फतेहपुर में 30 दिन से खराब पड़ा है ट्रांसफार्मर, अंधेरे में ग्रामीण; डीएम से बिजली संकट दूर करने की मांग
रिपोर्ट – रामचंद्र सैनी
फतेहपुर: जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत शाखा में बिजली की समस्या से ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। गांव में लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर और उसकी केबल में बार-बार खराबी आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली संकट का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके अलावा घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की जरूरतों में भी लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 30 दिन पहले बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) की ओर से नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया।
प्राथमिक विद्यालय के सामने लगा है ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के प्राथमिक विद्यालय के सामने 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। यह ट्रांसफार्मर आए दिन खराब हो जाता है। इसके साथ ही उससे जुड़ी केबल भी कई बार जल चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी केबल में खराबी आती है तो शिकायत के बाद उसकी मरम्मत कर दी जाती है। हालांकि, उनका आरोप है कि मरम्मत के कुछ ही समय बाद केबल दोबारा जल जाती है। इसके बाद बिजली आपूर्ति फिर बाधित हो जाती है और समस्या कई दिनों तक बनी रहती है।
इस कारण गांव के लोगों को बार-बार बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर की क्षमता या तकनीकी स्थिति में कोई समस्या है तो अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
30 दिन से नए ट्रांसफार्मर का इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की। शिकायत के बाद विभागीय अवर अभियंता की ओर से करीब 30 दिन पहले नया ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। इसके चलते गांव में बिजली आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए खराब ट्रांसफार्मर को जल्द बदला जाए। साथ ही बिजली आपूर्ति को नियमित करने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक तकनीकी कार्रवाई की जाए।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
लगातार बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने का असर गांव के बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम और रात के समय बिजली नहीं रहने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा समय में बच्चों की शिक्षा के लिए बिजली की सुविधा जरूरी है। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल के लिए भी बिजली की आवश्यकता होती है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली संकट रहने से विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा घरों में पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण भी नहीं चल पाते हैं। इससे परिवारों को विशेषकर गर्मी के मौसम में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
लाइनमैन पर मनमानी का आरोप
ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र में संबंधित लाइनमैन की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित लाइनमैन गांव में नियमित रूप से नहीं आता है और कई बार अपनी जगह बाहरी या निजी लोगों से बिजली संबंधी काम करवाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली लाइन ठीक करने या जोड़ने के नाम पर उपभोक्ताओं से अनुचित पैसे की मांग की जाती है। हालांकि, ये आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बार-बार जल रही केबल से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल में बार-बार खराबी आना भी बिजली संकट का बड़ा कारण है। केबल जलने के बाद उसकी मरम्मत की जाती है, लेकिन समस्या दोबारा सामने आने का आरोप है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि केबल बार-बार जल रही है तो विभाग को इसकी तकनीकी वजह की जांच करनी चाहिए। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर की क्षमता, लोड और लाइन की स्थिति की भी जांच जरूरी है।
यदि आवश्यक हो तो ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने या नई केबल लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित न हो।
ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।
उनकी मुख्य मांग खराब 100 केवीए ट्रांसफार्मर को बदलने और गांव में नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की है। इसके अलावा लाइनमैन की कार्यप्रणाली की जांच और शिकायत सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को समस्या का समाधान जल्द करना चाहिए, क्योंकि यह मामला केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और ग्रामीणों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बिजली संकट का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। हालांकि, फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से बातचीत और शिकायत के माध्यम से समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी की ओर से मामले का संज्ञान लेकर बिजली विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सामान्य की जा सकती है।
वहीं, ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसे समयबद्ध तरीके से बदलने की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
विभागीय कार्रवाई का इंतजार
फतेहपुर के ग्राम पंचायत शाखा में बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों ने अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचा दी है। अब ग्रामीणों की नजर बिजली विभाग की कार्रवाई पर है।
यदि विभाग जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदल देता है और केबल की समस्या का स्थायी समाधान करता है तो गांव में बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकती है। साथ ही लाइनमैन से जुड़े आरोपों की जांच के बाद स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। करीब एक महीने से चले आ रहे बिजली संकट के कारण लोगों में नाराजगी है। ऐसे में प्रशासन और बिजली विभाग की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।

