने महिला सम्मान को सामाजिक और राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को महिलाओं के प्रति अपने वक्तव्यों और व्यवहार में संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक जवाबदेही आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से महिला अधिकारों और सम्मान के मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की।

बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहीं मौजूद

बस्ती में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में रूबी, सीता देवी, कौशल्या, सीमा, कृष्णावती, अंशु, सुधा, शिवानी, शबनम, सीमा देवी, चिरैता देवी, गायत्री, सुनीता, बबिता, दुर्गावती, सुभवती, रेनू, खुशी, रोहिणी, तारा, साधना, मुस्कान, ज्योति, सानिया, गौरा देवी, रागिनी, शीला, सरस्वती, नीतू, लता देवी, मधु, पूनम, आशा, नीता और निमिषा सहित कई महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

इसके अलावा अमृत कुमार वर्मा, राजकुमार शुक्ल, अभिनव उपाध्याय और तारक जायसवाल समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने अपने संगठन की एकजुटता प्रदर्शित करते हुए महिलाओं के सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई। वहीं, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से इस प्रकरण पर जवाब देने की मांग की।

महिला सम्मान का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र

बस्ती में कांग्रेस जिला कार्यालय पर भाजपा महिला कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन महिला सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि इस मामले में सभी संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण सामने आना भी जरूरी है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात रखना नागरिकों तथा संगठनों का महत्वपूर्ण माध्यम है। हालांकि, किसी भी आरोप की निष्पक्ष समीक्षा के लिए तथ्यों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

फिलहाल, बस्ती में आयोजित इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने महिला सम्मान, न्याय और जवाबदेही के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में महिला सम्मान से जुड़े विषय को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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