चंदौली में 6 डैम ओवरफ्लो, बलिया में गंगा-सरयू उफान पर, 19 जिलों में बारिश का अलर्ट
Digital UP News Desk
मानसूनी बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। चंदौली में पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण छह डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। इसके बाद सभी डैम के गेट खोलकर नदियों में पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, बलिया में गंगा और सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
प्रदेश में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मौसम विभाग ने रविवार को 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के करीब 50 जिलों में बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
चंदौली में छह डैम से छोड़ा गया 5,256 क्यूसेक पानी
चंदौली के पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद रविवार सुबह जिले के छह डैम से कुल 5,256 क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नौगढ़ डैम से 495 क्यूसेक, चंद्रप्रभा डैम से 396 क्यूसेक, मुसाखाड़ डैम से 1,634 क्यूसेक, भैसोड़ा डैम से 75 क्यूसेक, लतीफशाह डैम से 1,795 क्यूसेक और मुजफ्फरपुर डैम से 861 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इनमें लतीफशाह डैम से पानी का बहाव काफी तेज दिखाई दिया। डैम से निकलता पानी झरने की तरह बहता नजर आया। हालांकि, जल निकासी के साथ ही प्रशासन की ओर से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि निचले इलाकों में किसी तरह की समस्या न बढ़े।
मऊ में सरयू का जलस्तर घटा, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर
मऊ में सरयू नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। शनिवार को नदी का जलस्तर 70.35 मीटर पर पहुंच गया। इसके बावजूद नदी अभी भी खतरे के निशान 69.90 मीटर से करीब 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
जलस्तर में कमी से बाढ़ प्रभावित लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, घोसी और मधुबन तहसील के निचले इलाकों में अब भी पानी जमा है। बेलौली सोनबरसा, पतनई, गौरीडीह और बहादुरपुर समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। वहीं, प्रशासनिक टीमें भी स्थिति पर नजर रख रही हैं।
बलिया में गंगा-सरयू खतरे के निशान से ऊपर
बलिया में गंगा और सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। शनिवार सुबह आठ बजे गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 59.16 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर के कारण सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के निचले हिस्सों में भी पानी पहुंच गया है। कई घरों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। वहीं, जहां पानी अपेक्षाकृत कम है, वहां लोग पानी के बीच से होकर अपने जरूरी काम के लिए निकल रहे हैं।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज होने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कटान के दौरान एक विशाल पेड़ नदी में समा गया। नदी के लगातार बढ़ते बहाव और कटान के कारण आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
वहीं, निघासन की झंडी पुलिस चौकी परिसर में करीब छह फीट लंबा सांप मिलने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।
वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू किया गया सांप रेट स्नेक प्रजाति का था। सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बाद पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
भदोही में 15 फीट लंबा अजगर मिला
भदोही के एक गांव में करीब 15 फीट लंबा अजगर दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में उत्सुकता और चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
बाद में उसे प्राकृतिक वातावरण में जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग की टीम ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें तथा किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें।
कानपुर-उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ा
कानपुर और उन्नाव में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति सामने आई है। कुछ स्थानों पर करीब 10 फीट तक पानी भरने की जानकारी है।
ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के बढ़ते जलस्तर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
बाराबंकी में नदी के ऊपर लटका मस्जिद का हिस्सा
लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले में सरयू नदी का बढ़ा जलस्तर एक पुराने निर्माण के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ है। नदी के किनारे स्थित मस्जिद का एक हिस्सा नदी की ओर लटका हुआ दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि जलस्तर और कटान बढ़ने पर निर्माण का बाकी हिस्सा भी प्रभावित हो सकता है।
ऐसे में प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और नदी के आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
19 जिलों में बारिश का अलर्ट
प्रदेश में शनिवार सुबह कई जिलों में बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला। हालांकि, ज्यादातर जिलों में सुबह के समय धूप भी निकली। इसके बावजूद मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटे में करीब 50 जिलों में बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है।
विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा, बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन के सामने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की चुनौती है। बाढ़ प्रभावित जिलों में जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, जरूरत पड़ने पर नाव और अन्य राहत संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
फिलहाल, कुछ क्षेत्रों में जलस्तर घटने से राहत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन कई जिलों में नदियां अभी भी खतरे के निशान के ऊपर या उसके करीब बह रही हैं। इसलिए आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर सभी की नजर बनी रहेगी।

