श्रीलंका से टेस्ट ड्रॉ के बाद भी WTC फाइनल की उम्मीद कायम, शुभमन गिल बोले भारत अब भी पहुंच सकता है फाइनल

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Digital UP News Desk

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम को भले ही 2-0 की सीरीज जीत से चूकना पड़ा हो, लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं। भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की, लेकिन दूसरे टेस्ट में जीत का मजबूत मौका गंवाने के कारण WTC पॉइंट्स टेबल में टीम की स्थिति में बड़ा सुधार नहीं हो सका। भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर है और फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आगामी मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

कोलंबो टेस्ट ड्रॉ से भारत को लगा झटका

भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट भारतीय टीम के लिए काफी अहम था। मुकाबले के शुरुआती चरण में भारत ने शानदार नियंत्रण बनाए रखा था। भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और टीम जीत की स्थिति में पहुंचती दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद श्रीलंका के बल्लेबाजों ने आखिरी दिन बेहतरीन धैर्य का परिचय दिया और भारतीय टीम को जीत से रोक दिया।

श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने दूसरी पारी में शानदार शतक लगाकर अपनी टीम को संकट से बाहर निकाला। उनकी जुझारू बल्लेबाजी के कारण श्रीलंका ने भारतीय गेंदबाजों का लंबे समय तक सामना किया और मुकाबला ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की। ICC के मुताबिक दिनुषा के दूसरे शतक ने श्रीलंका को फॉलोऑन के बावजूद मैच बचाने में अहम भूमिका निभाई।

इस नतीजे के कारण भारत को 2-0 की सीरीज जीत नहीं मिल सकी। हालांकि, गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी। इस तरह भारतीय टीम ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की।

शुभमन गिल ने नहीं छोड़ी WTC फाइनल की उम्मीद

टेस्ट ड्रॉ के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम के WTC फाइनल में पहुंचने की उम्मीद को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उनका मानना है कि अभी भारत के पास वापसी करने और फाइनल की दौड़ में जगह बनाने का पर्याप्त अवसर है।

गिल के अनुसार टीम ने श्रीलंका के खिलाफ पूरी सीरीज में काफी अच्छा क्रिकेट खेला। उन्होंने खास तौर पर टीम के खिलाड़ियों के प्रयास और इरादे की सराहना की। कप्तान ने यह भी माना कि दूसरे टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर पाना निराशाजनक रहा, लेकिन इसे हार के समान नहीं देखा जा सकता।

गिल ने मुकाबले के बाद कहा कि भारतीय टीम ने लंबे समय तक मैदान पर कड़ी मेहनत की और खिलाड़ियों ने परिणाम हासिल करने के लिए पूरा प्रयास किया। उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाजों के प्रदर्शन को भी श्रेय दिया।

पांचवें स्थान पर भारत, आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद भारत WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर बना हुआ है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत का पॉइंट्स प्रतिशत 51.52 है। ऐसे में टीम को अब बाकी मुकाबलों में लगातार जीत हासिल करने की जरूरत होगी।

WTC में केवल मैच जीतना ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि पॉइंट्स प्रतिशत फाइनल की दौड़ में टीमों की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए भारत के लिए आने वाले प्रत्येक टेस्ट का महत्व बढ़ गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत को फाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीद मजबूत करने के लिए बाकी सात टेस्ट में से कम से कम छह मुकाबले जीतने की जरूरत पड़ सकती है। भारतीय टीम के सामने आगे न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की चुनौती है।

न्यूजीलैंड सीरीज होगी अहम परीक्षा

भारत के WTC अभियान में अगली बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज होगी। यह सीरीज भारतीय टीम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि यहां हासिल होने वाले परिणाम सीधे पॉइंट्स टेबल की स्थिति पर असर डालेंगे।

भारत को अब किसी भी तरह की अनावश्यक चूक से बचना होगा। एक जीत जहां टीम के पॉइंट्स प्रतिशत को मजबूत कर सकती है, वहीं हार या ड्रॉ से फाइनल की राह और कठिन हो सकती है। इसलिए कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार रखना होगी।

इसके बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की घरेलू सीरीज खेलनी है। WTC फाइनल की दौड़ में यह सीरीज निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऑस्ट्रेलिया फिलहाल तालिका में मजबूत स्थिति में है, इसलिए उसके खिलाफ लगातार जीत भारत के अभियान को काफी मजबूती दे सकती है।

युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बढ़ा आत्मविश्वास

श्रीलंका दौरे से भारतीय टीम को केवल WTC पॉइंट्स के लिहाज से ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के कारण भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।

मनव सुथार ने गेंदबाजी में प्रभाव छोड़ा, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने बल्लेबाजी में अपनी क्षमता दिखाई। ध्रुव जुरेल ने भी टीम के लिए उपयोगी योगदान देकर मध्यक्रम और विकेटकीपिंग विकल्पों को मजबूत किया। कप्तान शुभमन गिल ने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को उत्साहजनक बताया है।

दरअसल, लंबे WTC चक्र में खिलाड़ियों की फिटनेस और निरंतरता काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भविष्य में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से क्या मिला?

