रक्तदान महादान: लखीमपुर मेडिकल कॉलेज में 17 सितंबर को विशाल रक्तदान शिविर, सीएमओ ने की अपील
रिपोर्ट-शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में मानव सेवा और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के शहर स्थित नवीन भवन में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर की शुरुआत सुबह 10 बजे से होगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि रक्तदान मानव जीवन बचाने की दिशा में किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों में से एक है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव संबंधी जटिलताओं, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को रक्त और उसके घटकों की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में उपलब्ध रक्त किसी जरूरतमंद के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है।
इंसान ही कर सकता है रक्त की जरूरत पूरी
सीएमओ ने रक्तदान के महत्व को समझाते हुए कहा कि रक्त एक ऐसा अमूल्य ऊतक है, जिसे किसी कारखाने या प्रयोगशाला में तैयार नहीं किया जा सकता। इसकी उपलब्धता के लिए स्वस्थ लोगों का स्वैच्छिक रक्तदान आवश्यक है। इसलिए रक्तदान केवल एक स्वास्थ्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जरूरत के समय सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रक्तदान शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत यह शिविर आयोजित किया जा रहा है।
रक्तदान को लेकर डरने की जरूरत नहीं
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने लोगों से रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और पात्र व्यक्ति के लिए चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान सामान्यतः सुरक्षित प्रक्रिया है। रक्तदान से पहले स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जांच की जाती है और पात्र पाए जाने वाले व्यक्ति से ही रक्त लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि रक्तदान करने से हर व्यक्ति को कमजोरी या किसी तरह की स्थायी समस्या हो जाती है। हालांकि, रक्तदान से पहले और बाद में स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह का पालन करना जरूरी है। पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन भी महत्वपूर्ण होता है।
इसलिए, जो लोग रक्तदान के लिए पात्र हैं, उन्हें बिना किसी अनावश्यक डर के आगे आना चाहिए। साथ ही, जिन लोगों को किसी बीमारी, दवा या अन्य स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान को लेकर संदेह है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
रक्तदान से पहले होती है स्वास्थ्य जांच
रक्तदान शिविर में आने वाले संभावित रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाती है। सामान्य तौर पर रक्तदान से पहले ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और पल्स जैसी जरूरी जांचों के माध्यम से यह देखा जाता है कि संबंधित व्यक्ति रक्तदान के लिए उपयुक्त है या नहीं।
इस प्रक्रिया का एक लाभ यह भी है कि रक्तदाता को अपने स्वास्थ्य की कुछ बुनियादी जानकारी मिल जाती है। हालांकि, इसे पूर्ण स्वास्थ्य जांच या किसी बीमारी की जांच का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। रक्तदान से संबंधित अंतिम निर्णय निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी लेते हैं।
रक्तदान क्यों है जरूरी?
रक्त की आवश्यकता कई तरह की चिकित्सकीय परिस्थितियों में पड़ सकती है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों से लेकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों तक, अनेक मरीजों के उपचार में रक्त या उसके घटकों की जरूरत होती है। इसके अलावा प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव जैसी आपात स्थिति में भी रक्त की आवश्यकता हो सकती है।
ऐसे में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से अस्पतालों और ब्लड बैंकों में जरूरत के समय रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
एक रक्तदान से कई मरीजों को मिल सकती है मदद
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रक्त को विभिन्न घटकों में अलग किया जा सकता है। इससे एक रक्तदान से प्राप्त रक्त का उपयोग आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जा सकता है। इसी कारण रक्तदान को मानव सेवा से जोड़कर देखा जाता है।
हालांकि, एक यूनिट रक्त से कितने मरीजों को लाभ मिलेगा, यह रक्त के घटकों और मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता पर निर्भर करता है। इसलिए रक्तदान का वास्तविक महत्व इस बात में है कि आपका दिया हुआ रक्त जरूरतमंद मरीज तक सुरक्षित रूप से पहुंचकर उसके उपचार में काम आ सके।
युवाओं और सामाजिक संगठनों से विशेष अपील
सीएमओ ने जिले के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिक से अधिक स्वस्थ और पात्र लोग रक्तदान के लिए आगे आएं तो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से यह संदेश भी साझा करने का आग्रह किया कि रक्तदान एक जिम्मेदार सामाजिक पहल है। विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी से समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
17 सितंबर को मेडिकल कॉलेज में लगेगा शिविर
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाला यह विशाल रक्तदान शिविर 17 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से लखीमपुर मेडिकल कॉलेज के शहर स्थित नवीन भवन में आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से समय पर पहुंचकर रक्तदान अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है।
रक्तदान करने से पहले संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा पात्रता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक मानकों की जांच की जाएगी। इसके बाद योग्य व्यक्ति ही रक्तदान कर सकेंगे। इस प्रकार शिविर में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रक्त संग्रह करने पर जोर रहेगा।
मानवता की सेवा का अवसर
रक्तदान का महत्व केवल चिकित्सा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। यह समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को भी मजबूत करता है। किसी अनजान जरूरतमंद व्यक्ति के लिए रक्तदान करना इस बात का उदाहरण है कि समाज के लोग कठिन समय में एक-दूसरे के काम आ सकते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है। यदि अधिक संख्या में पात्र लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं, तो जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग मिल सकता है।
अंततः, 17 सितंबर को आयोजित होने वाला रक्तदान शिविर जिले के लोगों के लिए मानव सेवा में योगदान देने का अवसर है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे रक्तदान के महत्व को समझें, भ्रांतियों से बचें और चिकित्सकीय रूप से पात्र होने पर इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

