सोनभद्र मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्रा बनी एक दिन की थानाध्यक्ष, सुनीं जनसमस्याएं

WhatsApp Image 2026-10-13 at 2.04.34 PM

रिपोर्ट- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत एक विशेष पहल की गई। इसके अंतर्गत कम्पोजिट विद्यालय टिकुरिया की एक छात्रा को एक दिन के लिए करमा थाने का थानाध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान छात्रा ने थाने में जनसुनवाई की और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में शारदीय नवरात्रि के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना रहा। इसके साथ ही छात्राओं को पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियों तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को मिला नेतृत्व का अवसर

मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। इसी क्रम में करमा थाने में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रा को पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला।

एक दिन की थानाध्यक्ष बनने के बाद छात्रा को थाने के कामकाज, पुलिस अधिकारियों की भूमिका और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। उसे बताया गया कि किसी भी नागरिक की शिकायत मिलने पर पुलिस किस प्रकार तथ्यों को समझती है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करती है।

इस पहल के माध्यम से छात्रा को यह समझने का अवसर मिला कि थानाध्यक्ष का पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की समस्याओं को सुनना, कानून के अनुसार निर्णय लेना और नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना भी शामिल है।

जनसुनवाई कर जानी पुलिस की कार्यप्रणाली

कार्यक्रम के दौरान छात्रा ने थाने में जनसुनवाई की और आमजन की समस्याओं को सुना। इस प्रक्रिया के जरिए उसे नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा उनके समाधान के लिए अपनाई जाने वाली प्रशासनिक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।

जनसुनवाई पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के सामने रखते हैं। इसके बाद शिकायत की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

इसी क्रम में छात्रा को बताया गया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधों की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सहायता करना, उनकी शिकायतों को सुनना और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित मार्गदर्शन देना भी पुलिस के दायित्वों में शामिल है।

इसके अलावा, कार्यक्रम ने छात्रा को प्रशासनिक कार्यों के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर दिया। किताबों में पढ़े जाने वाले कानून, नागरिक अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारियों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर समझना इस तरह की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

बालिकाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने पर जोर

मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम बालिकाओं को नेतृत्व की भूमिका से जोड़ने की दिशा में एक पहल है। अक्सर छात्राओं को पढ़ाई के दौरान प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस व्यवस्था और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बारे में सैद्धांतिक जानकारी मिलती है। हालांकि, इस तरह के कार्यक्रम उन्हें इन व्यवस्थाओं को करीब से देखने और समझने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं।

जब किसी छात्रा को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी दी जाती है, तो उसे निर्णय लेने, लोगों की बातें सुनने और प्रशासनिक कार्यों को समझने का अवसर मिलता है। इससे उसके भीतर आत्मविश्वास विकसित करने तथा भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।

साथ ही, इस तरह की गतिविधियां बालिकाओं को यह संदेश भी देती हैं कि वे अपनी योग्यता, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर प्रशासन, पुलिस, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में जागरूकता बढ़ाना भी इस अभियान का अहम पहलू है। अपने अधिकारों की जानकारी होने से बालिकाएं जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने और अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के प्रति अधिक जागरूक हो सकती हैं।

शिक्षा और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय की पहल

इस कार्यक्रम में कम्पोजिट विद्यालय टिकुरिया की प्रधानाध्यापिका पूजा पाण्डेय और शिक्षिका जमावन्ती देवी की उपस्थिति भी रही। विद्यालय और पुलिस विभाग के बीच इस तरह का समन्वय विद्यार्थियों को सामाजिक तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं से परिचित कराने में उपयोगी हो सकता है।

शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसलिए, जब विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा, नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित गतिविधियों में शामिल किया जाता है, तो उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद मिलती है।

इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग की ऐसी पहलें बालिकाओं और पुलिस के बीच संवाद को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करती हैं। इससे छात्राएं पुलिस व्यवस्था को समझ सकती हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के उचित माध्यमों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक करमा कमलेश पाल, थाना करमा की मिशन शक्ति टीम, कम्पोजिट विद्यालय टिकुरिया की प्रधानाध्यापिका पूजा पाण्डेय तथा शिक्षिका जमावन्ती देवी मौजूद रहीं।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आयोजित इस पहल के जरिए छात्रा को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम का केंद्र बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

कुल मिलाकर, सोनभद्र के करमा थाने में आयोजित यह कार्यक्रम मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की एक पहल के रूप में देखा जा सकता है। ऐसी गतिविधियों से छात्राओं को पुलिस व्यवस्था और नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और भविष्य में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए प्रेरित होने का अवसर भी मिलता है।

You may have missed