कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में गठिया रोगियों के लिए विशेष शिविर, 150 से अधिक मरीजों की जांच
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: विश्व गठिया दिवस 2026 के अवसर पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध लाला लाजपत राय (एलएलआर) अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में विशेष जागरूकता एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 150 से अधिक गठिया रोगियों की जांच की गई। इस दौरान मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार चिकित्सीय परामर्श दिया गया और आवश्यक जांचें कराई गईं। साथ ही, पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सा योजना सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर का उद्देश्य गठिया से पीड़ित लोगों को समय पर जांच और उचित उपचार के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से घुटनों और कंधों की गठिया से संबंधित समस्याओं की जांच की। इसके अलावा, मरीजों को बताया गया कि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
150 से अधिक मरीजों की हुई जांच
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार और उनकी विशेषज्ञ टीम ने शिविर के दौरान मरीजों की जांच की। ओपीडी में पहुंचे लोगों में विभिन्न प्रकार के गठिया से पीड़ित मरीज शामिल थे। चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आकलन किया और जरूरत के अनुसार आवश्यक जांच कराने की सलाह दी।
शिविर में लगभग 150 गठिया रोगियों का परीक्षण किया गया। इसके बाद मरीजों की स्थिति के अनुरूप उचित निदान और उपचार की दिशा में कदम उठाए गए। जिन मरीजों को दवाओं, चिकित्सीय सलाह या आगे की जांच की आवश्यकता थी, उन्हें उसी आधार पर मार्गदर्शन दिया गया।
वहीं, जिन मरीजों की स्थिति में ऑपरेशन की जरूरत महसूस हुई, उन्हें आवश्यक जांच कराने और अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में आगे उपचार के लिए संपर्क करने की सलाह दी गई। इस प्रकार शिविर के माध्यम से मरीजों को बीमारी की स्थिति समझने और उपचार की उचित प्रक्रिया अपनाने में मदद मिली।
गठिया का समय पर उपचार जरूरी
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गठिया से पीड़ित मरीजों का उपचार उचित चिकित्सीय सलाह और उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से कम खर्च में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को बीमारी की अनदेखी करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
गठिया जोड़ों को प्रभावित करने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का एक समूह है। इसके अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं और हर मरीज में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या होती है, जबकि अन्य को सूजन या दैनिक गतिविधियां करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सही कारण की पहचान और उपचार की योजना बनाने के लिए चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घुटनों और कंधों में लगातार परेशानी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच से मरीज की स्थिति का आकलन करने और उसके अनुरूप उपचार तय करने में मदद मिलती है।
हालांकि, हर गठिया रोगी को ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती। उपचार का तरीका बीमारी के प्रकार, उसकी गंभीरता और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। ऐसे में विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही उपचार कराना उचित है।
आयुष्मान भारत योजना से पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज
शिविर के दौरान सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सा योजना या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत पात्र मरीजों को निर्धारित नियमों के अनुसार निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस सुविधा का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र मरीजों को उपचार प्राप्त करने में सहायता देना है। कई बार बीमारी के इलाज पर होने वाले खर्च को लेकर मरीज अस्पताल पहुंचने में देर कर देते हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, निःशुल्क उपचार का लाभ संबंधित योजना की पात्रता, स्वीकृत उपचार और लागू नियमों के अनुसार मिलता है। इसलिए मरीजों को अस्पताल में संबंधित योजना के तहत अपनी पात्रता और उपचार की उपलब्धता की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में भी करा सकते हैं जांच
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग ने गठिया से पीड़ित मरीजों को नियमित ओपीडी में जांच और उपचार की सुविधा लेने की सलाह दी है। डॉ. संजय कुमार के अनुसार, मरीज सप्ताह के प्रत्येक दिन अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए कक्ष संख्या 20 और 22 का उल्लेख किया गया है।
मरीजों को सलाह दी गई है कि वे अपनी समस्या के अनुसार चिकित्सक से परामर्श लें और जरूरत पड़ने पर बताई गई जांचें कराएं। यदि पहले से किसी अस्पताल में उपचार चल रहा है, तो संबंधित रिपोर्ट और दवाओं का विवरण साथ रखना भी उपयोगी हो सकता है।
इसके अतिरिक्त, मरीजों को चिकित्सक द्वारा सुझाए गए उपचार और नियमित फॉलोअप का पालन करना चाहिए। जोड़ों से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक बनी रहने पर उसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जागरूकता से मरीजों को मिलेगा लाभ
विश्व गठिया दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर गठिया रोगियों को जांच, उपचार और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रयास रहा। 150 से अधिक मरीजों की जांच के साथ विशेषज्ञों ने बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार लेने का संदेश दिया।
गठिया के लक्षणों को समझना, सही चिकित्सकीय सलाह लेना और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग करना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलने से पात्र लोगों को उपचार प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग ने मरीजों से अपील की कि वे जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के लिए समय पर ओपीडी में संपर्क करें और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उपचार कराएं। इससे बीमारी की स्थिति का सही आकलन करने और उचित देखभाल की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

