मथुरा में ऑपरेशन प्रहार के तहत 300 ग्राम अल्प्राजोलम बरामद, युवक और महिला गिरफ्तार

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत मथुरा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गोविंद नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक और एक महिला को 300 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ अल्प्राजोलम के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद अल्प्राजोलम कहां से लाई गई थी तथा इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन प्रहार के तहत हुई कार्रवाई

गोविंद नगर थाना पुलिस लगातार अपने क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी क्रम में 10 जुलाई की शाम बिरला मंदिर चौकी क्षेत्र में राधेश्याम कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार सड़क से लगभग 70 मीटर अंदर पहुंचने पर टीम ने एक युवक और एक महिला को रोककर पूछताछ की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 300 ग्राम अल्प्राजोलम बरामद हुई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही हिरासत में लेकर थाना गोविंद नगर लाया गया।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान असलम पुत्र असफाक (34 वर्ष), निवासी अर्जुनपुरा के रूप में हुई है। उसके साथ एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बरामदगी के आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा महिला के संबंध में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार विधिक कार्रवाई जारी थी।

अल्प्राजोलम क्या है?

अल्प्राजोलम एक ऐसी दवा है जिसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों में किया जाता है। हालांकि, इसका अवैध रूप से भंडारण, बिक्री या परिवहन कानून के दायरे में आता है और संबंधित परिस्थितियों में मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

इसी कारण पुलिस इस प्रकार के मामलों में बरामद पदार्थ के स्रोत, उपयोग और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की भी जांच करती है।

पुलिस कर रही है स्रोत की जांच

गोविंद नगर थाना पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के पास बरामद अल्प्राजोलम कहां से आई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है या नहीं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

थानाध्यक्ष ने दी जानकारी

थानाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत गोविंदनगर पुलिस ने एक युवक और एक महिला को 300 ग्राम अल्प्राजोलम के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित पदार्थ कहां से प्राप्त किया गया और इसका वितरण किन लोगों तक किया जाना था। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन प्रहार का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन प्रहार प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ चलाया जाने वाला अभियान है। इस अभियान के अंतर्गत पुलिस विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।

इसके अलावा पुलिस लोगों से भी अपील करती है कि यदि उन्हें अपने आसपास मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना संबंधित थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें। नागरिकों के सहयोग से ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

समाज में जागरूकता भी जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि नशीले पदार्थों की रोकथाम केवल पुलिस कार्रवाई से ही संभव नहीं है। इसके लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसके साथ ही स्वास्थ्य और पुनर्वास संबंधी प्रयास भी ऐसे मामलों में अहम माने जाते हैं, ताकि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उचित सहायता मिल सके।

कानून के अनुसार होगी कार्रवाई

किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होता है। पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमा, बरामदगी और जांच के आधार पर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय करता है। इसलिए आरोपियों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

मथुरा के गोविंदनगर थाना क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 300 ग्राम अल्प्राजोलम के साथ एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार किया है। बरामदगी के आधार पर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ का स्रोत क्या था और इसका नेटवर्क किन लोगों तक फैला हुआ है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस की सतर्कता और सक्रियता को दर्शाती है।

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