यूपी पंचायत चुनाव में देरी पर ओम प्रकाश राजभर का आरोप, बोले- सपा की कानूनी कार्रवाई से अटकी प्रक्रिया

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Digital UP News Desk 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार समय पर पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के कारण चुनाव कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका।

राजभर ने कहा कि पंचायती राज विभाग ने चुनाव संबंधी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। हालांकि, उनके अनुसार बाद में दायर की गई एक याचिका के चलते मामला न्यायिक प्रक्रिया में चला गया, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हुआ। दूसरी ओर, इस मामले में समाजवादी पार्टी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार थी: राजभर

मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पंचायत चुनाव समय पर कराने के लिए प्रतिबद्ध थी। उनके अनुसार, पंचायती राज विभाग ने चुनाव की तैयारियों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली थीं।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा समय पर चुनाव संपन्न कराने की थी ताकि स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ सके। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक तैयारियां की गई थीं।

सपा की लीगल सेल पर लगाया आरोप

राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की लीगल सेल के हस्तक्षेप के कारण चुनाव प्रक्रिया कानूनी दायरे में चली गई। उनके अनुसार, सपा के लीगल सेल से जुड़े सलाहकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला पहुंचने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया। इसी कारण चुनाव कार्यक्रम तत्काल घोषित नहीं हो सका।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि यह आरोप ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक बयान है। इस संबंध में न्यायालय की कार्यवाही और याचिका की सामग्री स्वतंत्र कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

सरकार ने समय पर दाखिल किया जवाब

कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा मांगे गए सभी बिंदुओं पर राज्य सरकार ने समयबद्ध तरीके से अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

उनके अनुसार, सरकार ने अदालत के समक्ष आवश्यक दस्तावेज और जवाब दाखिल किए हैं तथा न्यायालय की प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

पंचायत चुनावों का महत्व

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण पंचायत चुनावों की समयबद्ध प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

पंचायत चुनावों को लेकर राज्य में राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी में जुटे हैं और समय-समय पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं।

राजभर के इस बयान को भी आगामी पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक विमर्श का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान आवश्यक

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन हो, तो अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप ही लिया जाता है।

ऐसी स्थिति में सभी पक्षों के लिए न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना आवश्यक होता है। न्यायालय के आदेशों के आधार पर ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाती है।

चुनाव आयोग की भूमिका

पंचायत चुनाव कराने में राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा, मतदाता सूची, आरक्षण, नामांकन, मतदान और मतगणना जैसी सभी प्रक्रियाएं आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

यदि किसी विषय पर न्यायालय की ओर से निर्देश जारी किए जाते हैं, तो आयोग उन निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करता है।

सभी पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण

पत्रकारिता के संतुलित सिद्धांतों के अनुसार किसी भी विवादित विषय में सभी संबंधित पक्षों का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की लीगल सेल पर आरोप लगाए हैं।

हालांकि, इस समाचार के प्रकाशित होने तक समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। यदि भविष्य में विपक्ष या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया आती है, तो उससे मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की लीगल सेल पर चुनाव प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन न्यायालय में दायर याचिका के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई।

हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये आरोप राजभर के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। मामले का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया, राज्य निर्वाचन आयोग की कार्रवाई और सभी संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के बाद ही स्पष्ट होगा।

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