आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार, तमंचा और वध में प्रयुक्त हथियार बरामद – पढ़िए कौन है यह शातिर
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में सरायमीर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी मुठभेड़ के दौरान हुई, जिसमें जवाबी कार्रवाई के दौरान उसके बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे और निशानदेही से अवैध तमंचा-कारतूस के अलावा घटना में इस्तेमाल किए जाने वाले चापड़, दो चाकू और लकड़ी का ठीहा बरामद करने का दावा किया है। वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कुँवर नदी किनारे मिले थे पशुओं के अवशेष
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर को सरायमीर थाना क्षेत्र के सदरपुर (शाहपुर) गांव में कुँवर नदी के किनारे खेत में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मौके पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी ने अवशेषों का परीक्षण किया। इसके साथ ही आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया था। इसके बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाने के साथ संदिग्धों की तलाश शुरू की।
सूचना के आधार पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ आरोपी कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार लेकर सदरपुर (शाहपुर) से कादनपट्टी की ओर जाने वाले हैं।
सूचना मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे पुलिस बल के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे। पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान चार संदिग्ध वहां से भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया। इनमें से तीन आरोपी अंधेरे, खेतों और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। वहीं, पुलिस टीम ने एक आरोपी को घेर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, घिर जाने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। पुलिस का दावा है कि इसके बावजूद आरोपी ने दोबारा फायरिंग का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल आजमगढ़ भेजा गया।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को मामले के खुलासे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। हालांकि, मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
आरोपी के पास से कई सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. साबिर पुत्र स्वर्गीय शकील, निवासी शाहपुर (सदरपुर), थाना सरायमीर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसकी उम्र करीब 28 वर्ष है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे और निशानदेही से .315 बोर का देशी तमंचा, एक फायरशुदा खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, घटना में प्रयुक्त चापड़, दो चाकू और लकड़ी का गोलाकार ठीहा भी बरामद किया गया है।
वहीं, पुलिस की फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से फॉरेन्सिक जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। इनमें खून लगी और सादी मिट्टी तथा हैंड स्वाब सहित अन्य नमूने शामिल बताए गए हैं। इन साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में तीन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान घटना में शामिल तीन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी पहचान सैफ, आजम उर्फ पप्पू और असजद के रूप में बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने इन तीनों के साथ 8 सितंबर को कुँवर नदी के किनारे खेत में प्रतिबंधित पशुओं से संबंधित घटना में शामिल होने की जानकारी दी है।
हालांकि, इस मामले में तीनों फरार आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 229/2026 दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ धारा 109(1) बीएनएस तथा 3/4/25/27 आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
फिलहाल घायल आरोपी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। दूसरी ओर, फरार आरोपियों की तलाश के साथ पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आई जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में उनकी कथित भूमिका की पुष्टि पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

