कानपुर के बिल्हौर में बारिश से 12 मकान और दीवारें गिरीं, चपेट में आए दंपती – पधिर फिर हुआ क्या?
रिपोर्ट – आनंद तिवारी
कानपुर: बिल्हौर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में जर्जर और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश के चलते अलग-अलग गांवों में कुल 12 मकान और दीवारें गिरने की सूचना है। हालांकि, अधिकांश घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। वहीं, भीटी हवेली गांव में कच्चा मकान गिरने से एक दंपती मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।
लगातार बारिश के कारण बिल्हौर क्षेत्र के कई गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर कच्चे और पुराने मकानों में रहने वाले परिवारों को अधिक सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से भी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने और नुकसान का आकलन करने की बात कही गई है।
कई गांवों में गिरे कच्चे और जर्जर मकान
नानामऊ क्षेत्र के लोधन पुरवा गांव में लगातार बारिश के कारण छह कच्चे और जर्जर मकान गिर गए। इसके अलावा मुसाहेबपुर गांव में भी तीन मकान बारिश के कारण ढह गए। वहीं चौबिगही गांव में दो घरों की दीवारें गिरने की जानकारी सामने आई है।
इन घटनाओं में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, मकानों के गिरने से कई परिवारों की गृहस्थी प्रभावित हुई है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, चारपाई, बर्तन और अन्य घरेलू सामान मलबे में दब गया। ग्रामीणों ने प्रयास कर जरूरी सामान को मलबे से बाहर निकाला।
बारिश के कारण लगातार कमजोर हो रही मिट्टी और पुराने निर्माणों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो अन्य जर्जर मकानों पर भी असर पड़ सकता है।
भीटी हवेली में मकान गिरने से दंपती घायल
बिल्हौर क्षेत्र के भीटी हवेली गांव में बुधवार सुबह कच्चा मकान गिरने से दंपती घायल हो गया। बताया गया कि रामशरण के कच्चे मकान में उनका परिवार लंबे समय से रह रहा था। लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारें कमजोर हो गई थीं।
बुधवार सुबह अचानक मकान का ढांचा गिर गया। उस समय रामशरण के 35 वर्षीय पुत्र दिलीप और उनकी 30 वर्षीय पत्नी शीटू कटियार मकान के अंदर मौजूद थीं। मकान गिरने के दौरान दोनों मलबे की चपेट में आ गए और घायल हो गए।
मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को मलबे से बाहर निकाला।
बाद में दोनों को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी मामले की जानकारी ली।
लोधन पुरवा में कई परिवारों की गृहस्थी प्रभावित
लोधन पुरवा गांव में बारिश के कारण जिन मकानों को नुकसान पहुंचा, उनमें हरिश्चंद्र पुत्र स्वर्गीय रामभरोसे, अंकित पुत्र राधेश्याम, मनोज पुत्र मनसुखलाल और अनूप पुत्र मनसुखलाल समेत अन्य ग्रामीणों के मकान शामिल बताए गए हैं।
मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई। घरों में रखा अनाज और अन्य जरूरी सामान मलबे में दबने से नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर मलबा हटाकर उपयोगी सामान निकालने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में कई पुराने मकानों की स्थिति कमजोर हो रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय रहते ऐसे मकानों का सर्वे कराया जाना जरूरी है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
बारिश से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई परिवारों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही गई है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पात्र परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
एसडीएम ने सर्वे और जांच के दिए निर्देश
एसडीएम बिल्हौर मनीष कुमार ने लोधन पुरवा में मकान गिरने की घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का सर्वे और जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से बारिश से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखने की बात भी कही गई है।
वहीं, भीटी हवेली में मकान गिरने की घटना की थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने पुष्टि की। उन्होंने बताया कि घटना में घायल दोनों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार बारिश को देखते हुए सावधानी जरूरी
बिल्हौर क्षेत्र में बारिश के कारण मकानों और दीवारों के गिरने की घटनाओं के बाद पुराने और जर्जर भवनों को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। ग्रामीणों को भी कमजोर दीवारों और क्षतिग्रस्त मकानों से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है।
प्रशासन के स्तर से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल, भीटी हवेली में घायल दंपती का उपचार जारी है, जबकि अन्य गांवों में मकान गिरने की घटनाओं में जनहानि नहीं होने की जानकारी है।
बारिश के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और आगे होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

