श्रावस्ती में बिना अनुमति AIMIM का रोड शो पड़ा भारी, शौकत अली समेत 50-60 कार्यकर्ताओं पर FIR

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Digital UP News Desk

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में जिला मुख्यालय भिनगा में बिना अनुमति सड़क पर शक्ति प्रदर्शन और रोड शो करना AIMIM नेताओं और कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, हाजी दद्दन खां समेत करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

वहीं, घटना ने आने वाले समय में जिले के बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि बसपा से निष्कासित नेता हाजी दद्दन खां को AIMIM की सदस्यता दिलाने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भिनगा में जुटे थे। इसी दौरान समर्थकों के साथ काफिला निकाला गया और सड़क पर शक्ति प्रदर्शन किया गया।

पुलिस के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफिले को रोक दिया और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की।

हाजी दद्दन खां की AIMIM में एंट्री के दौरान जुटे समर्थक

दरअसल, हाजी दद्दन खां के AIMIM में शामिल होने के कार्यक्रम को लेकर समर्थकों में उत्साह देखा गया। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद समर्थकों के साथ काफिला शहर की ओर बढ़ा। इसी दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों के काफिले को लेकर पुलिस सक्रिय हो गई।

पुलिस के मुताबिक, सार्वजनिक मार्ग पर कार्यक्रम या रोड शो आयोजित करने के लिए निर्धारित अनुमति आवश्यक होती है। आरोप है कि AIMIM नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से इस संबंध में अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में पुलिस ने कार्यक्रम को नियमों के उल्लंघन से जोड़ते हुए कार्रवाई की।

हालांकि, पूरे मामले में पुलिस की ओर से दर्ज FIR और जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने नामजद और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भिनगा कोतवाली के पास पुलिस ने रोका काफिला

रोड शो के दौरान जब काफिला भिनगा कोतवाली के पास पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोक दिया। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके बाद AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक पूछताछ की।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि रोड शो के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। पुलिस की कार्रवाई के बाद काफिले में शामिल लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई।

वहीं, पुलिस ने मामले से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कार्यक्रम के दौरान कितने लोग मौजूद थे और सार्वजनिक मार्ग पर किस तरह की स्थिति बनी थी।

शौकत अली और हाजी दद्दन खां समेत कई लोगों पर मामला

पुलिस की ओर से दर्ज FIR में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली और हाजी दद्दन खां का नाम शामिल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

पुलिस अब FIR में दर्ज आरोपों और घटना के दौरान सामने आए तथ्यों का मिलान कर रही है। जांच के दौरान कार्यक्रम से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा सकता है। साथ ही, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रोड शो के दौरान यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था पर कितना प्रभाव पड़ा।

कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

भाजपा और बसपा से जुड़े नेताओं के AIMIM में आने की चर्चा

श्रावस्ती में पिछले कुछ समय से अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के AIMIM में शामिल होने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा और बसपा से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाल के दिनों में AIMIM का रुख किया है।

इसी क्रम में हाजी दद्दन खां की AIMIM में एंट्री को भी स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके स्वागत और सदस्यता कार्यक्रम में समर्थकों की मौजूदगी को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया।

हालांकि, किसी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी अपने आप में किसी राजनीतिक प्रभाव का अंतिम प्रमाण नहीं होती। इसका वास्तविक असर आने वाले चुनावों और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई दे सकता है।

FIR के बाद जिले की सियासत में बढ़ी हलचल

AIMIM नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद श्रावस्ती की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां पुलिस इसे कानून और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा मामला बता रही है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

दरअसल, किसी भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होता है। इसलिए पुलिस की कार्रवाई का मुख्य आधार अनुमति के बिना सार्वजनिक मार्ग पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने का आरोप है।

इसके अलावा, इस मामले ने यह भी संकेत दिया है कि जिले में राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ी हुई है। आने वाले दिनों में यदि AIMIM की ओर से और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तो अनुमति और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया

पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग पर बिना अनुमति भीड़ जुटाने या ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने से यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए नियमों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। अनुमति मिलने के बाद ही कार्यक्रम को तय नियमों और शर्तों के अनुसार आयोजित किया जा सकता है।

इस मामले में भी पुलिस इसी आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

AIMIM के लिए क्या मायने रखती है यह घटना?

श्रावस्ती में AIMIM की राजनीतिक सक्रियता के बीच यह मामला पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाजी दद्दन खां की पार्टी में एंट्री और उनके स्वागत में जुटी भीड़ ने स्थानीय स्तर पर AIMIM की गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, FIR दर्ज होने के कारण अब पार्टी को कानूनी प्रक्रिया का सामना भी करना होगा।

दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से देखा जाए तो किसी नए नेता की पार्टी में एंट्री और उसके बाद होने वाला शक्ति प्रदर्शन स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। फिर भी इसका वास्तविक प्रभाव कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

जांच के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल श्रावस्ती पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस रोड शो से जुड़े घटनाक्रम, मौजूद लोगों और कार्यक्रम के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, मामले में नामजद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद श्रावस्ती में AIMIM की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाजी दद्दन खां के पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद अब FIR तक पहुंच गया है। हालांकि, मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि राजनीतिक कार्यक्रमों और रोड शो के दौरान प्रशासनिक अनुमति तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर रहेगी।

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