गोविंद कुंड पर 251 स्वयंसेवकों ने की स्वच्छता सेवा, ‘स्वच्छ ब्रज, दिव्य ब्रज’ का दिया संदेश
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा। ब्रज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ, सुंदर और संरक्षित बनाने के उद्देश्य से रविवार को गोवर्धन स्थित गोविंद कुंड पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। ‘ब्रज वैभव अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 251 अभ्यासी एवं स्वयंसेवकों ने सहभागिता करते हुए स्वच्छता सेवा की। इस दौरान धार्मिक स्थल की स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम और हार्टफुलनेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ब्रज क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा। अभियान में विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गोविंद कुंड तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में सफाई की।
सामूहिक ध्यान से हुई स्वच्छता अभियान की शुरुआत
स्वच्छता सेवा कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ध्यान के साथ हुई। इसके माध्यम से प्रतिभागियों ने आंतरिक शांति, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को समझा। इसके बाद सभी स्वयंसेवक स्वच्छता कार्य में जुट गए। उन्होंने गोविंद कुंड के आसपास सफाई करते हुए धार्मिक स्थल के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। विशेष रूप से धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, ताकि इन स्थानों की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक बनी रहे।
इसके अलावा, स्वयंसेवकों ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। उनका कहना था कि सामूहिक प्रयासों से ही ब्रज की पहचान को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखा जा सकता है।
हार्टफुलनेस ने ध्यान और सेवा के महत्व पर दिया जोर
इस अभियान में हार्टफुलनेस की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रही। हार्टफुलनेस एक वैश्विक आध्यात्मिक संस्था है, जो ध्यान और योग के माध्यम से आंतरिक शांति, आत्म-विकास तथा संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है।
संस्था के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल पद्म भूषण से सम्मानित आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं। उनकी प्रेरणा से ध्यान, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों को प्रोत्साहित किया जाता है।
इसी भावना के अनुरूप गोविंद कुंड पर आयोजित स्वच्छता सेवा में प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक साधना के साथ सामाजिक दायित्व निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने यह विचार सामने रखा कि आंतरिक स्वच्छता और बाहरी स्वच्छता, दोनों ही बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कई शहरों और केंद्रों से पहुंचे अभ्यासी एवं स्वयंसेवक
गोविंद कुंड पर आयोजित स्वच्छता अभियान में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों और शहरों से आए 251 अभ्यासी एवं स्वयंसेवक शामिल हुए। इनमें मथुरा, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, गुरुग्राम, भरतपुर, डीग, इगलास, कान्हा, खैर, हाथरस, टप्पल, सरसा, जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, भोपाल और हैदराबाद सहित विभिन्न केंद्रों के प्रतिभागियों ने भाग लिया।
विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सहभागिता ने अभियान को व्यापक स्वरूप दिया। स्वयंसेवकों ने मिलकर सफाई की और लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है।
दरअसल, ब्रज क्षेत्र में वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में धार्मिक स्थलों, कुंडों और उनके आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखना विशेष महत्व रखता है। इसके लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं का सहयोग भी जरूरी है।
नारों के जरिए दिया स्वच्छ ब्रज का संदेश
स्वच्छता अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने ‘स्वच्छ ब्रज, दिव्य ब्रज, हमारा ब्रज’ और ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ जैसे नारों के माध्यम से जन-जागरूकता का संदेश दिया।
इन नारों के जरिए लोगों को स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और ब्रज की धार्मिक एवं प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि किसी भी धार्मिक स्थल की सुंदरता केवल उसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता से नहीं, बल्कि वहां की साफ-सफाई और पर्यावरण की स्थिति से भी जुड़ी होती है।
इसके साथ ही, अभियान ने लोगों को जलस्रोतों और आसपास के प्राकृतिक परिवेश के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता की याद दिलाई। गोविंद कुंड जैसे धार्मिक महत्व वाले स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और संबंधित संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।
‘ब्रज वैभव अभियान’ से स्वच्छता और जनसहभागिता को बढ़ावा
‘ब्रज वैभव अभियान’ के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की धार्मिक विरासत, प्राकृतिक परिवेश और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने की दिशा में जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। गोविंद कुंड पर आयोजित स्वच्छता सेवा इसी उद्देश्य की एक पहल रही।
इस तरह के अभियान लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहयोग की भावना को भी मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, स्वच्छता के प्रयासों को प्रभावी बनाए रखने के लिए नियमित सफाई, कचरे का उचित निस्तारण और आमजन की निरंतर भागीदारी आवश्यक है।
कुल मिलाकर, गोविंद कुंड पर 251 अभ्यासी एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता ने स्वच्छता, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से लोगों से आह्वान किया गया कि वे ब्रज की धार्मिक गरिमा और प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इस सांस्कृतिक विरासत का स्वच्छ और सुंदर स्वरूप देखने को मिल सके।

