मुजफ्फरपुर के निजी स्कूल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 50 लाख की रंगदारी का पर्चा चिपकाकर फरार हुए बदमाश

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Digital UP News Desk

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार की सुबह एक निजी स्कूल को निशाना बनाकर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। कांटी थाना क्षेत्र स्थित चंद्रशील स्कूल के मुख्य गेट और आसपास बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। इसके साथ ही स्कूल के गेट पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाला धमकी भरा पर्चा भी चिपकाया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि फायरिंग के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं। वहीं, स्कूल की बाउंड्री वॉल, दीवार और मुख्य गेट पर गोली लगने के निशान मिले हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

सुबह के वक्त स्कूल पहुंचे बाइक सवार बदमाश

जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच की बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में हेलमेट पहने दो संदिग्ध बाइक सवार युवक स्कूल के मुख्य गेट के पास आते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों ने पहले स्कूल के गेट पर रंगदारी मांगने वाला पर्चा चिपकाया। इसके बाद उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट और आसपास के हिस्से में कई राउंड फायरिंग की।

फायरिंग के बाद दोनों संदिग्ध बाइक से मौके से निकल गए। घटना के समय स्कूल परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों की मौजूदगी नहीं थी। यही वजह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। सुबह जब लोगों को घटना की जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में लोग स्कूल के आसपास जुटने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

50 लाख रुपये की रंगदारी का पर्चा

इस घटना का सबसे अहम पहलू स्कूल के गेट पर चिपकाया गया पर्चा है। इसमें स्कूल प्रशासन से कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। पर्चे में मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।

पुलिस ने पर्चे को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे किसने तैयार किया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रंगदारी की मांग अचानक की गई या स्कूल प्रशासन को इससे पहले भी किसी तरह की धमकी मिली थी।

स्कूल प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि संस्थान पिछले करीब 25 वर्षों से संचालित हो रहा है। प्रबंधन के अनुसार, इससे पहले इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई थी। ऐसे में फायरिंग और रंगदारी के पर्चे ने स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

स्कूल की दीवार और गेट पर मिले गोलियों के निशान

पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्कूल की बाउंड्री वॉल, दीवार और मुख्य गेट पर गोलियों के निशान पाए गए। इसके अलावा जमीन से कई खोखे भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है। इसके साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि संदिग्धों के आने और वहां से निकलने के रास्ते की जानकारी मिल सके।

जांच अधिकारियों का मानना है कि अपराधियों ने पहले से रेकी की हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

CCTV फुटेज से संदिग्धों की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने स्कूल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती फुटेज में दो बाइक सवार संदिग्ध नजर आए हैं। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसके बावजूद पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों और बाइक की पहचान से जुड़े सुराग जुटा रही है। स्कूल तक पहुंचने और वारदात के बाद भागने वाले संभावित रास्तों पर लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध किस दिशा से आए थे और घटना के बाद किस रास्ते से फरार हुए। इसके अलावा आसपास के इलाकों में मौजूद अन्य कैमरों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने कई पहलुओं को जांच में शामिल किया

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पश्चिमी सुचित्रा कुमारी और कांटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी जानकारी ली।

एसडीपीओ पश्चिमी सुचित्रा कुमारी के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस रंगदारी की मांग को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही स्कूल की जमीन से जुड़े किसी संभावित विवाद और अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी एक कारण को घटना की वजह मानकर जांच नहीं की जा रही है। सभी संभावित कारणों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

स्कूल प्रशासन की बढ़ी चिंता

घटना के बाद स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि इतने लंबे समय से संस्थान संचालित होने के बावजूद पहले इस तरह की घटना नहीं हुई थी।

अब स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

वहीं, पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे स्थानीय स्तर पर सक्रिय कोई आपराधिक समूह शामिल है या किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण स्कूल को निशाना बनाया गया। रंगदारी के पर्चे और फायरिंग के बीच संबंध की भी जांच की जा रही है।

आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस

मुजफ्फरपुर पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले खोखे, धमकी भरे पर्चे और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कांटी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि 50 लाख रुपये की कथित रंगदारी की मांग के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इस वारदात में कौन लोग शामिल हैं।

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