लखीमपुर खीरी में नवरात्र और दशहरा पर 11 से 21 अक्टूबर तक ट्रैफिक डायवर्जन, सैधरी बाईपास तक आएंगी बसें
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व को देखते हुए यातायात पुलिस ने नगर क्षेत्र में विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक शहर के विभिन्न मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, भीड़ को नियंत्रित करना और शहर में यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
त्योहारों के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों, शोभायात्राओं, राम बारात और दशहरा मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने वाहनों के आवागमन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें और यात्रा पर निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
11 से 21 अक्टूबर तक लागू रहेगा यातायात डायवर्जन
लखीमपुर खीरी नगर क्षेत्र में 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक लागू रहने वाली यातायात व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। विशेष रूप से दशहरा मेले और रावण दहन के दौरान भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त प्रतिबंध लागू रहेंगे।
यातायात पुलिस के अनुसार, इन व्यवस्थाओं का मकसद प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और आयोजन स्थलों के आसपास अनावश्यक जाम की स्थिति बनने से रोकना है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यातायात संकेतों और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, जिन मार्गों पर प्रतिबंध लागू होगा, वहां जाने के बजाय निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
दशहरा मेले और रावण दहन पर छोटे व्यावसायिक वाहनों की एंट्री बंद
दशहरा मेले और रावण दहन के दिन यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। जारी निर्देशों के मुताबिक, शाम चार बजे से सैधरी बाईपास की ओर से नगर में आने वाले सभी छोटे व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
इस कदम से आयोजन स्थल के आसपास वाहनों का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। ऐसे में छोटे व्यावसायिक वाहन चालकों को निर्धारित समय के दौरान शहर में प्रवेश करने से बचना होगा और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनानी होगी।
हालांकि, वाहन चालकों को स्थानीय यातायात पुलिस की ओर से मौके पर दिए जाने वाले निर्देशों का भी ध्यान रखना होगा, क्योंकि भीड़ की स्थिति के अनुसार यातायात नियंत्रण किया जा सकता है।
मेला मैदान बस अड्डे की बसें सैधरी बाईपास तक ही आएंगी
यातायात डायवर्जन के तहत सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। मेला मैदान बस अड्डे से आने-जाने वाली बसें निर्धारित अवधि में सैधरी बाईपास तक ही आएंगी और वहीं से वापस लौटेंगी।
इसका अर्थ है कि इन बसों का संचालन निर्धारित अवधि में नगर के भीतर सामान्य मार्गों पर नहीं होगा। इसलिए यात्रियों को बस से यात्रा करने से पहले अपने चढ़ने और उतरने के स्थान की जानकारी कर लेनी चाहिए।
विशेष रूप से त्योहारों के दौरान बाजार, धार्मिक स्थलों और आयोजन क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, बसों के निर्धारित मार्ग में बदलाव के कारण होने वाली असुविधा से बचने के लिए यात्रा की योजना पहले से बनाना उपयोगी रहेगा।
सदर चौराहे से संकटा देवी चौराहे तक एकल दिशा व्यवस्था
शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव नियंत्रित करने के लिए सदर चौराहे से संकटा देवी चौराहे की ओर एकल दिशा यातायात व्यवस्था लागू रहेगी।
इस व्यवस्था के अंतर्गत वाहन चालकों को निर्धारित दिशा में ही आगे बढ़ना होगा। संबंधित मार्ग पर विपरीत दिशा में वाहन चलाने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पुलिस के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
इसके साथ ही, शोभायात्रा और राम बारात के निर्धारित मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी गई है कि वे इन मार्गों पर संचालन करने से बचें और अन्य निर्धारित रास्तों का उपयोग करें।
बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित किए गए वैकल्पिक मार्ग
यातायात पुलिस ने बड़े व्यावसायिक वाहनों के आवागमन के लिए भी अलग मार्ग निर्धारित किए हैं, ताकि शहर के अंदर भीड़ और यातायात का दबाव कम किया जा सके।
निर्देशों के अनुसार, महेवागंज की ओर से आने वाले बड़े व्यावसायिक वाहन सैधरी बाईपास होते हुए बरगद चौराहे से अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। वहीं, एलआरपी चौराहे की ओर से आने वाले बड़े वाहन बरगद तिराहे से सैधरी बाईपास होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
इस व्यवस्था से शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़े वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी कर लेनी चाहिए और रास्ते में तैनात यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को मिलेगी छूट
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन वाहनों और एंबुलेंस को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। यानी जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी।
त्योहारों के दौरान किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन वाहनों को यातायात प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
इसके साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे आपातकालीन वाहनों को रास्ता दें और सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें। इससे जरूरत के समय राहत और चिकित्सा सेवाओं को पहुंचने में परेशानी नहीं होगी।
यातायात पुलिस की अपील, वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल
लखीमपुर खीरी में नवरात्र, दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान लागू होने वाली यातायात व्यवस्था को सफल बनाने के लिए आमजन का सहयोग जरूरी है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
इसके अलावा, त्योहारों के दौरान घर से निकलने से पहले यात्रा की योजना बना लेना और अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर रहेगा। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कुल मिलाकर, 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक लागू रहने वाली यह विशेष यातायात व्यवस्था त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यदि नागरिक प्रशासन का सहयोग करते हैं और निर्धारित मार्गों का पालन करते हैं, तो धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

