लखनऊ में बढ़ा H1N1 का खतरा, एक दिन में 11 नए मरीज मिले; एक्टिव केस 52
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को 11 नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही शहर में स्वाइन फ्लू के एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटे में 2 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज भी हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नए संक्रमित मरीजों में से 2 की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं, 9 मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
लगातार तीसरे दिन बढ़ा H1N1 मरीजों का ग्राफ
लखनऊ में पिछले तीन दिनों से H1N1 संक्रमण के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे पहले बुधवार को 6 नए मरीजों की पहचान हुई थी। इसके बाद गुरुवार को 9 नए संक्रमित सामने आए। शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई।
इस तरह लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
वहीं, पिछले दिनों 4 मरीजों के स्वस्थ होने की भी जानकारी सामने आई थी। अब बीते 24 घंटे में 2 और मरीजों के ठीक होने से स्वास्थ्य विभाग को कुछ राहत मिली है।
बलरामपुर अस्पताल में भी मिले थे मामले
इससे पहले लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के 3 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। इनमें एक महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 संक्रमण को लेकर निगरानी बढ़ा दी थी।
वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है। साथ ही, संदिग्ध मरीजों की जांच और संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की चिकित्सकीय निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अस्पतालों में रिजर्व किए गए विशेष बेड
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय सरकारी अस्पतालों में H1N1 मरीजों के लिए अलग से विशेष बेड रिजर्व किए गए हैं।
इसके अलावा अस्पतालों में जरूरी एंटी-वायरल दवाओं, टेस्टिंग किट और अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। संक्रमित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए डेडिकेटेड मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं है। गंभीर मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें आइसोलेशन वार्ड या जरूरत पड़ने पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने की थी उच्चस्तरीय समीक्षा
प्रदेश में स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संक्रमण की रोकथाम और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी CHC और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी PHC पर H1N1 की जांच निःशुल्क कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निजी जांच केंद्रों द्वारा निर्धारित सरकारी दर से अधिक शुल्क वसूलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकार की ओर से अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं और टेस्टिंग किट उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है। साथ ही, आइसोलेशन वार्डों की व्यवस्था सुनिश्चित करने और गंभीर मरीजों के लिए आवश्यकतानुसार अलग ICU बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान
H1N1 संक्रमण की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की जमीनी टीमों को भी सक्रिय किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के सहयोग से संभावित मरीजों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है।
दरअसल, शुरुआती स्तर पर लक्षणों की पहचान होने से मरीज को समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार मिल सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संदिग्ध मामलों की पहचान, जांच और निगरानी की प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। खासतौर पर जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण अधिक गंभीर नजर आएं, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
लखनऊ में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना और बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना उपयोगी कदम हो सकते हैं।
इसके अलावा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण लगातार बने रहते हैं या स्थिति बिगड़ती महसूस होती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान, उपचार और निगरानी के साथ संक्रमण को आगे फैलने से रोकना है। लखनऊ में लगातार बढ़ रहे नए मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और महत्वपूर्ण हो सकती है।

