कानपुर देहात के जरसेन में कच्ची दीवार-छत गिरने से दो बच्चों की मौत, प्रशासन ने संभाली स्थिति; परिवार को जल्द मिलेगी राहत राशि

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात। जनपद कानपुर देहात के ग्राम जरसेन में अत्यधिक बारिश के कारण कच्ची दीवार और छत गिरने की दुखद घटना सामने आई है। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता घायल हो गए। घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया और घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को शासन द्वारा निर्धारित राहत सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 02 सितंबर 2026 को कानपुर देहात की तहसील भोगनीपुर क्षेत्र के ग्राम जरसेन, थाना मूसानगर में हुई। लगातार और अत्यधिक वर्षा के कारण कच्ची दीवार और छत अचानक गिर गई। इस दौरान घर में मौजूद परिवार के सदस्य मलबे की चपेट में आ गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और तत्काल राहत एवं बचाव का प्रयास शुरू किया गया।

इस दुर्घटना में कु० पलक पुत्री श्रीराम, उम्र 07 वर्ष और लविश पुत्र श्रीराम, उम्र 01 वर्ष की मृत्यु हो गई। वहीं, बच्चों के पिता श्रीराम पुत्र स्वर्गीय दुख्खीलाल, उम्र लगभग 40 वर्ष, घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी प्राप्त होते ही उप जिलाधिकारी भोगनीपुर और तहसीलदार भोगनीपुर तत्काल ग्राम जरसेन पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके साथ ही, अधिकारियों ने घायल श्रीराम को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। उन्हें अस्पताल भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार कराया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।

इस दौरान अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से परिवार को भरोसा दिलाया गया कि इस कठिन परिस्थिति में जिला प्रशासन उनके साथ है और नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अपर जिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायल का हाल

घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री दुष्यंत कुमार मौर्य ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल श्रीराम के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायल की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी तथा उप जिलाधिकारी भोगनीपुर ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद कठिन और दुखद समय है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और परिवार को नियमानुसार राहत पहुंचाना है।

प्रशासन की सक्रियता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हादसे के बाद पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाई न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पीड़ित परिवार को जल्द मिलेगी राहत सहायता

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की ओर से बताया गया कि शासन द्वारा निर्धारित राहत सहायता राशि पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। प्रशासन का प्रयास है कि निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत परिवार को सहायता राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।

प्राकृतिक आपदा अथवा वर्षा के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जाती है। इसी क्रम में जरसेन की घटना में भी प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती अपने दो मासूम बच्चों को खोने के दुख से उबरना है। प्रशासन की ओर से परिवार को भावनात्मक एवं मानवीय स्तर पर भी सहयोग का आश्वासन दिया गया है। साथ ही घायल श्रीराम के उपचार को लेकर भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अत्यधिक बारिश में सावधानी बरतने की अपील

जरसेन की घटना के बाद जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि अत्यधिक बारिश के दौरान कच्चे, जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों से दूरी बनाए रखें। यदि किसी मकान की दीवार या छत कमजोर दिखाई दे रही है तो वहां रहने से बचना चाहिए और समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।

विशेष रूप से लगातार बारिश के दौरान कच्चे मकानों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। ऐसे भवनों में रहने वाले परिवारों को किसी भी तरह की दरार, नमी, दीवार के झुकने या छत से संबंधित खतरे के संकेत दिखाई देने पर तत्काल सावधानी बरतनी चाहिए।

इसके अलावा, यदि किसी क्षेत्र में भवन गिरने, जलभराव अथवा अन्य आपात स्थिति की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जानी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से शुरू किया जा सकता है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से पुराने और कच्चे मकानों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपदा की स्थिति में संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करेंगे। इसलिए लोगों को किसी भी खतरे की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जरसेन में हुई घटना ने एक बार फिर अत्यधिक बारिश के दौरान कमजोर और कच्चे भवनों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। हालांकि हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की और घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। अब प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ित परिवार को नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ घायल श्रीराम के बेहतर उपचार पर बनी हुई है।

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