बहराइच में ब्लैकमेलिंग कर 5.20 लाख वसूले, आरोपी गिरफ्तार, 2.5 लाख नकद, बाइक, एसी-टीवी बरामद

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Digital UP News Desk

बहराइच: जिले के दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग कर कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान हिमांशु तायल उर्फ शमी के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक महिला के निजी फोटो सार्वजनिक करने और उसके बेटे को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये की रकम वसूली थी। इसके बाद आरोपी महिला से अतिरिक्त रकम की मांग कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला को डराकर अब तक करीब 5.20 लाख की रकम वसूली थी। इतना ही नहीं, इसके बाद वह कथित तौर पर 10 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग कर रहा था। मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई।

रेलवे स्टेशन के पास से आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, बहराइच एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर गठित पुलिस टीमों ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसी क्रम में पुलिस को उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु तायल उर्फ शमी को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन की जांच के दौरान मामले से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री भी मिली। पुलिस के अनुसार, दोनों मोबाइल में महिला से संबंधित आपत्तिजनक फोटो मौजूद थे।

पूछताछ में सामने आई रकम और सामान की जानकारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर वसूली गई रकम से खरीदे गए सामान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर पर कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, घर से 1.50 लाख नकद बरामद किए गए। इसके अलावा कथित तौर पर वसूली की रकम से खरीदी गई एचएफ डीलक्स बाइक, डैकिन कंपनी का एसी और सैमसंग एलईडी टीवी भी बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान और बाइक से संबंधित बिल भी मिले हैं।

इस तरह पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 2.50 लाख नकद बरामद किए हैं। साथ ही बाइक, एसी और एलईडी टीवी को भी पुलिस ने अपनी कार्रवाई में शामिल किया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

धमकी देकर रकम मांगने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने महिला के निजी फोटो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे रकम की मांग की। इसके साथ ही उसके बेटे को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। लगातार दबाव के कारण महिला से कथित तौर पर 5.20 लाख की रकम ली गई।

पुलिस का कहना है कि इसके बाद भी आरोपी की मांग खत्म नहीं हुई और वह महिला से 10 लाख और देने के लिए दबाव बना रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी की गिरफ्तारी की।

डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच

मामले में बरामद मोबाइल फोन पुलिस जांच का अहम हिस्सा हैं। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन में मौजूद सामग्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी ने कथित तौर पर महिला को किस तरह धमकाया और रकम की मांग किस माध्यम से की।

वहीं, पुलिस द्वारा बरामद किए गए सामान के बिल भी जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनके माध्यम से कथित तौर पर वसूली गई रकम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।

आरोपी को भेजा गया जेल

गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान के संबंध में साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने कथित तौर पर वसूली गई रकम का इस्तेमाल किन-किन चीजों को खरीदने में किया था।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ब्लैकमेलिंग और जबरन रकम वसूलने के मामलों में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका एक बार फिर सामने आई है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर मोबाइल फोन, चैट, फोटो, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच करती है, ताकि आरोपों से जुड़े तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थापित किया जा सके।

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