लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 254 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ

WhatsApp Image 2026-10-11 at 5.36.34 PM

रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नवरात्र के प्रथम दिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 254 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इस अवसर पर जिले के दो अलग-अलग आयोजन स्थलों पर विवाह समारोह आयोजित किए गए, जहां शहनाई की गूंज, मंत्रोच्चार, निकाह की रस्मों और परिजनों की खुशियों के बीच नवदंपतियों ने अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय भविष्य की कामना की।

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन गोला और फूलबेहड़ में किया गया। गोला स्थित स्वर्गीय राजेंद्र गिरि स्मारक स्टेडियम में 171 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जबकि फूलबेहड़ के आसिता मैरिज लॉन में 83 जोड़ों ने विवाह की रस्में पूरी कीं। इस तरह जिले में कुल 254 जोड़े वैवाहिक जीवन के बंधन में बंधे। कार्यक्रम का सफल संयोजन जिला समाज कल्याण अधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) वंदना सिंह ने किया।

जनप्रतिनिधियों ने किया समारोह का शुभारंभ

गोला में आयोजित समारोह का शुभारंभ विधायक अमन गिरि, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय, पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ल रिंकू और विकासखंड प्रशासक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विवाह समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं।

वहीं, फूलबेहड़ में विधायक मंजू त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय और ब्लॉक प्रमुख एवं प्रशासक प्रतिनिधि विश्वनाथ सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। दोनों आयोजन स्थलों पर विवाह की परंपरागत रस्में उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुईं।

पारंपरिक पगड़ी और उपहारों ने बढ़ाई समारोह की रौनक

सामूहिक विवाह समारोह में पारंपरिक पगड़ी पहनकर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने नवदंपतियों को उपहार भेंट किए और उनके सुखी, समृद्ध एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। इस दौरान नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे समारोह का वातावरण और अधिक उत्सवपूर्ण हो गया।

इसके साथ ही जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ नवदंपतियों को दी जाने वाली उपहार सामग्री का निरीक्षण किया। उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता भी परखी, ताकि लाभार्थियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रशासन की ओर से वर-वधू पक्ष को मिठाई और सूखे मेवों से सजी टोकरियां भी भेंट की गईं।

गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सहारा बनी योजना

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत दांपत्य जीवन की शुरुआत के लिए 64 हजार रुपये की राशि सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजी जा रही है।

डीएम के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराना है। इससे परिवारों पर विवाह के खर्च का बोझ कम होता है और नवदंपतियों को नई जिंदगी शुरू करने में सहयोग मिलता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सहयोग, समानता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही, सरकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का अवसर भी मिलता है।

विधायक अमन गिरि ने बताया सम्मान और संबल का माध्यम

गोला के विधायक अमन गिरि ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को गरीब परिवारों के लिए सम्मान और संबल का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवार अपनी बेटियों के विवाह को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह योजना उन्हें राहत देने का काम करती है।

उन्होंने कहा कि यह पहल दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को हतोत्साहित करने के साथ समाज में भाईचारे, समानता और सामाजिक एकता का संदेश देती है। विधायक ने सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और आपसी प्रेम बने रहने की कामना की।

विधायक मंजू त्यागी ने कही यह बात

फूलबेहड़ में विधायक मंजू त्यागी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने उन माताओं और परिवारों की चिंता कम की है, जो आर्थिक परेशानियों के चलते बेटियों के विवाह की व्यवस्था करने में कठिनाई महसूस करते थे।

उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल गरीब परिवारों को सहारा देने के साथ बेटियों के सम्मान और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी योगानंद पाण्डेय ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए विश्वास, प्रेम और आपसी सम्मान के साथ वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

जयमाल स्टेज और आर्केस्ट्रा रहे आकर्षण का केंद्र

दोनों आयोजन स्थलों पर सजाए गए आकर्षक जयमाल स्टेज और सेल्फी प्वाइंट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा, आर्केस्ट्रा की धुनों ने समारोह में उत्सवी माहौल बनाया। विवाह में शामिल बारातियों और परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। वहीं, नवरात्र का व्रत रखने वाले लोगों के लिए विशेष फलाहार का प्रबंध भी किया गया।

इस प्रकार, प्रशासन ने अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोजन को व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया।

उपहारों से सजेगी नवदंपतियों की गृहस्थी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी शुरू करने के लिए उपयोगी सामग्री प्रदान की गई। इनमें पांच साड़ियां, चुनरी, चूड़ियां, सिंदूर, वर के वस्त्र, प्रेशर कुकर, पंखा, आयरन प्रेस, डिनर सेट, गद्दा, तकिया, चादर, कंबल, ट्रॉली बैग और वैनिटी किट शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त, नवदंपतियों को फोल्डिंग बेड, मिक्सर ग्राइंडर, स्टील बॉक्स और कैसरोल जैसे घरेलू उपयोग के सामान भी दिए गए। इन उपहारों का उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को नई गृहस्थी बसाने में सहयोग देना है।

विदाई के समय भावुक हुए परिजन

विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जब बेटियों की विदाई का समय आया, तो आयोजन स्थल पर भावुक दृश्य देखने को मिले। माता-पिता और परिजनों ने बेटियों को गले लगाकर नई जिंदगी के लिए आशीर्वाद दिया। जहां एक ओर विवाह की खुशियां थीं, वहीं दूसरी ओर विदाई के समय कई परिजनों की आंखें नम हो गईं।