हमीरपुर के सरीला में निर्वाचन कार्यों की हुई समीक्षा बैठक, मतदाता सूची सुधार पर दिया गया जोर – पढ़िए निर्देश

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल के निर्देश पर तहसील सभागार सरीला में निर्वाचन संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सरीला श्री विकास यादव ने की। इस दौरान तहसीलदार, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), खंड विकास अधिकारी मुस्करा सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में निर्वाचन कार्यों की प्रगति, मतदाता सूची के अद्यतन, जेंडर रेशियो में सुधार और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची में जेंडर रेशियो को बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में वर्तमान जेंडर रेशियो निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं है। ऐसे में इसे लक्ष्य के अनुसार 860 से अधिक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

महिला मतदाताओं के नाम जोड़ने पर विशेष जोर

उपजिलाधिकारी विकास यादव ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इसमें पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने के साथ-साथ अपात्र मतदाताओं से संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी नियमानुसार की जानी चाहिए। उन्होंने बीएलओ को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता और सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, उन्होंने पात्र महिला मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके लिए बीएलओ को क्षेत्र में घर-घर संपर्क और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं, मतदाता सूची में ऐसे नाम जोड़े या हटाए जाने से संबंधित प्रक्रिया में नियमों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि मृत, अपात्र अथवा स्थानांतरित मतदाताओं से संबंधित जानकारी का नियमानुसार सत्यापन किया जाए। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन रह सके।

फॉर्म-6, 7 और 8 के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण

निर्वाचन कार्यों की समीक्षा के दौरान फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित आवेदनों पर भी विशेष चर्चा हुई। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए अधिकतम 07 दिवस के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। साथ ही, प्रत्येक आवेदन की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में समयबद्धता के साथ पारदर्शिता भी बेहद जरूरी है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें।

दरअसल, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित आवेदनों के समय पर निस्तारण से निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में लंबित मामलों की स्थिति पर भी ध्यान देने और उनका निर्धारित अवधि में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

मतदान केंद्रों पर AMF सुविधाओं की समीक्षा

बैठक में AMF (Assured Minimum Facilities) यानी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।

उन्होंने मतदान केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति की जांच कराने को कहा। जहां कहीं भी किसी सुविधा की कमी सामने आए, वहां संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते उसे दूर कराने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर उपलब्ध अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करने को कहा गया, ताकि निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सुविधाओं की उपलब्धता केवल कागजी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि उनका स्थलीय सत्यापन भी किया जाए।

जर्जर भवनों का होगा चिन्हांकन

उपजिलाधिकारी ने मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर अथवा क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उनका चिन्हांकन किया जाए।

ऐसे भवनों की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना है, ताकि निर्वाचन से संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं बेहतर स्थिति में उपलब्ध रहें।

निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन पर जोर

बैठक के अंत में उपजिलाधिकारी विकास यादव ने कहा कि निर्वाचन से जुड़े कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन समयबद्धता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करें।

उन्होंने बीएलओ को अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, मतदाताओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

वहीं, मतदान केंद्रों पर उपलब्ध AMF सुविधाओं की नियमित समीक्षा और कमियों को समय रहते दूर करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्वाचन संबंधी तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

कुल मिलाकर, सरीला तहसील में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मतदाता सूची को बेहतर बनाने, जेंडर रेशियो में सुधार, आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण और मतदान केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की ओर से दिए गए इन निर्देशों का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

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