लखीमपुर खीरी में ढाई करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजना का काम बंद मिला, विधायक रोमी साहनी ने जताई नाराजगी
Digital UP News Desk
लखीमपुर खीरी: पलिया विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से स्वीकृत करीब ढाई करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर निगरानी तेज हो गई है। इसी क्रम में पलिया विधायक रोमी साहनी ने शारदा नदी के किनारे चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर निर्माण कार्य बंद मिलने पर विधायक ने नाराजगी जताई और संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मानसून के दौरान शारदा नदी और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए परियोजना का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को कार्य की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा कराने के निर्देश भी दिए।
शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण
पलिया विधानसभा क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे बाढ़ से सुरक्षा के लिए परियोजना पर काम कराया जा रहा है। इसी कार्य की स्थिति जानने के लिए विधायक रोमी साहनी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल का जायजा लिया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
मौके पर निर्माण कार्य बंद मिलने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों से स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित परियोजना को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए निर्माण कार्य का समय पर पूरा होना आवश्यक है।
इसके बाद विधायक ने अधिकारियों को तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा, ताकि काम दोबारा रुकने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
करीब ढाई करोड़ रुपये की परियोजना
विधायक रोमी साहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पलिया विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से करीब ढाई करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य बाढ़ के संभावित प्रभाव को कम करना और नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, तो उसका निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे बढ़ना चाहिए। ऐसे में मौके पर काम बंद मिलना गंभीर विषय है। विधायक ने अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, कार्य की गति और उसे पूरा करने की समय सीमा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन से स्वीकृत किसी भी विकास परियोजना का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसलिए संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी न हो।
मानसून को देखते हुए बढ़ी चिंता
पलिया विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों में बाढ़ का प्रभाव चिंता का विषय रहा है। शारदा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर नदी के आसपास के क्षेत्रों में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों का समय पर पूरा होना स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधायक ने इसी वजह से मानसून के दौरान कार्य में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
इसके अलावा, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी नजर रखने की आवश्यकता बताई गई, ताकि परियोजना का उद्देश्य प्रभावी ढंग से पूरा हो सके।
अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
विधायक के अनुसार, यदि कार्य समय पर शुरू नहीं किया गया तो मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। यदि निर्माण कार्य में किसी स्तर पर समस्या आ रही है, तो उसे समय रहते दूर किया जाए, ताकि परियोजना की समय सीमा प्रभावित न हो।
क्षेत्रवासियों को बाढ़ से राहत दिलाना प्राथमिकता
रोमी साहनी ने कहा कि पलिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बाढ़ की समस्या से राहत दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। बाढ़ के दौरान लोगों को आवागमन, फसल, पशुधन और रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से किए जाने वाले सुरक्षा कार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा परियोजना का उद्देश्य केवल नदी के किनारे निर्माण कराना नहीं है, बल्कि संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना है। इसलिए संबंधित विभाग को कार्य की गंभीरता को समझते हुए निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुसार काम आगे बढ़ाना चाहिए।
परियोजना की नियमित निगरानी पर जोर
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उसकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मौके पर समय-समय पर निरीक्षण और प्रगति की समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, यदि निर्माण के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए।
इससे एक ओर काम में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा और दूसरी ओर परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिलेगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों की अहमियत
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा परियोजनाएं स्थानीय आबादी के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए तट सुरक्षा, जल निकासी और अन्य आवश्यक संरचनाओं का मजबूत होना जरूरी माना जाता है। इसके साथ ही समय-समय पर इन संरचनाओं की निगरानी और मरम्मत भी आवश्यक होती है।
पलिया क्षेत्र में स्वीकृत परियोजना को भी इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा जब इसका निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और तैयार संरचनाओं का उचित रखरखाव किया जाए।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान काम बंद मिलने पर विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
विधायक के इस रुख के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने परियोजना को गति देने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण कार्य कब तक दोबारा शुरू होता है और परियोजना को निर्धारित समय सीमा में किस तरह पूरा किया जाता है।
समय पर पूरा होने से क्षेत्र को मिल सकती है राहत
कुल मिलाकर, लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में करीब ढाई करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना को लेकर विधायक रोमी साहनी ने मौके पर कार्य बंद मिलने के बाद नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराने और परियोजना की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
मानसून को देखते हुए इस परियोजना का समय पर पूरा होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, विधायक ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रवासियों को बाढ़ से राहत दिलाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
अब संबंधित विभाग के सामने चुनौती परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की है। यदि कार्य निर्धारित समय में पूरा होता है, तो इससे शारदा नदी के आसपास के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

