रेलवे कर्मचारियों के पीएलबी बोनस की सीलिंग 21 हजार करने की मांग, 8वें वेतन आयोग पर भी जोर
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने रेल कर्मचारियों को मिलने वाले उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) की अधिकतम गणना सीमा बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही संघ ने आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने, ऑनलाइन ड्यूटी पास पर आरक्षण की समस्या दूर करने और विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने की मांग भी की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और कार्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन ने विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
इन मुद्दों पर चर्चा के लिए उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ की आभासीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा ने की, जबकि संचालन संघ के महामंत्री कुन्दन कुमार सिंह ने किया। इसमें भारतीय मजदूर संघ और भारतीय रेलवे मजदूर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लेकर कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखे।
पीएलबी बोनस की सीलिंग ₹21 हजार करने की मांग
बैठक में उत्पादकता आधारित बोनस यानी पीएलबी की मौजूदा गणना सीमा प्रमुख मुद्दा रही। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में रेल कर्मचारियों को 78 दिन के बोनस के नाम पर लगभग 17,951 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उनके अनुसार, मौजूदा वेतन व्यवस्था और बढ़ती महंगाई को देखते हुए बोनस की गणना सीमा में संशोधन की जरूरत है।
संघ का तर्क है कि कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि बोनस की गणना अब भी छठे वेतन आयोग के समय निर्धारित न्यूनतम मूल वेतन की सीमा के आधार पर की जाती है। इससे कर्मचारियों को अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसीलिए संगठन ने पीएलबी बोनस की सीलिंग बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की मांग दोहराई। पदाधिकारियों का कहना है कि बोनस की गणना सीमा में बदलाव से कर्मचारियों को मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, वास्तविक भुगतान संबंधित नियमों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा।
त्योहारों के खर्च और महंगाई का दिया हवाला
बैठक में संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कर्मचारियों के घरेलू बजट पर दबाव पड़ता है। त्योहारों के दौरान भी परिवारों के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में बोनस की मौजूदा राशि को लेकर कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर विचार किया जाना चाहिए।
संघ के अनुसार, पीएलबी बोनस कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता का माध्यम है। इसलिए इसकी गणना सीमा तय करते समय वर्तमान वेतन व्यवस्था और महंगाई जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
बैठक में यह भी बताया गया कि भारतीय रेलवे मजदूर संघ और सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ की ओर से इस विषय पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्री को कई बार पत्र भेजे गए हैं। इसके अलावा, वार्ता के माध्यम से भी 21 हजार रुपये की सीलिंग निर्धारित करने की मांग उठाई गई है।
मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बोनस की गणना सीमा बढ़ाने की मांग पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय रेलवे मजदूर संघ और भारतीय मजदूर संघ की ओर से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों का आगामी चुनावों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, संगठन की ओर से व्यक्त किया गया यह उसका राजनीतिक आकलन है। फिलहाल, बोनस की सीलिंग बढ़ाने को लेकर सरकार के किसी नए निर्णय की जानकारी बैठक के विवरण में नहीं दी गई है।
आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने की मांग
पीएलबी बोनस के साथ-साथ बैठक में आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने का विषय भी उठाया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन संबंधी अपेक्षाओं और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाने चाहिए।
संगठन का कहना है कि वेतन और भत्तों से जुड़े विषय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति से सीधे जुड़े होते हैं। इसलिए वेतन आयोग से संबंधित प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों पर कर्मचारियों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
बैठक में इस मांग को कर्मचारी हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया। हालांकि, आठवें वेतन आयोग को लागू करने की निश्चित तारीख के संबंध में संघ की बैठक में कोई आधिकारिक समयसीमा सामने नहीं आई।
ऑनलाइन ड्यूटी पास पर आरक्षण की समस्या उठाई
कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों को ऑनलाइन ड्यूटी पास के माध्यम से यात्रा के दौरान आरक्षण नहीं मिल पाने की समस्या पर भी चर्चा हुई। संघ के सदस्यों ने कहा कि ड्यूटी संबंधी यात्रा में आरक्षण की सुविधा सुचारु रूप से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
पदाधिकारियों ने संबंधित व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरी सुधार करने की मांग की। उनका कहना है कि यात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं में व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने से कर्मचारियों को अपने आधिकारिक दायित्व निभाने में सहूलियत मिलेगी।
कर्मचारियों की कमी से बढ़ रहा कार्यभार
बैठक में विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है। इससे उनकी कार्य परिस्थितियों पर असर पड़ सकता है।
संगठन ने कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने, कार्यस्थल की समस्याओं का समाधान करने और जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से कार्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश यादव और भारतीय रेलवे मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री संतोष पटेल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा अखिल भारतीय संगठन मंत्री राधा बल्लभ त्रिपाठी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष आई.पी.एस. चौहान, कार्यकारी अध्यक्ष निर्भय सिंह, उपाध्यक्ष मनोज कुमार झा और रुकमानन्द पाण्डेय भी मौजूद रहे। संयुक्त मंत्री बंशी बदन झा और बीना सिंह, कोषाध्यक्ष अजय सिंह तथा कार्यसमिति के अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।
मंडल स्तर पर झांसी, आगरा, प्रयागराज, मुख्यालय और कारखाना मंडल के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इनमें भानु प्रताप सिंह चंदेल, उमाशंकर भारद्वाज, आशीष मिश्रा, प्रवीण नेवलकर और संतोष कुमार सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
कुल मिलाकर, बैठक में रेलवे कर्मचारियों के आर्थिक हितों, वेतन संबंधी अपेक्षाओं और कार्यस्थल की समस्याओं पर चर्चा की गई। संघ ने पीएलबी बोनस की सीलिंग 21 हजार रुपये करने, आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करने और ऑनलाइन ड्यूटी पास तथा कर्मचारियों की कमी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग दोहराई। अब इन मांगों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

