भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन देकर कसा शिकंजा, चौथे दिन 16 रन की बढ़त; जीत से सिर्फ 4 विकेट दूर टीम इंडिया
Digital UP News Desk
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। भारत ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद श्रीलंका को फॉलोऑन दिया और चौथे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम को दूसरी पारी में 229 रन पर 6 विकेट के नुकसान पर रोक दिया। श्रीलंका के पास अब भारत के खिलाफ केवल 16 रन की बढ़त है। ऐसे में मुकाबले के पांचवें दिन भारतीय टीम जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
भारत ने पहली पारी में बनाया बड़ा स्कोर
कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे इस टेस्ट में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए 503 रन पर अपनी पहली पारी घोषित की। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूत आधार दिया।
भारत के बड़े स्कोर के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मेजबान टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि, सोनल दिनुषा ने शानदार शतक लगाकर अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने 102 रन की पारी खेली। इसके बावजूद श्रीलंका भारत के पहली पारी के स्कोर से 213 रन पीछे रह गया।
213 रन की बढ़त के बाद भारत ने दिया फॉलोऑन
श्रीलंका के पहली पारी में 290 रन पर सिमटने के बाद भारत को 213 रन की बड़ी बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय कप्तान ने मेजबान टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतारते हुए फॉलोऑन लागू किया। टेस्ट क्रिकेट में फॉलोऑन उस स्थिति में दिया जाता है, जब पहली पारी में एक टीम दूसरी टीम से पर्याप्त अंतर से पीछे होती है। इसका उद्देश्य विपक्षी टीम को लगातार दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए भेजकर मैच पर दबाव बनाए रखना होता है।
भारत के इस फैसले से श्रीलंका पर अतिरिक्त दबाव बन गया। हालांकि, दूसरी पारी में मेजबान बल्लेबाजों ने पहली पारी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए भारतीय गेंदबाजों को परेशान भी किया।
दूसरी पारी में श्रीलंका की बेहतर शुरुआत
फॉलोऑन के बाद श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। लाहिरू उदारा सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कामिल मिशारा और पसिंदु सूर्यबंडारा ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 58 रन की साझेदारी हुई, जिससे श्रीलंका को शुरुआती झटके से उबरने में मदद मिली।
मिशारा के आउट होने के बाद कामिंदु मेंडिस ने सूर्यबंडारा का साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और तीसरे विकेट के लिए 115 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने कुछ समय के लिए मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
सूर्यबंडारा ने खेली 92 रन की शानदार पारी
श्रीलंका की दूसरी पारी में पसिंदु सूर्यबंडारा सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे। उन्होंने 173 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए अपनी टीम को संकट से बाहर निकालने की कोशिश की।
इसके अलावा कामिंदु मेंडिस ने भी उपयोगी अर्धशतक लगाया। उन्होंने 92 गेंदों पर 55 रन बनाए। दोनों की साझेदारी के कारण श्रीलंका एक समय मजबूत स्थिति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण समय पर वापसी की और लगातार विकेट निकालकर मैच पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया।
भारत ने अंतिम सत्र में की शानदार वापसी
श्रीलंका के बल्लेबाजों की साझेदारी टूटने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बढ़ा दिया। सूर्यबंडारा और मेंडिस के विकेट गिरने के बाद श्रीलंका का मध्यक्रम एक बार फिर लड़खड़ा गया। कप्तान धनंजया डी सिल्वा भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और 23 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के निचले क्रम पर भी दबाव बनाए रखा। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 229 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। सोनल दिनुषा 7 रन और केशरा नुवंथा 3 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
श्रीलंका की बढ़त सिर्फ 16 रन
चौथे दिन स्टंप्स तक श्रीलंका के पास भारत के मुकाबले सिर्फ 16 रन की बढ़त थी। यानी भारतीय टीम को जीत के लिए पांचवें दिन श्रीलंका की दूसरी पारी के बाकी चार विकेट जल्दी लेने होंगे और उसके बाद लक्ष्य का पीछा करना होगा।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में अंतिम दिन की परिस्थितियां हमेशा महत्वपूर्ण होती हैं। यदि श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाज लंबी साझेदारियां बनाने में सफल रहते हैं तो भारत के सामने कुछ चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आ सकता है। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाज अगर शुरुआत में ही विकेट हासिल कर लेते हैं तो टीम इंडिया के लिए मैच जीतना काफी आसान हो सकता है।
बारिश ने भी डाला खेल में खलल
चौथे दिन बारिश और खराब रोशनी के कारण खेल प्रभावित हुआ। बारिश के कारण दिन का खेल निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इसका असर दोनों टीमों की रणनीति पर भी पड़ा। भारत श्रीलंका की पारी को जल्द समाप्त करना चाहता था, जबकि मेजबान टीम के लिए बारिश ने कुछ समय के लिए राहत का काम किया।
अब पांचवें दिन मौसम और पिच की परिस्थितियां मुकाबले के नतीजे में अहम भूमिका निभा सकती हैं। भारत की कोशिश होगी कि श्रीलंका के बाकी चार विकेट जल्दी हासिल कर लक्ष्य को छोटा रखा जाए।
सीरीज जीत के करीब भारत
भारत पहले टेस्ट मैच में जीत हासिल कर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुका है। ऐसे में दूसरे टेस्ट में जीत भारत को सीरीज में 2-0 की शानदार जीत दिला देगी। दूसरी तरफ श्रीलंका के सामने मैच बचाने की चुनौती है।
मुकाबले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी है। पहली पारी में 503 रन का मजबूत स्कोर, श्रीलंका को 290 रन पर आउट करना और फिर फॉलोऑन के बाद छह विकेट हासिल करना भारतीय टीम के दबदबे को दर्शाता है। हालांकि, श्रीलंका ने दूसरी पारी में संघर्ष दिखाकर मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा होने से जरूर रोका है।
पांचवें दिन क्या होगा?
पांचवें दिन की शुरुआत श्रीलंका की दूसरी पारी से होगी। उसके पास फिलहाल 16 रन की बढ़त है और चार विकेट बाकी हैं। भारत की नजर इन चार विकेटों पर होगी। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में श्रीलंका को समेट देते हैं तो टीम के सामने बेहद छोटा लक्ष्य होगा।
वहीं, श्रीलंका के बल्लेबाजों की कोशिश होगी कि कम से कम 100 से अधिक रन की बढ़त हासिल की जाए। ऐसा होने पर भारत को लक्ष्य का पीछा करते समय कुछ दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मुकाबले का पहला सत्र निर्णायक साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद भारत टेस्ट मैच जीतने की मजबूत स्थिति में है। श्रीलंका ने दूसरी पारी में शानदार संघर्ष जरूर किया, लेकिन केवल 16 रन की बढ़त और चार विकेट शेष होने के कारण उसकी स्थिति अब भी कमजोर है। भारत के पास मैच और सीरीज दोनों अपने नाम करने का सुनहरा मौका है।