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 1-0 से जीती। पहले टेस्ट में भारत ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की थी। इसके बाद दूसरे टेस्ट में भी टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बनाई, लेकिन अंतिम चरण में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने शानदार संघर्ष करते हुए मैच को ड्रॉ करा दिया।

इस प्रदर्शन से एक ओर जहां भारत की गेंदबाजी और बल्लेबाजी की क्षमता सामने आई, वहीं दूसरी ओर टेस्ट मैच को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने की चुनौती भी दिखाई दी। खासकर WTC जैसे लंबे टूर्नामेंट में ऐसे मौकों का अधिकतम फायदा उठाना बेहद जरूरी है।

हालांकि, कप्तान गिल ने इस प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक नजरिया रखा है। उनका मानना है कि टीम ने मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और श्रीलंका के खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन संघर्ष किया।

WTC फाइनल के लिए भारत को क्या करना होगा?

भारत के सामने अब स्पष्ट लक्ष्य है—आने वाले टेस्ट मैचों में अधिक से अधिक जीत हासिल करना। पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर होने के कारण टीम को शीर्ष दो में पहुंचने के लिए लगातार अच्छे परिणाम की जरूरत होगी।

भारत के पास अभी सात टेस्ट बाकी हैं। इनमें दो टेस्ट न्यूजीलैंड के खिलाफ और पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने हैं। यदि भारतीय टीम इन मुकाबलों में छह जीत हासिल करने में सफल रहती है, तो फाइनल की उम्मीद काफी मजबूत हो सकती है। हालांकि, अंतिम समीकरण अन्य टीमों के परिणाम और उनके पॉइंट्स प्रतिशत पर भी निर्भर करेगा।

इसलिए टीम इंडिया के लिए अब हर टेस्ट महत्वपूर्ण है। केवल बड़ी टीमों के खिलाफ जीत ही नहीं, बल्कि पूरे WTC चक्र में निरंतरता बनाए रखना भी जरूरी होगा।

गिल की कप्तानी पर रहेगी नजर

शुभमन गिल के नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम एक नए दौर में आगे बढ़ रही है। श्रीलंका दौरे में टीम ने सीरीज तो जीती, लेकिन दूसरे टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर पाने से कप्तानी और रणनीति पर चर्चा स्वाभाविक है।

हालांकि, गिल ने कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन लागू करने के अपने फैसले का बचाव किया। उन्होंने परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया था। ICC की रिपोर्ट के अनुसार गिल ने अपनी रणनीति पर भरोसा जताया और टीम के प्रयास की सराहना की।

अब कप्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि टीम को अगले मुकाबलों में जीत की राह पर बनाए रखा जाए।

भारत के पास अभी भी मौका

कुल मिलाकर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट ड्रॉ भारत के लिए एक गंवाया हुआ अवसर जरूर है, लेकिन इससे WTC फाइनल की दौड़ खत्म नहीं हुई है। टीम अभी पांचवें स्थान पर है और उसके पास सात टेस्ट बाकी हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उनका विश्वास है कि टीम अभी भी फाइनल तक पहुंच सकती है। अब इस विश्वास को मैदान पर परिणाम में बदलने की जिम्मेदारी भारतीय खिलाड़ियों पर होगी।

आने वाले महीनों में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले भारत के WTC अभियान की दिशा तय करेंगे। यदि टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में निरंतरता बनाए रखती है तथा महत्वपूर्ण मौकों का फायदा उठाती है, तो फाइनल की दौड़ में वापसी संभव है।

इसलिए श्रीलंका के खिलाफ ड्रॉ को भारतीय टीम के लिए अंत नहीं, बल्कि आगे की रणनीति तय करने का संकेत माना जा सकता है। WTC फाइनल अभी दूर जरूर है, लेकिन शुभमन गिल की टीम के लिए दरवाजा पूरी तरह खुला हुआ है।

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