बांदा में डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, डॉ. मानसिंह यादव ने उठाए जनहित के मुद्दे
Digital UP News
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में समाजवादी पार्टी कार्यालय, बिजली खेड़ा में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रखर समाजवादी चिंतक एवं विचारक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट उमेश यादव ने की। इस दौरान पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. लोहिया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके विचारों, सिद्धांतों और सामाजिक न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के बाद स्नातक एमएलसी एवं प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने प्रेस वार्ता की। इसमें उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, 69 हजार शिक्षक भर्ती से संबंधित सवालों, वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं और बेरोजगारी भत्ते जैसे विषयों पर अपनी बात रखी।
डॉ. लोहिया के विचारों को याद कर सामाजिक न्याय का संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. राममनोहर लोहिया के सामाजिक एवं राजनीतिक विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचारों में समानता, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। उनके सिद्धांत आज भी समाज और राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा का आधार बने हुए हैं।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष एडवोकेट उमेश यादव ने डॉ. लोहिया के विचारों और सिद्धांतों को स्मरण करते हुए सामाजिक न्याय तथा समानता के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वंचित वर्गों के अधिकारों और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. लोहिया के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने सामाजिक न्याय और समानता से जुड़े मुद्दों को फिर से प्रमुखता से सामने रखा।
प्रेस वार्ता में पुरानी पेंशन योजना की बहाली का मुद्दा उठा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. मानसिंह यादव ने शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली को कर्मचारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उनके अनुसार, कर्मचारियों के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। कर्मचारियों की मांगों और उनके हितों से जुड़े विषयों पर संवाद के माध्यम से समाधान तलाशना आवश्यक है।
हालांकि, प्रेस वार्ता में उठाई गई मांगों के संबंध में सरकार या संबंधित विभागों की ओर से किसी प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
69 हजार शिक्षक भर्ती और वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं
डॉ. मानसिंह यादव ने 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े मुद्दों को भी प्रेस वार्ता में उठाया। इसके अलावा उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों से जुड़े विषयों का समाधान महत्वपूर्ण है।
वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने उनके हितों को ध्यान में रखने की बात कही। उनके अनुसार, शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान होने से व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
इसी क्रम में उन्होंने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भर्ती से संबंधित किसी विशेष मांग, मामले की वर्तमान स्थिति या प्रस्तावित समाधान का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।
बेरोजगारी भत्ते और युवाओं को रोजगार के अवसर देने पर जोर
प्रेस वार्ता में बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. मानसिंह यादव ने युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और बेरोजगारी से जुड़े सवालों पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। इसके लिए रोजगार से संबंधित नीतियों और योजनाओं पर प्रभावी तरीके से काम करना जरूरी है। साथ ही बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों में पुरानी पेंशन योजना, शिक्षक भर्ती, वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं और बेरोजगारी भत्ता शामिल रहे। इन विषयों को उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं के हितों से जुड़ा बताते हुए संबंधित स्तर पर विचार किए जाने की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें राष्ट्रीय महासचिव विशम्भर प्रसाद निषाद, बांदा लोकसभा सांसद कृष्णा पटेल, बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव और राष्ट्रीय सचिव हसन सिद्दीक़ी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू, शमीम बंदवी और विजय करण यादव सहित महेंद्र वर्मा, अशोक गौर, कुदरत उल्ला, प्रमोद गुप्ता राजा, ईशान सिंह लवी, ओम नारायण त्रिपाठी विदित, वीरेंद्र गुप्ता बाबू और मयंक द्विवेदी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में राम लाल प्रजापति, सत्य नारायण सोनकर, किरण यादव, सुमन दिवाकर, रजनी यादव, प्रियांशु गुप्ता, राजकुमार गुप्ता राजू, राजन चंदेल, निलेश श्रीवास, नासिर खान, आमिर खान मन्नी, प्रमोद निषाद, लालमन यादव, मुन्ना पटेल, साजिद डॉलर, दिलीप पटवा, कल्लू चौहान, मुशीर फारूकी, मुलायम यादव ओपी, अशोक पांडेय, अमोल यादव, जितेंद्र यादव, पंकज यादव, ऋषि द्विवेदी, मनी कश्यप और रोहित प्रजापति समेत सैकड़ों नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने के साथ सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। वहीं, प्रेस वार्ता के जरिए पुरानी पेंशन योजना, शिक्षक भर्ती, वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं और बेरोजगारी भत्ते जैसे मुद्दों को चर्चा में लाया गया।

