हमीरपुर में DIG और मंडलायुक्त ने सुनीं फरियाद, तीजा महोत्सव की सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा

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रिपोर्ट-मोहम्मद अकरम

हमीरपुर।  हमीरपुर जिले में कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को सुमेरपुर थाने का निरीक्षण किया। डीआईजी राजेश एस. और मंडलायुक्त अजीत कुमार सुमेरपुर थाना पहुंचे, जहां उन्होंने थाना दिवस के दौरान फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों को शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों के थाने पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक कर लोगों की शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही शिकायतकर्ता को समयबद्ध तरीके से उचित कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

थाना दिवस में सुनी गईं फरियादियों की शिकायतें

सुमेरपुर थाने में आयोजित थाना दिवस के दौरान डीआईजी राजेश एस. और मंडलायुक्त अजीत कुमार ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने शिकायतों की प्रकृति और अब तक हुई कार्रवाई के बारे में संबंधित पुलिसकर्मियों से जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करते हुए उसका निष्पक्षता के साथ परीक्षण किया जाए। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि फरियादी को वास्तविक राहत मिल सके।

इसके साथ ही भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद और अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित शिकायतों में पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि जहां किसी मामले में दोनों विभागों की भूमिका आवश्यक है, वहां संयुक्त रूप से मौके पर जाकर स्थिति की जांच की जाए।

तीजा महोत्सव की तैयारियों का लिया जाएगा जायजा

थाना दिवस के बाद डीआईजी और मंडलायुक्त सुमेरपुर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक तीजा महोत्सव की तैयारियों का भी जायजा लेने पहुंचे। सुमेरपुर का तीजा महोत्सव लंबे समय से आयोजित होता आ रहा है और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व माना जाता है। प्रशासन के अनुसार यह आयोजन करीब 176 वर्षों से लगातार चला आ रहा है।

इस वर्ष तीजा महोत्सव का आयोजन 14 से 17 सितंबर तक किया जाएगा। तीन दिवसीय भव्य मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेले के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

मेले में 352 पुलिसकर्मी, पीएसी और फायर टीम रहेगी तैनात

तीजा महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेले में 352 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पीएसी के जवान और फायर टीम भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे।

पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किए जाने की योजना है, ताकि मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रमुख स्थानों, प्रवेश एवं निकास मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।

इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टीम को भी आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखा जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने दिए जरूरी निर्देश

डीआईजी राजेश एस. और मंडलायुक्त अजीत कुमार ने मेले की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन, अग्निशमन व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण से जुड़े बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि मेले जैसे बड़े आयोजनों में पुलिस की मौजूदगी के साथ-साथ आपसी समन्वय भी बेहद जरूरी है। इसलिए पुलिस, प्रशासन, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा जाए।

साथ ही मेले में आने वाले लोगों को यातायात संबंधी किसी परेशानी से बचाने के लिए प्रमुख मार्गों पर व्यवस्था को बेहतर रखने के निर्देश दिए गए। जरूरत के अनुसार यातायात को व्यवस्थित करने और भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती करने पर भी जोर दिया गया।

ऐतिहासिक तीजा महोत्सव को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह

सुमेरपुर का तीजा महोत्सव स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। करीब 176 वर्षों से आयोजित हो रहे इस महोत्सव की अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। हर वर्ष मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

इसी वजह से इस बार भी प्रशासन ने आयोजन को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि परंपरागत आयोजन के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा मानकों को भी ध्यान में रखा जाए। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता होगी। वहीं, प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

शिकायतों के समाधान और कानून-व्यवस्था पर जोर

डीआईजी और मंडलायुक्त का सुमेरपुर दौरा केवल तीजा महोत्सव की तैयारियों तक सीमित नहीं रहा। थाना दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों ने यह संदेश भी दिया कि आम लोगों की शिकायतों का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायत मिलने के बाद उसके निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार रखने के निर्देश भी दिए।

दरअसल, थाना दिवस का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा स्थानीय समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया।

चार दिन चलेगा आयोजन

इस वर्ष सुमेरपुर में तीजा महोत्सव 14 सितंबर से 17 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा का विस्तृत प्लान तैयार किया है। 352 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और फायर टीम की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

इसके अलावा अधिकारियों द्वारा समय-समय पर मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किए जाने की संभावना है, ताकि आयोजन के दौरान सामने आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।

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