आजमगढ़ से कांग्रेस का बड़ा ऐलान: यूपी की सभी 403 सीटों पर तैयारी, अगले महीने गठबंधन पर होगी चर्चा

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Digital UP News Desk

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने भी संगठन को मजबूत करने और प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी करने का संकेत दिया है। आजमगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा और संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत होगी।

राजेंद्र पाल गौतम ने यह बयान आजमगढ़ के सदर तहसील क्षेत्र के जमालपुर में आयोजित राजभर समाज और मूल निवासी समाज पार्टी की बैठक के दौरान दिया। बैठक में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से संवाद किया तथा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों पर बात की।

403 सीटों पर कांग्रेस की तैयारी

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के बयान के मुताबिक पार्टी फिलहाल उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों को ध्यान में रखकर संगठन और चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है। इसका मतलब यह है कि पार्टी अपने संगठन को किसी सीमित क्षेत्र या संभावित गठबंधन में मिलने वाली सीटों तक सीमित नहीं रखना चाहती।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस उन सीटों पर भी संगठनात्मक तैयारी करेगी, जहां भविष्य में गठबंधन के किसी सहयोगी दल का उम्मीदवार चुनाव मैदान में हो सकता है। उनके मुताबिक गठबंधन की स्थिति में सहयोगी दलों के प्रत्याशियों के लिए भी कांग्रेस कार्यकर्ता काम करेंगे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे और गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा चल रही है। जून 2026 में भी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर औपचारिक बातचीत अभी शुरू नहीं हुई थी और कांग्रेस अपनी हिस्सेदारी को लेकर बातचीत करेगी।

संगठन सृजन अभियान पर जोर

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य फोकस फिलहाल संगठन सृजन अभियान पर है। पार्टी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्षों के चयन के लिए AICC ऑब्जर्वर और स्टेट ऑब्जर्वरों ने जमीनी स्तर पर काम किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 134 जिलों और शहरों में जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कांग्रेस की योजना इसी महीने संगठन को ऊपर से लेकर नीचे तक घोषित करने की है।

कांग्रेस के लिए यह संगठनात्मक प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दल बूथ और जिला स्तर तक अपनी तैयारियां मजबूत करने में जुटे हैं। संगठन मजबूत होने से पार्टी को स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, चुनावी समन्वय और संभावित उम्मीदवारों की पहचान जैसे कार्यों में मदद मिल सकती है।

अगले महीने सीट बंटवारे पर बातचीत

गठबंधन के सवाल पर राजेंद्र पाल गौतम ने तत्काल किसी अंतिम फार्मूले की घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि पहले संगठन सृजन का काम पूरा किया जाएगा और इसके बाद अगले महीने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू होगी।

इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस फिलहाल दोनों स्तरों पर तैयारी कर रही है। एक ओर पार्टी सभी 403 सीटों पर अपना संगठन और चुनावी ढांचा तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर संभावित गठबंधन के विकल्प को भी खुला रखा गया है।

उन्होंने INDIA गठबंधन को लेकर कहा कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर आगे बढ़ने की जिम्मेदारी समझती है। उनके मुताबिक गठबंधन में सभी दलों को एक साथ लेकर आगे बढ़ने की योजना होनी चाहिए।

इमरान मसूद के बयान के बाद बढ़ी चर्चा

कांग्रेस के 403 सीटों पर तैयारी वाले बयान ने पार्टी के भीतर और गठबंधन की राजनीति को लेकर चर्चा को बढ़ा दिया है। इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को गठबंधन में अधिक सीटें मिलने की बात कही थी। उनका तर्क था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस का संगठन और राजनीतिक आधार बढ़ रहा है, तो सीट बंटवारे में भी पार्टी की हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए।

ऐसे में राजेंद्र पाल गौतम का सभी सीटों पर तैयारी करने का बयान कांग्रेस की बातचीत की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस वास्तव में सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, क्योंकि स्वयं प्रदेश प्रभारी ने गठबंधन के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत की संभावना स्पष्ट की है।

गठबंधन पर कांग्रेस का रुख क्या है?

राजेंद्र पाल गौतम ने अपने बयान में एक तरफ सभी 403 सीटों पर तैयारी की बात कही, वहीं दूसरी तरफ सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना को भी बरकरार रखा। इसलिए कांग्रेस की मौजूदा रणनीति को दो स्तरों पर समझा जा सकता है।

पहला, पार्टी संगठन को इस तरह तैयार करना चाहती है कि वह प्रदेश की किसी भी विधानसभा सीट पर चुनावी गतिविधियां संचालित कर सके। दूसरा, सीट बंटवारे के दौरान कांग्रेस अपने संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारी को आधार बनाकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत कर सके।

इस संबंध में अंतिम तस्वीर अगले महीने होने वाली संभावित सीट बंटवारा वार्ता के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने आए बयानों में कांग्रेस ने गठबंधन से अलग होने की कोई अंतिम घोषणा नहीं की है।

सामाजिक समीकरणों पर भी कांग्रेस का फोकस

आजमगढ़ में राजभर समाज और मूल निवासी समाज पार्टी की बैठक में राजेंद्र पाल गौतम की मौजूदगी को कांग्रेस के सामाजिक पहुंच अभियान के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश के विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपना संगठन मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

बैठक के दौरान गौतम ने शिक्षा, सामाजिक अधिकारों, आरक्षण और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस सरकारों के दौरान लिए गए कई फैसलों और योजनाओं का उल्लेख किया। हालांकि, इन मुद्दों पर उनके कई बयान राजनीतिक आरोपों और पार्टी के दावों के रूप में थे।

2027 के लिए अभी से तैयार हो रहा संगठन

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं और 2027 के चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख दल संगठनात्मक तैयारियों में जुटे हैं। कांग्रेस के लिए मौजूदा चरण में सबसे बड़ा फोकस जिला, शहर और स्थानीय स्तर के संगठन को सक्रिय करना है।

राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक इसी महीने संगठन सृजन की प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। इसके बाद सहयोगी दलों से सीट बंटवारे पर बातचीत की जाएगी। इस लिहाज से आने वाले कुछ सप्ताह कांग्रेस की चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल कांग्रेस ने सभी 403 सीटों पर तैयारी का दावा किया है, लेकिन गठबंधन की स्थिति में सीटों का वास्तविक बंटवारा बातचीत के बाद ही तय होगा। इसलिए 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, यह अभी निश्चित नहीं है।

403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है

आजमगढ़ से राजेंद्र पाल गौतम का बयान उत्तर प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा चुनावी रणनीति की दिशा को जरूर स्पष्ट करता है। पार्टी संगठन को प्रदेशव्यापी स्तर पर मजबूत करने के साथ सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। साथ ही, कांग्रेस ने संभावित गठबंधन के विकल्प को भी खुला रखा है।

अब नजर संगठन सृजन अभियान के पूरा होने और अगले महीने शुरू होने वाली संभावित सीट बंटवारे की बातचीत पर रहेगी। इसके बाद ही यह अधिक स्पष्ट हो सकेगा कि कांग्रेस और उसके संभावित सहयोगी 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा किस आधार पर करते हैं।

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