कानपुर में रक्षाबंधन से पहले खोया मंडियों पर खाद्य विभाग का छापा, 450 किलो खोया नष्ट
रिपोर्ट – सुहैल अंसारी
कानपुर: रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए कानपुर में खाद्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शहर की प्रमुख खोया मंडियों में छापेमारी की। इस दौरान हटिया, एक्सप्रेस रोड और फजलगंज स्थित खोया मंडियों में जांच की गई।
अभियान के दौरान हटिया खोया मंडी में करीब 450 किलो बदबूदार खोया पाया गया, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप न पाए जाने के बाद नष्ट करा दिया गया। वहीं, अन्य स्थानों पर भी खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। विभाग के अनुसार अब तक कुल 19 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।
रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का विशेष अभियान
रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान मिठाइयों और खोया से बने खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग ने मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान तेज किया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर विभाग की टीम ने खोया मंडियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानदारों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की बिक्री सुनिश्चित करने को कहा।
इस अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम को कम करना है।
हटिया मंडी में 450 किलो खोया मिला खराब
अभियान के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने सबसे पहले हटिया स्थित खोया मंडी में कार्रवाई की। यहां जांच के दौरान करीब 450 किलो बदबूदार खोया पाया गया।
खाद्य विभाग की टीम ने इसे बिक्री योग्य नहीं माना। इसके बाद बरामद खोए का नियमानुसार विनष्टीकरण कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई का उद्देश्य खराब और मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोकना था।
बरामद खोए को बाबूपुरवा स्थित नगर निगम के यार्ड में ले जाकर नष्ट कराया गया। इस कार्रवाई के बाद मंडी में मौजूद अन्य दुकानदारों के बीच भी खाद्य विभाग के अभियान को लेकर चर्चा रही।
एक्सप्रेस रोड पर प्रेम खोया भंडार में जांच
हटिया के बाद खाद्य विभाग की टीम ने एक्सप्रेस रोड स्थित प्रेम खोया भंडार में भी निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित जांच की।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय व्यापारियों की ओर से रोष भी व्यक्त किया गया। इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों और जांच की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की जांच का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके बाद टीम ने निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक नमूने लिए।
इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फजलगंज खोया मंडी में भी छापेमारी
खाद्य विभाग की टीम ने इसके बाद फजलगंज स्थित खोया मंडी में भी अभियान चलाया। यहां भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बिक्री से जुड़े मानकों की जांच की गई।
अधिकारियों ने दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के साथ आवश्यक नमूने एकत्र किए। विभाग की ओर से बताया गया कि जांच प्रक्रिया के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग की ओर से ऐसे अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।
अब तक 19 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
खाद्य विभाग की ओर से चलाए गए अभियान के दौरान अब तक 19 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रयोगशाला रिपोर्ट में यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस तरह विभाग ने केवल मौके पर निरीक्षण तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूने भी सुरक्षित किए हैं।
दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा नियमों की जानकारी
अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारियों ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति भी जताई। हालांकि, खाद्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों और जांच प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले व्यापारियों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान जब खाद्य पदार्थों की बिक्री और मांग बढ़ जाती है, तब गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
इसके अलावा दुकानदारों से खाद्य सामग्री की साफ-सफाई, उचित भंडारण और गुणवत्ता बनाए रखने की अपील भी की गई।
कई दुकानदार दुकानें बंद कर हुए रवाना
अभियान के दौरान कुछ दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके मौके से चले गए। विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण जारी रखा।
खाद्य विभाग की छापेमारी के बाद खोया मंडियों में हलचल देखने को मिली। अधिकारियों की टीम ने उपलब्ध खाद्य पदार्थों की जांच की और जहां आवश्यक समझा गया, वहां नमूने एकत्र किए।
विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने कई स्थानों पर की जांच
इस अभियान में खाद्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। असिस्टेंट कमिश्नर फूड संजय प्रताप सिंह के साथ सहायक आयुक्त सुनील शर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पांडेय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार, संजय सिंह, पल्लवी शर्मा और आकांक्षा जायसवाल सहित राज्य सचल दल ने अभियान में भाग लिया।
टीम ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। साथ ही, आवश्यकतानुसार नमूने भी लिए गए।
त्योहारों को देखते हुए बढ़ाई गई निगरानी
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर मिठाइयों और खोया से बने उत्पादों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नियमित निरीक्षण और नमूना जांच जरूरी है।
कानपुर में शुरू किए गए इस अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग की कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
फिलहाल अभियान के दौरान लिए गए 19 नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित नमूनों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया है या नहीं।
यदि जांच में कोई नमूना निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, हटिया में मिले 450 किलो खराब खोए को मौके पर नष्ट कराया जा चुका है, जिससे उसके बाजार में बिक्री की संभावना समाप्त हो गई।
उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है सावधानी
त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर खोया और उससे बनी मिठाइयां खरीदते समय प्रतिष्ठित दुकानों से खरीदारी करना बेहतर माना जाता है।
इसके अलावा खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, पैकेजिंग और साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग को सूचना दी जा सकती है।
कुल मिलाकर, रक्षाबंधन से पहले कानपुर में खाद्य विभाग ने खोया मंडियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हटिया, एक्सप्रेस रोड और फजलगंज में निरीक्षण किया। हटिया में 450 किलो बदबूदार खोया नष्ट कराया गया, जबकि अब तक 19 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग की यह कार्रवाई त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

