मथुरा में होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को राहत का भरोसा, प्रशासन ने नियमों में सरलीकरण और सहयोग का दिया आश्वासन

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा: मथुरा के होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट संचालकों की समस्याओं के समाधान तथा प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल एवं मथुरा वृंदावन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बीएसए इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, नियमों के सरलीकरण और समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा।

हाल की घटनाओं के बाद बढ़ी थी चिंता

हाल ही में लखनऊ और दिल्ली में हुई अग्निकांड की घटनाओं के बाद विभिन्न शहरों में होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में मथुरा के होटल एवं गेस्ट हाउस संचालकों के बीच भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ था।

व्यापारियों की इन्हीं आशंकाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि प्रशासन और व्यवसायियों के बीच सीधे संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जा सके।

व्यापारी उत्पीड़न लक्ष्य नहीं, मानकों का पालन जरूरी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न करना विभाग का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि जहां नियमों में व्यावहारिक सरलीकरण संभव होगा, वहां संबंधित विभाग सकारात्मक पहल करेंगे। हालांकि, सरकारी नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

इसलिए जिन प्रतिष्ठानों में आवश्यक कमियां हैं, उन्हें पूरा करने के लिए संचालकों को पर्याप्त समय दिया जाएगा ताकि वे निर्धारित मानकों का पालन कर सकें।

सभी विभाग मिलकर करेंगे सहयोग

मुख्य अतिथि नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने कहा कि प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापारियों को अधिकतम राहत देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे होम-स्टे, गेस्ट हाउस और पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए पर्यटन विभाग द्वारा सरल पंजीकरण प्रक्रिया लागू की गई है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिन व्यवसायियों को मानकों की पूर्ति के लिए समय चाहिए, उन्हें नियमानुसार पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठानों को व्यवस्थित करने में सुविधा मिलेगी।

अग्निशमन विभाग ने दी सुरक्षा संबंधी जानकारी

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कार्यक्रम के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि व्यवसायियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग देना है।

उन्होंने बताया कि विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके अलावा शासन स्तर पर भी ऐसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिनका लाभ होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक उठा सकते हैं।

नगर निगम ने भी दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

कार्यक्रम में मौजूद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त नीरज शर्मा ने कहा कि नगर निगम व्यापारियों के साथ सकारात्मक सहयोग की नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां भी नगर निगम की भूमिका होगी, वहां अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण सहयोग करेंगे ताकि व्यवसायियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता, भवन संबंधी आवश्यक प्रक्रियाओं तथा नगर निगम से जुड़े अन्य मामलों में विभाग व्यापारी हितों का ध्यान रखते हुए कार्य करेगा।

पर्यटन विभाग ने बताई रोजगार बढ़ाने वाली योजनाएं

पर्यटन विभाग के वरिष्ठ सहायक उमेश शर्मा ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे आवासीय भवनों को होम-स्टे के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने बेहद सरल पंजीकरण व्यवस्था लागू की है।

उन्होंने कहा कि इच्छुक नागरिक पर्यटन विभाग से संपर्क कर आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त रोजगार और आय के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, विभाग के पास पर्यटन आधारित कई अन्य योजनाएं भी उपलब्ध हैं जिनका लाभ व्यवसायी उठा सकते हैं।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल एवं होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी विभागीय अधिकारियों का दुपट्टा ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम का वातावरण सकारात्मक और संवादात्मक रहा, जहां अधिकारियों और व्यापारियों ने खुलकर अपने विचार साझा किए।

व्यापार मंडल ने संवाद को बताया सकारात्मक पहल

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार का संवाद प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि जब सभी संबंधित विभाग एक ही मंच पर उपस्थित होकर समस्याओं को सुनते हैं, तब समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।

उन्होंने भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि व्यवसायियों की समस्याओं का समय रहते समाधान हो सके।

होटल एसोसिएशन ने मांगा नियमों में व्यावहारिक सरलीकरण

मथुरा-वृंदावन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों से आग्रह किया कि होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के विरुद्ध सीधे कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें कमियां दूर करने का अवसर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यवसायी सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहते हैं। हालांकि, कई बार प्रक्रियाएं जटिल होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए नियमों में व्यावहारिक सरलीकरण और पर्याप्त समय मिलने से होटल एवं पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी।

बड़ी संख्या में शामिल हुए व्यवसायी

कार्यक्रम का संचालन नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री शशिभानु गर्ग ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मथुरा-वृंदावन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सचिव आर.बी. चौधरी ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर सुनील साहनी, गुरमुख दास, दिलीप पांडे, विजय चतुर्वेदी, राजन अग्रवाल, विकास जिंदल, राजा भोज, अश्वनी गर्ग, सौरभ चौधरी, सुनील वर्मा, श्रीभगवान चतुर्वेदी, अशोक अग्रवाल, रोहित चतुर्वेदी, बलवीर सिंह, पंकज चतुर्वेदी, सुधीर तोमर, रूद्रम चतुर्वेदी, देवी सिंह, ओंकार गौतम, किशन चंद शर्मा, पवन शर्मा, भगवान सिंह, कृष्ण गोपाल अग्रवाल सहित मथुरा और वृंदावन के सैकड़ों व्यापारी एवं होटल व्यवसायी उपस्थित रहे।

यह संवाद कार्यक्रम प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही व्यापारियों के हितों और व्यावहारिक समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

यदि भविष्य में भी इसी प्रकार का संवाद जारी रहता है, तो पर्यटन नगरी मथुरा-वृंदावन के होटल और आतिथ्य क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ-साथ व्यवसायियों और प्रशासन के बीच विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।

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