भूलेख कंप्यूटर ऑपरेटरों का 25 हजार रुपये मानदेय तीन साल से लंबित, कर्मचारियों में नाराजगी, पढ़िए क्यों
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: जिले की विभिन्न तहसीलों में कार्यरत भूलेख विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर पिछले कई वर्षों से बढ़े हुए मानदेय का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि राजस्व परिषद द्वारा वर्ष 2023 में 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किए जाने के बावजूद उन्हें आज भी मात्र 8 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है।
वेतन बढोतरी की आस में दर्ज़नो कंप्यूटर ऑपरेटर पिछले आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं
जानकारी के अनुसार जिले की सभी तहसीलों में करीब एक दर्जन कंप्यूटर ऑपरेटर पिछले आठ वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि शासन के स्पष्ट निर्देश जारी होने के बाद भी बढ़ा हुआ मानदेय लागू नहीं किया गया है।
ऑपरेटरों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर शासनादेश लागू कराने की मांग की थी। बताया जाता है कि संबंधित उपजिलाधिकारी ने भी प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन इसके बावजूद मामला अभी तक लंबित है।
राजस्व परिषद द्वारा वर्ष 2023 में 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय किया गया था निर्धारित
सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों ने अपने आवेदन के साथ राजस्व परिषद का वर्ष 2023 का परिषदादेश भी संलग्न किया है, जिसमें 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने का उल्लेख है। यह आदेश मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भी भेजा गया था।
कर्मचारियों का आरोप है कि फाइल लंबे समय से संबंधित पटल पर लंबित है, जिसके कारण शासन के आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर लंबित प्रक्रिया पूरी करेगा और उन्हें शासन के निर्देशानुसार बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।

