आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 की मतदाता सूची पर सपा का सवाल, 15 हजार फर्जी मतदाताओं का आरोप
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लखनऊ: आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 की मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 15 हजार से अधिक फर्जी मतदाता शामिल किए गए हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
सपा की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आगरा समेत 12 जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जिनकी पात्रता और संबंधित विद्यालयों से संबद्धता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 की मतदाता सूची को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें पार्टी ने मतदाता सूची की जांच कराने और कथित तौर पर अपात्र या फर्जी तरीके से शामिल किए गए नामों को हटाने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से सपा ने कहा कि चुनाव में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता की पात्रता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना चाहिए।
पार्टी ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
12 जिलों में फर्जी मतदाता बनाने का आरोप
सपा ने आरोप लगाया है कि आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आगरा समेत 12 जिलों में फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। पार्टी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनकी वास्तविकता और पात्रता की जांच जरूरी है।
सपा की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि करीब 125 ऐसे विद्यालयों के नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर अस्तित्व में ही नहीं हैं। पार्टी का दावा है कि इन विद्यालयों के नाम पर भी शिक्षकों और मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया गया है।
यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है तो यह शिक्षक निर्वाचन की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय होगा। हालांकि, फिलहाल ये सभी दावे सपा की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही मानी जाएगी।
RTI के जरिए जानकारी मिलने का दावा
सपा ने अपने आरोपों के समर्थन में सूचना के अधिकार यानी RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी का भी हवाला दिया है। पार्टी का दावा है कि आगरा जिले में 26 से अधिक ऐसे विद्यालयों की जानकारी सामने आई है, जो कथित तौर पर अस्तित्व में नहीं हैं।
सपा के अनुसार, इन विद्यालयों से संबंधित जानकारी और मतदाता सूची में दर्ज नामों की जांच की आवश्यकता है। पार्टी ने संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मतदाता सूची में दर्ज शिक्षक वास्तव में संबंधित विद्यालयों में कार्यरत हैं या नहीं।
गोपाल सिंह इंटर कॉलेज का मामला भी उठाया
सपा ने अपने ज्ञापन में गोपाल सिंह इंटर कॉलेज से संबंधित एक मामले का भी उल्लेख किया है। पार्टी का दावा है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य ने 22 ऐसे शिक्षकों के बारे में जानकारी दी है, जो उनके अनुसार विद्यालय के शिक्षक नहीं हैं।
इस दावे को लेकर भी सपा ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी विद्यालय के प्रधानाचार्य की ओर से ऐसे नामों के विद्यालय से संबद्ध न होने की जानकारी दी गई है, तो उनकी मतदाता सूची में मौजूदगी की जांच जरूरी है।
इस मामले में भी अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
निष्पक्ष चुनाव की मांग
सपा ने आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है।
इसीलिए पार्टी ने मांग की है कि मतदाता सूची में शामिल सभी नामों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए। यदि जांच के दौरान कोई नाम अपात्र या गलत तरीके से शामिल पाया जाता है तो उसे सूची से हटाया जाए।
सपा ने यह भी कहा है कि मतदाता सूची तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले को लेकर सपा ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और सभी संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जानी चाहिए।
इसके अलावा, पार्टी ने मतदाता सूची में कथित तौर पर शामिल फर्जी या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाकर संशोधित और सत्यापित सूची तैयार करने की मांग की है। सपा का जोर इस बात पर है कि चुनाव में केवल पात्र शिक्षकों को ही मतदान का अधिकार मिले।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 की मतदाता सूची को लेकर सामने आए आरोपों ने चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक तरफ सपा ने 15 हजार से अधिक कथित फर्जी मतदाताओं और करीब 125 विद्यालयों को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
ऐसे में अब संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान मतदाता सूची, विद्यालयों के रिकॉर्ड और शिक्षकों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सपा की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, कथित फर्जी मतदाताओं के नाम सूची से हटाने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पार्टी ने आगरा शिक्षक खंड निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने पर जोर दिया है।

