लखीमपुर खीरी में SSB जवान का शव मिलने से मचा हड़कंप, 8 अक्टूबर से था लापता जवान – चारों तरफ पसरा सन्नाटा
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 70वीं वाहिनी के कैंपस में शुक्रवार सुबह एक जवान का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के मंडला जिले के निवासी केहर सिंह मसराम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, जवान 8 अक्टूबर से लापता था और उसकी तलाश की जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे उसका शव मिलने के बाद कैंपस में हलचल मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस और SSB के अधिकारियों को जानकारी दी गई। फिलहाल जवान की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह स्पष्ट नहीं है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। ऐसे में मौत के सही कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
मझरा फार्म स्थित SSB कैंपस में मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना लखीमपुर खीरी के मझरा फार्म स्थित SSB की 70वीं वाहिनी के परिसर में हुई। केहर सिंह मसराम इसी वाहिनी में तैनात थे। बताया जा रहा है कि वह 8 अक्टूबर से लापता थे। उनके लापता होने के बाद तलाश की जा रही थी, लेकिन शुक्रवार सुबह कैंपस में एक पेड़ से उनका शव लटका हुआ मिला।
शव मिलने की जानकारी सामने आते ही संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी है। घटना ने परिसर में तैनात जवानों और अधिकारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि जवान के लापता होने से पहले किन परिस्थितियों में वह परिसर से अलग हुए थे या उनकी तलाश के दौरान क्या तथ्य सामने आए थे। इन सवालों का जवाब जांच के दौरान मिलने की उम्मीद है।
8 अक्टूबर से लापता थे केहर सिंह मसराम
इस मामले में जवान के लापता होने की तारीख महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केहर सिंह मसराम 8 अक्टूबर से लापता थे। इसके बाद उनकी तलाश की जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे उनका शव मिलने की सूचना सामने आई।
जवान के लापता होने और बाद में शव मिलने के बीच की परिस्थितियों की जांच जरूरी होगी। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि वह आखिरी बार कहां और किस स्थिति में देखे गए थे। इसके अलावा, उनके लापता होने की सूचना कब और किस अधिकारी को दी गई थी, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
फिलहाल इन बिंदुओं पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
केहर सिंह मसराम की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शव मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की जा सकती।
ऐसे मामलों में घटनास्थल की जांच, जरूरी साक्ष्यों का संकलन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन प्रक्रियाओं से मौत के संभावित कारणों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही, जवान के लापता होने से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से प्राप्त जानकारी भी जांच के लिए अहम हो सकती है।
इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि जवान ने आत्महत्या की या उनकी मौत किसी अन्य वजह से हुई। अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्षों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
SSB अधिकारियों के बयान का इंतजार
घटना के संबंध में SSB अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में जवान के लापता होने, उनकी तलाश और शव मिलने की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
अधिकारियों की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी होने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही, यह भी पता चल सकेगा कि जवान के लापता होने की सूचना पर विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए थे।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
लखीमपुर खीरी के मझरा फार्म स्थित SSB कैंपस में जवान का शव मिलना एक गंभीर घटना है। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, मृतक की पहचान केहर सिंह मसराम के रूप में हुई है और वह 8 अक्टूबर से लापता थे। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे उनका शव मिलने की सूचना सामने आई।
अब इस मामले में जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम होंगी। इनके आधार पर ही मौत की वजह और उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल किसी भी तरह के निष्कर्ष से बचते हुए आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।

