प्रतापगढ़ पुलिस ने CEIR पोर्टल से बरामद किए 147 गुम मोबाइल, मालिकों को लौटाए फोन
रिपोर्ट – अमित सिंह
प्रतापगढ़: गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश में प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से कुल 147 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 23 लाख 52 हजार रुपये बताई गई है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन स्थित साइबर कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर रही।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार के निर्देशन में चलाया गया। इसमें सर्विलांस टीम के साथ जनपद के विभिन्न थानों की साइबर टीमों ने समन्वय बनाकर काम किया। सितंबर माह के दौरान चलाए गए इस अभियान में तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन का पता लगाने और उन्हें बरामद करने का प्रयास किया गया।
CEIR पोर्टल की मदद से मिली सफलता
मोबाइल फोन गुम होने या चोरी हो जाने के बाद उसे वापस पाना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मामलों में CEIR पोर्टल पुलिस और मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी व्यवस्था के रूप में काम करता है। इस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर उसकी पहचान और संबंधित जानकारी के जरिए कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने इसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए गुम मोबाइल फोन की तलाश की। पुलिस की सर्विलांस टीम और थानों की साइबर टीमों ने उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर काम किया। इसके परिणामस्वरूप सितंबर माह में 147 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 23 लाख 52 हजार रुपये है। इस प्रकार, मोबाइल फोन की बरामदगी से उन लोगों को राहत मिली, जिन्हें अपने कीमती उपकरण खोने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।
हालांकि, प्रत्येक मोबाइल की बरामदगी से संबंधित अलग-अलग परिस्थितियों और कार्रवाई का विस्तृत विवरण जारी जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए सभी मामलों में बरामदगी की प्रक्रिया एक जैसी रही हो, ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
अप्रैल की 40वीं रैंक से सितंबर में पांचवें स्थान तक पहुंचा प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ पुलिस ने मोबाइल बरामदगी से जुड़े अभियान में अपनी रैंकिंग में सुधार होने की जानकारी भी दी है। पुलिस के अनुसार, अप्रैल माह में जनपद की रैंकिंग 40वीं थी, जबकि सितंबर माह में सुधार करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया गया।
इस उपलब्धि को पुलिस की तकनीकी कार्यप्रणाली और विभिन्न टीमों के समन्वित प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। गुम मोबाइल फोन की बरामदगी में सर्विलांस और साइबर टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके साथ ही, अलग-अलग थानों की टीमों के सहयोग से मामलों पर काम आगे बढ़ाया गया।
रैंकिंग में हुए इस सुधार के संबंध में पुलिस ने अभियान के दौरान किए गए प्रयासों को रेखांकित किया है। हालांकि, रैंकिंग की पूरी पद्धति और उसमें शामिल सभी मानकों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए पांचवीं रैंक को मोबाइल बरामदगी से संबंधित पुलिस के बताए गए प्रदर्शन के संदर्भ में ही समझना उचित होगा।
पुलिस लाइन के साइबर कॉम्प्लेक्स में आयोजित हुआ कार्यक्रम
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रतापगढ़ पुलिस लाइन स्थित साइबर कॉम्प्लेक्स में मोबाइल वितरण के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बरामद किए गए 147 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार की मौजूदगी में मोबाइल मालिकों को उनके फोन वापस किए गए। अपने गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत महसूस की। मोबाइल फोन आज के समय में संचार, ऑनलाइन भुगतान, पढ़ाई, कामकाज और निजी संपर्कों का महत्वपूर्ण साधन बन चुके हैं। ऐसे में फोन खो जाने पर केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी हो सकती है।
इसलिए बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। फोन वापस मिलने से संबंधित लोगों को अपने जरूरी काम फिर से सामान्य रूप से करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला अभियान
प्रतापगढ़ पुलिस के अनुसार, यह अभियान पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार के निर्देशन में संचालित किया गया। सर्विलांस टीम और जनपद के विभिन्न थानों की साइबर टीमों ने सितंबर माह में मोबाइल फोन की तलाश के लिए प्रयास किए।
इस तरह की कार्रवाई में मोबाइल की पहचान, उपलब्ध तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण और संबंधित जानकारी के आधार पर तलाश करना अहम होता है। CEIR पोर्टल का उपयोग मोबाइल फोन की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी फोन की बरामदगी इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित मामले में उपलब्ध तकनीकी जानकारी और अन्य परिस्थितियां क्या हैं।
प्रतापगढ़ पुलिस की ओर से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में 147 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके बाद उन्हें औपचारिक प्रक्रिया के तहत उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने की स्थिति में लोगों को जल्द से जल्द संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही, मोबाइल का IMEI नंबर, खरीद से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज और फोन की पहचान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखना उपयोगी होता है। मोबाइल को ब्लॉक कराने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार अनुरोध दर्ज करने से गुम या चोरी हुए फोन को ब्लॉक कराने में मदद मिलती है। यदि मोबाइल मिल जाता है, तो उसे दोबारा चालू कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
इसके अलावा, यदि फोन में बैंकिंग या भुगतान से जुड़े ऐप मौजूद हों, तो संबंधित खातों और डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा के लिए भी जरूरी कदम उठाने चाहिए। समय पर शिकायत और सही जानकारी उपलब्ध कराने से मोबाइल की तलाश में मदद मिल सकती है, हालांकि बरामदगी की गारंटी नहीं होती।
तकनीक के इस्तेमाल से लोगों को मिली राहत
प्रतापगढ़ में CEIR पोर्टल की मदद से 147 गुम मोबाइल फोन बरामद करना पुलिस की तकनीकी कार्रवाई से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 23 लाख 52 हजार रुपये है। वहीं, अप्रैल की 40वीं रैंक से सितंबर में पांचवें स्थान तक पहुंचने की जानकारी भी पुलिस ने साझा की है।
फिलहाल, मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे जा चुके हैं। इस अभियान से यह संदेश मिलता है कि मोबाइल गुम होने पर समय से शिकायत दर्ज कराने और उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं का उपयोग करने से उसे खोजने की संभावना बढ़ सकती है।

