ईशदत्त यादव की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, समाजवादी आंदोलन में योगदान को किया याद
रिपोर्टर-पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़। समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद स्वर्गीय ईशदत्त यादव की 27वीं पुण्यतिथि पर आजमगढ़ के नेहरू हाल कलेक्ट्रेट में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही, उनके सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक संघर्ष और समाजवादी आंदोलन में योगदान को याद किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि ईशदत्त यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके समर्थकों और पार्टी नेताओं ने उनके संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन से जुड़े विभिन्न संस्मरण भी साझा किए।
चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के साथ किया काम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने स्वर्गीय ईशदत्त यादव के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के साथ रहकर समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ईशदत्त यादव ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठाया और गरीब, किसान तथा वंचित वर्गों की आवाज को सदन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ईशदत्त यादव का जीवन संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जुड़ा रहा। उनके राजनीतिक जीवन के अनुभव आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताओं ने साझा किए राजनीतिक जीवन से जुड़े संस्मरण
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व मंत्री बलराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई समाजवादी नेताओं ने ईशदत्त यादव से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने उनके साथ बिताए राजनीतिक और सामाजिक जीवन के विभिन्न प्रसंगों को याद किया।
वक्ताओं के मुताबिक, ईशदत्त यादव ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के कमजोर और वंचित तबकों से जुड़े विषयों को महत्व दिया। इसके अलावा, किसानों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखने का प्रयास किया।
सभा में नेताओं ने कहा कि किसी भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता के जीवन का मूल्यांकन उसके सार्वजनिक योगदान और लोगों से जुड़े मुद्दों पर उसकी भूमिका के आधार पर किया जाता है। इसी क्रम में ईशदत्त यादव के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और संघर्षों से नई पीढ़ी को परिचित कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन पर चर्चा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संगठन से संबंधित चर्चा हुई। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी बनाने से जुड़े अपने विचार रखे।
हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वर्गीय ईशदत्त यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करना रहा। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक तैयारियों को लेकर अपने संकल्प भी व्यक्त किए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने की बात कही।
हवलदार यादव ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
स्वर्गीय ईशदत्त यादव के पुत्र नंदकिशोर यादव ने भी श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता के प्रति लोगों की श्रद्धा और सम्मान परिवार के लिए महत्वपूर्ण है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ईशदत्त यादव का राजनीतिक जीवन संघर्ष, सामाजिक सरोकार और विचारधारा से जुड़ा रहा। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह सभा उनके सार्वजनिक योगदान को याद करने का अवसर बनी।
इसके अलावा, वक्ताओं ने कहा कि समाज और राजनीति में सक्रिय लोगों के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। इससे युवा सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय ईशदत्त यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। इस प्रकार, उनकी 27वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके राजनीतिक संघर्ष और समाजवादी आंदोलन से जुड़े योगदान को प्रमुखता से याद किया गया।

