बेहजम के दौदापुर में लाखों की चोरी का अब तक नहीं हुआ खुलासा, पीड़ित किसान लगा रहा पुलिस चौकी के चक्कर
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: थाना नीमगांव क्षेत्र की बेहजम चौकी के अंतर्गत ग्राम दौदापुर में किसान के घर हुई लाखों रुपये की चोरी का मामला लंबे समय बाद भी अनसुलझा है। चोरी की इस घटना में नकदी के साथ सोने-चांदी के जेवरात और लाइसेंसी बंदूक भी चोरी हो गई थी। हालांकि, बंदूक बाद में गांव के बाहर खेत से बरामद कर ली गई, लेकिन चोरी गए नकदी और जेवरात का अब तक पता नहीं चल सका है।
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। इसके अलावा, मामले के खुलासे के लिए पुलिस की ओर से तीन टीमें गठित किए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद पीड़ित परिवार को अभी तक चोरी के मामले में ठोस कार्रवाई या बरामदगी की जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं, ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
7 फरवरी की रात किसान के घर हुई थी चोरी
जानकारी के अनुसार, ग्राम दौदापुर निवासी किसान रामवीर सिंह के घर में 7 फरवरी की रात अज्ञात चोरों ने धावा बोला था। बताया गया कि चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए और उस समय परिवार के सदस्य सो रहे थे। चोरों ने घर के कमरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, जिससे परिवार के लोग तत्काल बाहर नहीं निकल सके।
इसके बाद चोरों ने घर में रखे बक्सों और अलमारियों को खंगाला। इस दौरान करीब एक लाख रुपये की नकदी के अलावा सोने और चांदी के लाखों रुपये कीमत के जेवरात चोरी कर लिए गए। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
चोर घर में रखी लाइसेंसी बंदूक भी अपने साथ ले गए थे। हालांकि, बाद में यह बंदूक गांव के बाहर खेत में पड़ी मिली। सुबह जब परिवार के सदस्यों ने दरवाजे बाहर से बंद पाए, तब घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने किया था घटनास्थल का निरीक्षण
चोरी की सूचना मिलते ही तत्कालीन सीओ मितौली शीतांशु कुमार, थाना नीमगांव पुलिस और बेहजम चौकी पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी ली थी।
वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। टीम ने घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस की ओर से चोरी का खुलासा करने के लिए तीन टीमों के गठन की बात कही गई थी। इससे पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश हो जाएगा।
हालांकि, समय बीतने के बावजूद चोरी की घटना का खुलासा नहीं हो सका है। ऐसे में पीड़ित परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है।
पीड़ित किसान आज भी पुलिस चौकी के चक्कर लगाने को मजबूर
चोरी की घटना के बाद रामवीर सिंह और उनका परिवार लगातार पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए है। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार मामले की प्रगति जानने के लिए पुलिस चौकी के चक्कर लगा रहा है।
परिवार का कहना है कि चोरी में बड़ी रकम और कीमती जेवरात चले गए थे। ऐसे में सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय से कार्रवाई का इंतजार कर रहे परिवार को अब पुलिस से मामले का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग उठाई
दौदापुर और आसपास के ग्रामीणों ने क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बेहजम चौकी क्षेत्र में चोरी की वारदातें लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। उनका कहना है कि रात के समय पुलिस की गश्त प्रभावी तरीके से हो तो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही दौदापुर में किसान के घर हुई चोरी का जल्द खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग भी की गई है।
पुलिस के सामने चुनौती बना अनसुलझा मामला
इस मामले में घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जाने और जांच के लिए टीमों के गठन के बावजूद अभी तक नतीजा सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस के सामने इस घटना का खुलासा करना एक चुनौती बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चोरी जैसे मामलों में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, संदिग्ध लोगों की गतिविधियों, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जैसी जानकारियां जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ी है, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
पीड़ित और ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार
दौदापुर की इस चोरी की घटना के बाद अब पीड़ित परिवार और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई की ओर देख रहे हैं। परिवार चाहता है कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और चोरी गए सामान को बरामद किया जाए। वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
फिलहाल, लाखों रुपये की चोरी से जुड़ा यह मामला लंबे समय से खुलासे का इंतजार कर रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और पीड़ित परिवार को चोरी गए सामान की बरामदगी और घटना के खुलासे के रूप में कब तक राहत मिलती है।

