घाटमपुर में आवारा कुत्ते का आतंक, कई ग्रामीणों और चार बकरियों को काटकर किया घायल
रिपोर्टर: शुभम साहू, घाटमपुर
घाटमपुर/हथेरूआ, कानपुर नगर। घाटमपुर तहसील क्षेत्र के हथेरूआ गांव में शनिवार की भोर एक आवारा कुत्ते के हमले से ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि गांव में घूम रहे एक कुत्ते ने घरों के बाहर सो रहे कई ग्रामीणों को काटकर घायल कर दिया। इसके अलावा कुत्ते ने चार बकरियों को भी घायल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से आवारा कुत्ते को पकड़वाने और आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है।
भोर में घरों के बाहर सो रहे ग्रामीणों पर हमला
ग्रामीणों के अनुसार घटना शनिवार तड़के करीब चार बजे की है। मौसम और ग्रामीण परिवेश के चलते कुछ लोग अपने घरों के बाहर मैदान में सो रहे थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता वहां पहुंच गया और अचानक सो रहे लोगों पर हमला कर दिया।
बताया गया कि महेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय परसादी लाल, उम्र करीब 28 वर्ष, ईशू कुमार पुत्र स्वर्गीय अरविंद कुमार संखवार, उम्र करीब 22 वर्ष, रुद्रपाल सिंह भदौरिया, उम्र करीब 50 वर्ष और विजया देवी पत्नी स्वर्गीय राम आसरे संखवार घर के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान कुत्ते ने उन्हें अपना निशाना बना लिया।
अचानक हुए हमले से वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित किया और कुत्ते को वहां से भगाया। घटना के बाद घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए ले जाने की बात सामने आई है।
किसी के हाथ तो किसी के पैर में काटने की बात
ग्रामीणों के मुताबिक कुत्ते ने अलग-अलग लोगों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में काटकर घायल किया। किसी के सिर और हाथ में चोट आई, जबकि किसी के पैर में कुत्ते के काटने की बात बताई जा रही है। घटना के कारण ग्रामीणों में काफी चिंता देखी गई।
हालांकि, ग्रामीणों ने समय रहते कुत्ते को वहां से भगा दिया, जिससे स्थिति आगे नहीं बढ़ी। इसके बावजूद एक साथ कई लोगों के घायल होने से गांव में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
चार बकरियां भी हुईं घायल
ग्रामीणों के अनुसार हमला केवल लोगों तक सीमित नहीं रहा। कुत्ते ने मोती लाल संखवार सहित अन्य ग्रामीणों की चार बकरियों को भी काटकर घायल कर दिया। इससे पशुपालकों की चिंता और बढ़ गई है।
गांव के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के घूमने से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर लगातार आशंका बनी रहती है। खासकर सुबह और देर रात के समय ग्रामीणों को अधिक सतर्क रहना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कुत्ते को पकड़वाने की मांग की
घटना के बाद हथेरूआ गांव के ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्र में घूम रहे आवारा कुत्ते को जल्द पकड़वाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि आवारा कुत्तों को लेकर प्रभावी अभियान चलाया जाए और ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि लोगों को भी ऐसे मामलों में सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
एक ही घटना में कई ग्रामीणों और चार बकरियों के घायल होने के बाद गांव में बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बच्चे अक्सर घरों के आसपास खेलते हैं और मवेशी भी खुले स्थानों पर रहते हैं। ऐसे में आवारा कुत्तों की मौजूदगी किसी नई घटना का कारण बन सकती है।
इसलिए ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द मौके की स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यक कदम उठाए। साथ ही, यदि क्षेत्र में ऐसे अन्य आवारा कुत्ते भी हैं जो लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं, तो उनके संबंध में भी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
हथेरूआ गांव की घटना के बाद ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। लोगों का कहना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नियमित अभियान चलाया जाना चाहिए।
फिलहाल, घटना ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। लोग अपने बच्चों और पशुओं को घर के आसपास रखते समय विशेष सावधानी बरत रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले और आवारा कुत्ते को पकड़ने के साथ ही आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे।

