औरैया में UPI पर MDR व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों का धरना, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट: अंजुमान तिवारी
औरैया, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से होने वाले डिजिटल लेन-देन पर प्रस्तावित MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था के विरोध में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (रजिस्टर्ड) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों व्यापारियों ने हिस्सा लिया। व्यापारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए सरकार से इसे लागू नहीं करने की मांग की।
यह धरना औरैया सदर तहसील परिसर में आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई उर्फ बबलू ने किया। इस दौरान व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को उठाया और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए सुलभ तथा कम खर्चीला बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सदर तहसीलदार शंभूशरण पाण्डेय को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित MDR व्यवस्था को लागू नहीं करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
व्यापार मंडल ने सरकार से आग्रह किया कि UPI के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लिया जाए। संगठन का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सफलता के लिए व्यापारियों का सहयोग और विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
छोटे और मध्यम व्यापारियों की चिंता
धरना-प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम कारोबारियों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बड़ी कंपनियों और बड़े कारोबारों की तुलना में छोटे दुकानदारों के पास सीमित संसाधन होते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क उनके कारोबार की लागत बढ़ा सकता है।
व्यापारियों के अनुसार, आज बाजार में ग्राहक नकद भुगतान के साथ-साथ UPI के जरिए भी भुगतान करना पसंद करते हैं। किराना दुकानों, छोटे प्रतिष्ठानों, चाय-नाश्ते की दुकानों और अन्य स्थानीय कारोबारों में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसलिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे व्यापारी बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक दबाव के डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकें।
हालांकि, प्रस्तावित MDR व्यवस्था की वास्तविक शर्तों और उसके लागू होने की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी इस प्रदर्शन से संबंधित उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। ऐसे में व्यापारियों की मांग को प्रस्तावित व्यवस्था के प्रति उनकी चिंता और विरोध के रूप में देखा जाना चाहिए।
UPI को कम लागत वाली व्यवस्था बनाए रखने की मांग
व्यापार मंडल ने अपनी मांगों में इस बात पर जोर दिया कि UPI को कम लागत वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली के रूप में बनाए रखा जाए। संगठन के अनुसार, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए, जिनसे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिले।
व्यापारियों का कहना है कि यदि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर कारोबारियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, तो इसका असर विशेष रूप से कम मार्जिन पर काम करने वाले दुकानदारों पर पड़ सकता है। इसलिए सरकार को किसी भी नई व्यवस्था पर निर्णय लेते समय छोटे व्यापारियों की समस्याओं और बाजार की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए।
इसके साथ ही, व्यापारियों ने UPI से लेन-देन करने वाले कारोबारियों को प्रोत्साहन देने की मांग भी उठाई। उनका मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को सहयोग देना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक दुकानदार इस प्रणाली को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों।
प्रदर्शन में लगाए एकता के नारे
धरना-प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए ‘व्यापारी एकता जिंदाबाद’ और ‘व्यापार मंडल जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने कहा कि व्यापारियों से जुड़े आर्थिक और नीतिगत मुद्दों पर उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाता रहेगा। इसी क्रम में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की अपील की गई।
राजेश बाजपेई बोले- व्यापारियों के हितों का ध्यान रखे सरकार
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई उर्फ बबलू ने कहा कि सरकार को व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक, छोटे और मध्यम व्यापारियों को ऐसी किसी भी व्यवस्था से बचाया जाना चाहिए, जिससे उनके कारोबार पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़े।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की जरूरत है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि व्यापारियों को इसे अपनाने में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि डिजिटल लेन-देन को अधिक लोकप्रिय बनाना है, तो इसके लिए व्यापारियों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां लागू करना महत्वपूर्ण होगा।
जिलाध्यक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि प्रस्तावित व्यवस्था के संबंध में व्यापारिक संगठनों की राय पर भी विचार किया जाए। उनका कहना है कि छोटे दुकानदारों की समस्याओं को समझते हुए ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान का विस्तार भी हो और व्यापारियों के हित भी सुरक्षित रहें।
अब सरकार के रुख पर व्यापारियों की नजर
औरैया में हुए इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से व्यापारियों ने UPI पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर संगठन ने सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।
फिलहाल, व्यापारियों की प्रमुख मांग यही है कि UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करने वाले छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए। साथ ही, डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो व्यापारियों के लिए सुविधाजनक हों।
अब इस मुद्दे पर सरकार की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर व्यापारियों की नजर रहेगी। औरैया का यह प्रदर्शन डिजिटल भुगतान से जुड़ी नीतियों में व्यापारियों की भागीदारी और उनकी आर्थिक चिंताओं को सामने लाने वाला कदम रहा।

