पलिया बस अड्डे पर हादसा बस की चपेट में आने से फैजान की मौत, दो साथी घायल
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
पलिया कलां, 25 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कलां स्थित बस अड्डे पर रविवार दोपहर एक सड़क हादसे में बस हेल्पर फैजान की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी घायल हो गए। घटना के बाद बस अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, फैजान की मौत से उसके परिवार में शोक छा गया। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फैजान ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर एम्बुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि फैजान की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया था, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने की वजह से उसे दूसरे अस्पताल ले जाने में देरी हुई। हालांकि, समय पर एम्बुलेंस मिलती तो फैजान की जान बच सकती थी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है।
बस अड्डे पर कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैजान पुत्र इसरार हुसैन पलिया बस यूनियन की एक बस पर हेल्पर के रूप में काम करता था। वह पलिया कलां के मोहल्ला पठान द्वितीय का निवासी था। रविवार दोपहर करीब एक बजे उसके साथी प्रिंस पुत्र दाताराम, निवासी पठान प्रथम, और वंश पुत्र अनिल, निवासी वाल्मीकि मोहल्ला, उसे स्कूटी से बस अड्डे छोड़ने पहुंचे थे।
इसी दौरान बस संख्या UP 31 T 8735 के चालक ने कथित तौर पर स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद फैजान बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, स्कूटी पर मौजूद उसके दोनों साथी प्रिंस और वंश भी चोटिल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने की कोशिश शुरू हुई।
सीएचसी में उपचार के दौरान फैजान की मौत
हादसे के बाद घायल फैजान को सिद्धू वाल्मीकि ऑटो की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फैजान को दोपहर करीब 1:15 बजे सीएचसी लाया गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
फैजान की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया था। हालांकि, उसे आगे के उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी। इस बीच उसकी हालत को लेकर चिंता बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
एम्बुलेंस की कमी को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, सीएचसी में केवल दो एम्बुलेंस होने की बात सामने आई है। बताया गया कि घटना के समय दोनों एम्बुलेंस अन्य सूचनाओं पर गई हुई थीं। ऐसे में गंभीर रूप से घायल फैजान को जिला अस्पताल ले जाने के लिए तत्काल एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क हादसों जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर एम्बुलेंस मिलना बेहद जरूरी है। खासकर गंभीर रूप से घायल मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में देरी उनकी स्थिति को और जटिल बना सकती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण मरीज को ले जाने में देरी होने की बात सामने आई है, लेकिन केवल इसी आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि समय पर एम्बुलेंस मिलने से फैजान की जान निश्चित रूप से बच जाती। इसके लिए चिकित्सकीय तथ्यों और घटना की विस्तृत जानकारी की आवश्यकता होगी।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही पलिया पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए फैजान के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। वहीं, हादसे में घायल प्रिंस और वंश का उपचार जारी है।
पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों और बस चालक की भूमिका से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, घटना ने बस अड्डे पर यातायात व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत
पलिया बस अड्डे पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत को सामने लाता है। व्यस्त बस अड्डों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। इसके साथ ही, हादसे की स्थिति में घायलों को प्राथमिक उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता की समीक्षा की जाए, ताकि किसी गंभीर मरीज को रेफर किए जाने पर परिवहन की व्यवस्था में अनावश्यक देरी न हो। इसके अलावा, बस अड्डों पर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को भी प्रभावी बनाने की जरूरत है।
फिलहाल, फैजान की मौत से परिवार और परिचितों में शोक है। वहीं, हादसे में घायल दोनों युवकों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस की जांच और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

