कानपुर की बर्रा पुलिस को मिली बड़ी सफलता: माफिया डॉन समझने वाले डिफाल्टर को किया गिरफ्तार – फिर सिखाया अच्छा सबक – तुरंत पढ़िए
Digital Up News Desk
कानपुर: शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस लगातार सक्रिय अभियान चला रही है। इसी क्रम में दक्षिण क्षेत्र की बर्रा थाना पुलिस ने कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से स्वयं को प्रभावशाली अपराधी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करते थे और युवाओं में भय का माहौल बनाने की कोशिश करते थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का क्षेत्र में पैदल मार्च कराया। इस दौरान पुलिस का उद्देश्य लोगों के बीच कानून के प्रति विश्वास मजबूत करना और यह संदेश देना था कि अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से सार्वजनिक रूप से लोगों से माफी भी मंगवाई गई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बढ़ी पुलिस की सतर्कता
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करीब सात महीने पहले दक्षिण कानपुर क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कुछ युवक हथियार जैसी वस्तुएं लहराते हुए स्वयं को बड़े अपराधियों की तरह प्रस्तुत कर रहे थे और कथित रूप से एक गैंग का नाम लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित युवकों की गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी। हालांकि, जांच आगे बढ़ ही रही थी कि इसी बीच एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक नाबालिग युवक के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया गया। इसके बाद बर्रा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से बाहर आने के बाद फिर सामने आए वीडियो
पुलिस के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद भी कुछ आरोपियों की गतिविधियों में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। जांच के दौरान ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें कथित रूप से एक अन्य युवक के साथ मारपीट की घटना दिखाई गई। इन वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दोबारा मामले का संज्ञान लिया।
इसी दौरान जनता नगर चौकी क्षेत्र में एक नाबालिग युवक पर पेचकस से हमला किए जाने का मामला भी सामने आया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिए और आरोपियों की तलाश शुरू कराई।
जनता नगर चौकी प्रभारी ने तैयार की रणनीति
मामले की जांच जनता नगर चौकी प्रभारी यशवीर सिंह को सौंपी गई। उन्होंने अपनी टीम के साथ आरोपियों की गतिविधियों का विश्लेषण किया और संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी।
पुलिस ने विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। हालांकि शुरुआती दिनों में कोई विशेष सफलता नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने लगातार प्रयास जारी रखे। अंततः मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अंश सिंह राठौर उर्फ अंशु डिफाल्टर दरोगा चौराहे के पास मौजूद है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसके अन्य साथी के संबंध में भी जानकारी मिली।
दूसरे आरोपी की भी हुई गिरफ्तारी
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जानकारी मिली कि अंशु डिफाल्टर अपने साथी अंश गौतम के साथ क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने सचान चौराहे के पास दैनिक जागरण स्कूल के निकट सब्जी मंडी क्षेत्र में घेराबंदी की।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई और संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
जनता में भरोसा कायम करने के लिए निकाला गया पैदल मार्च
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का शास्त्री चौक से बर्रा क्षेत्र तक पैदल मार्च कराया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और यह संदेश देना था कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही, आरोपियों से सार्वजनिक रूप से लोगों से माफी भी मंगवाई गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अंश सिंह राठौर उर्फ अंशु डिफाल्टर के खिलाफ बर्रा थाना क्षेत्र में दो, पनकी थाना क्षेत्र में एक तथा कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक मुकदमा दर्ज है।
वहीं, उसके साथी अंश गौतम के खिलाफ बर्रा थाना क्षेत्र में दो तथा किदवई नगर थाना क्षेत्र में एक मुकदमा दर्ज बताया गया है। पुलिस इन मामलों की भी जांच कर रही है और दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड का परीक्षण किया जा रहा है।
टीमवर्क से मिली सफलता
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रविंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में जनता नगर चौकी प्रभारी यशवीर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उप निरीक्षक मनीष कुमार शर्मा, उप निरीक्षक रूप किशोर तथा कांस्टेबल आनंद कुमार ने भी अभियान में सक्रिय योगदान दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में अपराध नियंत्रण के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर कानून का उल्लंघन करने वाले या आपराधिक छवि प्रस्तुत करने वाले किसी भी प्रकार के वीडियो साझा करने या ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से बचें।
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का जोर
कानपुर पुलिस का कहना है कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर निगरानी, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों की सूचना मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी और समाज में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।

