श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एक्शन में दिखे नगर आयुक्त ओजस्वी राज, देर रात जन्मभूमि क्षेत्र का किया था निरीक्षण
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा-वृंदावन: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व को लेकर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा और नगर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और नगर निगम की तैयारियां लगातार जारी हैं। इसी क्रम में नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने देर रात करीब 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, जल निकासी, कूड़ा उठान और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ब्रज क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक पर्व है। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए नगर निगम की ओर से सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रात में जन्मभूमि क्षेत्र का निरीक्षण
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने देर रात श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से मौके पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, जल निकासी, कूड़ा उठान और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई पर ध्यान दिया गया। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि क्षेत्र में कहीं भी कूड़ा एकत्रित न रहने पाए और श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सुबह 9 बजे तक क्षेत्र में एकत्रित समस्त कूड़े की सफाई और उसका उठान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
नगर आयुक्त ने कहा कि जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित शहर के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचेंगे। इसलिए नगर निगम की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जन्माष्टमी महापर्व के दौरान अधिकारी और कर्मचारी लगातार फील्ड में मौजूद रहें। इसके अलावा भीड़ वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।
विशेष रूप से, ऐसे स्थानों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ कूड़े का तत्काल उठान कराया जाए, जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो। इससे न केवल शहर की स्वच्छता बेहतर रहेगी, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
भंडारा स्थलों पर डस्टबिन की अनिवार्य व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने भंडारा संचालकों को भी स्वच्छता को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भंडारा स्थल के आसपास पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध होने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं द्वारा इस्तेमाल किए गए दोना-पत्तल और अन्य कचरे को निर्धारित स्थान पर डाला जा सके।
जिन भंडारा स्थलों पर डस्टबिन की व्यवस्था नहीं मिली, वहां तत्काल डस्टबिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, नियमों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार जुर्माने की चेतावनी भी दी गई।
नगर आयुक्त ने भंडारा संचालकों से यह भी कहा कि वे लगातार अनाउंसमेंट के माध्यम से श्रद्धालुओं को जागरूक करें। श्रद्धालुओं से अपील की जाए कि वे दोना-पत्तल, भोजन से संबंधित कचरा और अन्य अपशिष्ट निर्धारित डस्टबिन में ही डालें।
इस पहल का उद्देश्य जन्माष्टमी के दौरान धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्माष्टमी महापर्व के दौरान वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें। किसी भी स्थान पर सफाई, जल निकासी, पेयजल या अन्य नागरिक सुविधा से संबंधित समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं की निगरानी केवल कार्यालय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें। इसके साथ ही, किसी समस्या की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
नगर निगम की टीमों को भी क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने और सफाई व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण महापर्व के दौरान व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रज की आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इसलिए मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्वच्छता के साथ संपन्न होगा जन्माष्टमी महापर्व
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी महापर्व को लेकर धार्मिक स्थलों के साथ-साथ नगर की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और साफ-सफाई, कूड़ा उठान, प्रकाश तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं।
वहीं, नगर आयुक्त के देर रात निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि प्रशासन और नगर निगम जन्माष्टमी के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर हैं। लगातार फील्ड निरीक्षण और अधिकारियों की निगरानी के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण मिले।
नगर निगम का लक्ष्य है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति, स्वच्छता और बेहतर नागरिक व्यवस्थाओं के साथ सकुशल संपन्न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

